सेना में जाने के लिए इस इंजिनियर ने छोड़ी मोटे पैकेज की नौकरी, बनीं ऑफिसर

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23 साल की अपर्णा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह सेना का हिस्सा बनकर देश की सेवा करना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ी। मूलरूप से यूपी गाजीपुर जिले की अपर्णा का परिवार अब वाराणसी में रहता है। 

माता-पिता के साथ अपर्णा
माता-पिता के साथ अपर्णा
उन्होंने 2017 में एसएसबी एग्जाम दिया और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। कड़ी ट्रेनिंग के बाद इसी महीने चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकैडमी में 10 मार्च को वह पासिंग आउट परेड में शामिल हुईं।

कॉर्पोरेट सेक्टर में लाखों के मौटे पैकेज को छोड़कर सेना की 'मुश्किल' जिंदगी को चुनने की बात आपको फिल्मी लग सकती है। लेकिन वाराणसी की रहने वाली अपर्णा राय ने समाज के सारे स्टीरियोटाइप्स को तोड़ते हुए पहले एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी खासी सैलरी वाली नौकरी छोड़ी और फिर इंडियन आर्मी में जाने की तैयारी की। मेहनत रंग लाई और सफलता भी मिली। अभी हाल ही में चेन्नई में पासिंग आउट परेड में शामिल होने के बाद वह आधिकारिक रूप से भारतीय सेना का हिस्सा बन गईं। अपर्णा अब किसी ऑफिस के काम करने वाली कर्मचारी नहीं बल्कि सेना में देश की सेवा करने वाली लेफ्टिनेंट अपर्णा हैं।

23 साल की अपर्णा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह सेना का हिस्सा बनकर देश की सेवा करना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ी। मूलरूप से यूपी गाजीपुर जिले की अपर्णा का परिवार अब वाराणसी में रहता है। उनके पिता अशोक राय वाराणसी के बिजनेसमैन हैं। अशोक ने कहा, 'मैं अपनी बेटी को सेना का हिस्सा बनते देखना चाहता था। पासिंग आउट परेड में अपर्णा को सेना की वर्दी में देखना हम सभी के लिए गौरव का क्षण था।'

वाराणसी के दाफी में रहने वाली अपर्णा ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी श्रीनगर से इंजीनियरिंग की उसके बाद उनकी नौकरी एक अमेरिकी कंपनी में लग गई। अच्छी सैलरी के बावजूद उन्हें इस नौकरी में संतुष्टि नहीं मिल रही थी। इसके बाद अपर्णा ने उस 'बोरिंग' नौकरी को छोड़ने का फैसला कर लिया। उनका मन सेना में जाने का हुआ। उन्होंने 2017 में एसएसबी एग्जाम दिया और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। कड़ी ट्रेनिंग के बाद इसी महीने चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकैडमी में 10 मार्च को वह पासिंग आउट परेड में शामिल हुईं।

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक टेक्निकल एंट्री की मेरिट लिस्ट में वह दूसरे स्थान पर थीं। अपर्णा की मां चिंतामणि राय एक गृहणी हैं। अपर्णा कहती हैं कि उनकी मां ने ही उनके अंदर भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करने का जज्बा पैदा किया। तीन भाई बहनों में अपर्णा सबसे छोटी हैं। उन्होंने दसवीं बोर्ड की परीक्षा में भी स्कूल टॉप किया था। इस बार की पासिंग आउट परेड इस लिहाज से भी खास थी क्योंकि इस बार ऑफिसर ट्रेनिंग अकैडमी के 55 साल के इतिहास में कैडेट प्रीति चौधरी ने 200 पुरुषों को पीछे छोड़ते हुए टॉप किया और स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल किया।

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