नये स्टार्टअप के लिए सरकार ने तैयार किया बेहतर ईकोसिस्टम

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देश की युवा पीढ़ी अपने लिए रोजगार खोजने की बजाय खुद का बिजनेस शुरू करे, इसके लिए सरकार ने दिल्ली में स्टार्टअप इंडिया समारोह आयोजित किया गया। इसमें नौकरशाहों के एक पैनल ने सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए स्टार्ट अप इंडिया मिशन का आयोजन किया। सरकार ने कहा कि वो चाहती है कि स्टार्ट अप आने वाले समय में नये रोजगार पैदा करें। सरकार का मानना है कि सिर्फ एक नये आइडिया से ही बिजनेस शुरू नही किया जा सकता और किसी भी कारोबार को शुरू करना किसी चक्रव्यूह से कम नहीं है। इसके लिए सरकार नियमों में ढील, टैक्स में छूट, समय पर रजिस्ट्रेशन आदि सुविधाए प्रदान करेगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव जे एस दीपक का कहना है कि "हालांकि स्टार्टअप को विभिन्न तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जैसे कारोबार शुरू करने के लिए अनुमति, टैक्स से जुड़े मामले, डिजिटल इंडिया के साथ कराधान विनिनियम, फंडिंग, स्टार्टअप शुरू करने के लिए मेंटोर जैसी परेशानियां होती है।" इसी मसले पर कॉरपोरेटर अफेयर सचिव तपन रे का कहना था "हमें कंपनियों के पंजीकरण का काम कुशलतापूर्वक करना होगा अभी तक हमें किसी भी कम्पनी को अंतिम रूप देने से पहले 39 नियमों का पालन करना पड़ता है," अब हम नई पहल के साथ इस काम को करेंगे और 24 घंटे के भीतर कंपनी रजिस्ट्रेशन से जुड़े काम पूरे करेंगे।

छोटे, लघु और मध्यम् उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने अगस्त में बताया था कि उनके मंत्रालय ने 652 जिलों का स्किल मैपिंग प्रोजेक्ट के तहत इंडस्ट्रियल प्रोफाइल तैयार कराया था। कलराज मिश्र के मुताबिक ये जानकारी किसी भी नये उद्यम के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है और कोई भी अपने कारोबार की जरूरत के अनुसार सबसे अच्छा स्थान का चयन कर सकता है।

छोटे, लघु और मध्यम् उद्योग मंत्रालय में सचिव डॉक्टर अनूप के पुजारी का कहना था कि "आप तब तक परेशान नहीं हो सकते जब तक आप ऐसा खुद ना चाहें। इसके लिये सबसे पहले जरूरी है कि अपनी समस्याओं को सही तरीके से रखा जाए तो उसका जवाब अपने आप मिल जाएगा।"

स्टार्टअप को बाजार की जटिलतओं से बचाने के लिए अपने कठोर नियमों में ढील देते हुए सेबी ने जून में घोषणा की, कि वह नये स्टार्टअप को आईपीओ लाने और निवेशकों को ऑनलाइन बोली लगाने के लिए पब्लिक ऑफर देगी। नये स्टार्टअप को इससे फंड जुटाने में आसानी होगी और आसान नियमों के साथ वह कंपनी को बाजार में लिस्ट करा सकता है।

नये सुधारों के तहत सेबी ने नये स्टार्टअप को वैकल्पिक पूंजी जुटाने का मंच प्रदान किया है। जिससे वह बाजार में ज्यादा पूंजी वाली संस्थाओं से फंड जुटा सके।

सेबी के सदस्य प्रशांत सरन के मुताबिक "हमारे पास स्टार्टअप के लिए एक विस्तृत योजना है। सेबी एक प्लेटफॉर्म है सेबी निजी इक्विटी फंड द्वारा समर्थित एक मंच है" जब उद्यमियों ने जानना चाहा कि छात्रों के लिए मेंटोंरशिप के लिए क्या व्यवस्था है तो विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय में सचिव आशुतोश शर्मा का कहना था कि "फिलहाल 70 तकनीक इन्क्यूबेटर हमारे साथ काम कर रहे हैं। इनकी मदद से हम स्कूल, कॉलेज,आईआईटी और दूसरी जगहों तक अपनी पहुंच बनाना चाहते हैं। हमने ज्यादा जोखिम और अच्छे खेल की योजना की शुरूआत की है। इससे ये पता चल सकेगा कि हमारा ये आइडिया कितना कारगर है।"

भारत सरकार स्टार्टअप के लिए बेहतर इकोसिस्टम बनाने की कोशिश कर रही है। इस मौके पर ये महत्वपूर्ण है कि देश के हर कोने में अनुकूल नीतियों को लेकर जागृति फैलाई जाए। क्योंकि अब भी टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में रहने वाले उद्यमी इस बात से अनभिज्ञ है कि सरकार उनके लिए कई तरह के मौके लेकर आई है।

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