ट्रैवल के शौकीनों का काम आसान करने वालीं सबीना चोपड़ा

आप भी जानें कैसे शुरू हुआ था Yatra.com

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जाहिरन तौर पर, एक ही समय में हम घुमक्कड़ और शरणार्थी नहीं बनना चाहते। कहां घूमना है और कहांं ठहरना है, ये चिंता बनी रहती है। हमें लगता है कि कितना अच्छा होता अगर हम पहले से ही अपने ट्रैवेल की सारी प्लानिंग कर लें। लोगों की इसी जरूरत को पूरा करने के लिए अगस्त 2006 में सबीना चोपड़ा और उनके सहयोगी मनीष अमीन और ध्रुव श्रिंगी ने 'यात्रा.कॉम' की शुरुआत की।

साभार: सोशल मीडिया
साभार: सोशल मीडिया
सबीना के मुताबिक, हम यात्रियों की जरूरत के मुताबिक सेवा देते हैं और यात्रियों से एक लगाव बनाए रखने की कोशिश करते हैं। जिससे वो अगले ट्रिप के लिए हमारे पास ही वापस आते हैं। यात्रा से जुड़े हरेक सदस्य की मदद से ही आज हम यहां तक पहुंच सके।

ग्राहक यात्रा.कॉम को कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि, वेबसाइट, मोबाइल, मोबाइल एप्लीकेशन, 24/7 विभिन्न भाषाओं में ग्राहक सेवा केन्द्र इत्यादि के जरिये। इसके आलावा देशभर में यात्रा के कई ट्रैवल एक्सप्रेस स्टोर्स और प्रतीक्षालय हैं। यात्रा.कॉम सभी मशहूर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जगहों के लिए बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। 

हरेक यात्रा घर से पहला कदम निकालते ही शुरू होती है और घर की यादों पर आकर खत्म हो जाती है। किसी भी यात्रा में प्लानिंग सबसे कठिन होती है जो काफी उम्मीदों और आशाओं के साथ की गई होती है। हालांकि ज्यादा आशावान होना भी इसमें स्वाभाविक अड़चने पैदा कर सकता है। एक ही समय में हम घुमक्कड़ और शरणार्थी नहीं बनना चाहते। कहां घूमना है और कहां ठहरना है ये चिंता बनी रहती है। हमें लगता है कि कितना अच्छा होता अगर हम पहले से ही अपने ट्रैवेल की सारी प्लानिंग कर लें। 

लोगों की इसी जरूरत को पूरा करने के लिए अगस्त 2006 में सबीना चोपड़ा और उनके सहयोगी मनीष अमीन और ध्रुव श्रिंगी ने 'यात्रा.कॉम' की शुरुआत की। तब से लेकर अब तक खुशियों भरा सफर रहा है। 'यात्रियों को खुश करना’ इसी लक्ष्य के साथ इस शुरूआत हुई। सबीना के मुताबिक, हम यात्रियों की जरूरत के मुताबिक सेवा देते हैं और यात्रियों से एक लगाव बनाने में भरोसा कायम रखने के लिए आश्वस्त करते हैं जिससे वो अगले ट्रिप के लिए हमारे पास ही वापस आता है. यात्रा से जुड़े हरेक सदस्य की मदद से ही आज हम यहां तक पहुंच 

सबीना रिचर्ड ब्रैनसन और ओपरा विन्फ्रे जैसे जिम्मेवार और स्वतंत्र उद्मियों से बेहद प्रभावित थीं। सबीना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए किया है। उनके पास ट्रैवल बीपीओ, अवीवा और हेविट एसोसिएट्स जैसी जगहों पर काम करने का 24 सालों का लम्बा अनुभव है। उन्होंने भारत से संचालित ई बुक ऑपरेशन, यूरोप की बड़ी ऑनलाइन ट्रैवलिंग कंपनी और सेल्स टीम की अगुवाई की। उनकी अगुवाई में 6 महीने से भी कम समय में ही टारगेट दोगुना हो गया। उनके पास भारतीय में यात्रा करने वाले लोगों क बीच एक बड़ा नेटवर्क है, जिसका मजबूत पक्ष ग्राहक सेवा देना और उसकी देखभाल करना है। यह सूची लम्बी होती जा रही है। हमेशा शिखर पर बने रहो और लहरों के साथ सफर करने वाला बनो। सबीना जोर देते हुए कहती हैं, राह में बिना बाधाओं के सफलता हासिल नहीं की जा सकती और हमने उनमें से अपने हिस्से का सामना किया। जब हमने शुरूआत की तब स्टार्ट अप बिल्कुल नये दौर में था। इसी प्रकार उचित प्रतिभाओं को चुनना सबसे बड़ी चुनौती थी। जो तकनीक हमने चुनी उसे लागू करना भी एक चुनौती थी। इसका मतलब ये है चुनौतियां आपको मजबूत बनाती हैं।

यात्रा.कॉम का लोगो
यात्रा.कॉम का लोगो

मर्फी का एक नियम है “जो गलत हो सकता है, वो गलत होगा”। सबीना ये कहते हुए सचेत रहती हैं कि हर किसी को चुनौतियों पर जीत के लिए सजग रहना चाहिए। हर एक चुनौती को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए औऱ कभी नाकामियों से घबराना नहीं चाहिए”। एक संस्थान के तौर पर हम बहुत पारदर्शी हैं और भरोसा देते हैं कि कंपनी हमारी बिजनेस पॉलिसी को समझेगी। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को मैनेज करने में सबीना थोड़ी दार्शनिक हैं। ‘नियंत्रण’ और ‘प्राथमिकता’ उनका मूल मंत्र है। 

वो कहती हैं कि जिन्दगी कोई मशीनी ज्ञान नहीं है, जिसे महज एक रसायनिक फॉर्मूले से बताया जा सके, लेकिन आपको इसे सावधानी पूर्वक ठीक करना, अपनाना और आगे बढ़ाना होता है। ख्याति लोगों से फैलती है। आज के दौर का उपभोक्ता रटवेलर की तरह है, जो खाता पहले है और पूछता बाद में। आधुनिक युग के उपभोक्ता के पास अधिकार भी हैं और वो जागरूक भी है। इन सबको साथ लेकर चलना आसान नहीं, लेकिन यात्रा इसे खूबसूरती से मैनेज करती है। हमेशा यही सोच रही कि हमारे पास जो भी ग्राहक आये, उसे यादगार यात्री होने का अनुभव देना है। हम यात्री को खुश करने में यकीन रखते हैं।

साभार: सोशल मीडिया
साभार: सोशल मीडिया

एक कहावत है “आप आज जहां है, वही तय करेगा कि आप भविष्य में कहां होंगे”। गुड़गांव से चलने वाली यात्रा आज मेट्रो शहरों में अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है और आने वाले भविष्य में इस सेवा को भारत और ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंचाने की इच्छा है। यह उपभोक्ताओं को यात्रा सेवा पहुंचाने में अग्रणी है। भारत में घरेलू टूर ऑपरेटर के तौर पर जबरदस्त प्रदर्शन, जम्मू कश्मीर में घरेलू टूर ऑपरेटर के तौर पर जबरदस्त प्रदर्शन जैसे खिताब और सम्मान यात्रा को मिले।

पिछले 8 सालों में तीन अधिग्रहण हुए जिसमें साल 2010 में मशहूर टिकट सर्विस इंटनेशनल, ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम देने वाले MagicRooms.in और साल 2012 में भारतीय इवेंट औऱ एंटरटेनमेंट पोर्टल शामिल हैं। साल 2012 में ही इसने ट्रैवल गुरू का 100 फीसदी अधिग्रहण कर लिया। यात्रा.कॉम भारत के 50,176 होटलों में और दुनियाभर में 5 लाख होटलों में रिजर्वेशन की सुविधा उपलब्ध कराता है। 20000 हजार घरेलू टिकट औऱ 7500 होटल औऱ होली डे पैकेज के जरिये कंपनी ने नया मकाम बनाया है।

ग्राहक यात्रा को कई तरह से चालू कर सकते हैं, जैसे कि, वेबसाइट, मोबाइल, मोबाइल एप्लीकेशन, 24/7 विभिन्न भाषाओं में ग्राहक सेवा केन्द्र इत्यादि के जरिये। इसके आलावा देशभर में यात्रा के कई यात्रा ट्रैवल एक्सप्रेस स्टोर्स औऱ प्रतीक्षालय हैं। यात्रा.कॉम सभी मशहूर राष्ट्रीय और अंतर्राषट्रीय जगहों के लिए बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। शौकिया यात्रा करना एक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, यात्रा.कॉम इस सुबह को वास्तव में बहुत सूरज के चमकते उजाले की तरह देखता है।

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