नये डिजाइनरों को मिला प्लेटफॉर्म, जहां बेच सकते हैं खुद के डिजाइन किये कपड़े

जून, 2015 में शुरू हुआ ‘बुटिकऑनकार्ट’2सौ रुपये से लेकर 10हजार रुपये तक के मिलते हैं कपड़ेडिजाइनर खुद बन सकते हैं ब्रांड

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“मुझे ऐसा लगता था कि मैं लोगों को बता सकती हूं कि वो किस चीज को कैसे पहनें। मैं उनके लिए वैसे कपड़े डिजाइन कर सकती हूं जो उन पर अच्छे लगते हैं।” ये कहना है ‘बुटिकऑनकार्ट’ की संस्थापक और फैशन डिजाइनर आरती मिश्रा का। आज आरती अपने स्टार्टअप के जरिये ना सिर्फ अपने डिजाइनिंग के शौक को पूरा कर रही हैं बल्कि वो नये नये डिजाइनरों को अपने साथ जोड़ उनकी राह असान बना रही हैं।

आरती ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से फैशन डिजाइनिंग में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। लेकिन वो इस क्षेत्र में अपना करियर बनाती उससे पहले ही उनकी शादी हो गई। शादी के बाद आई पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद आरती ने फैशन डिजाइनिंग के अपने शौक को मरने नहीं दिया। तब उनके पति ने सलाह दी की उन्होने जिस चीज को लेकर पढ़ाई की है वो बर्बाद नहीं जानी चाहिए। उसी बात को ध्यान में रखते हुए आरती मिश्रा ने ‘बुटिकऑनकार्ट’ की स्थापना की।

आरती के मुताबिक आज के दौर में जितने भी प्रोफेशन हैं उनमें सफलता पाने के लिए एक रोड मैप होता है। यही वजह है कि उस क्षेत्र में काम करने वाले इंसान को पता होता है कि वो आगे जाकर क्या बन सकता है। लेकिन डिजाइनिंग के क्षेत्र में ऐसा नहीं है। इस क्षेत्र में डिजाइनर के लिए कोई रोड मैप नहीं है। उनका कहना है कि लोग शौकिया तौर पर इस क्षेत्र में आ तो जाते हैं लेकिन उनको ये पता नहीं होता कि इस काम को आगे कैसे बढ़ायें। इसलिए फैशन डिजाइनिंग का कार्स करने के बाद कुछ लोग फ्रीलांस के तौर पर काम करते हैं, या फिर किसी बड़े डिजाइनर के साथ जुड़ जाते हैं या अपना छोटा सा बुटिक खोल लेते हैं जो सिर्फ मौहल्ले में चलता है। ऐसे में वो जो कर सकते थे नहीं कर पाते और उनकी पहचान सिमट कर रह जाती है।

आरती का कहना है कि “नये डिजाइनरों की इसी दिक्कत को देखते हुए मैंने सोचा कि क्यों ना एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए जो फैशन डिजाइनर के लिए फायदेमंद हो। जहां पर वो अपने तैयार किये डिजाइन का ऑनलाइन प्रदर्शन करे और ऑर्डर मिलने पर वो उसको डिलिवर भी करें।” वो बताती है कि इस काम को कोई भी अपने घर में बैठकर कर सकता है। इतना ही नहीं उनके इस प्लेटफॉर्म में फैशन डिजाइनिंग सीख रहे दूसरे और तीसरे साल के छात्र भी जुड़ सकते हैं। ‘बुटिकऑनकार्ट’ पर डिजाइनर अपने ब्रांड के तहत समान बेच सकते हैं। ऐसे में उनको किसी खास ब्रांड या कपंनी के लिए काम करने की जरूरत नहीं होती। जिसके बाद कोई भी नया डिजाइनर ये बता सकता है कि फलां डिजाइन के कपड़े उसने डिजाइन किये हैं। इससे डिजाइनर को अलग पहचान तो मिलती ही है साथ ही उसका अपना बाजार भी तैयार होता है।

‘बुटिकऑनकार्ट’ की शुरूआत इस साल मई में हुई थी। इलाहाबाद की रहने वाली आरती बताती हैं कि उनके इस प्लेटफॉर्म में दिल्ली, मुंबई, सूरत, इलाहाबाद और दूसरे शहरों के डिजाइनर मौजूद हैं। आज इनकी वेबसाइट को हर रोज 50 से ज्यादा लोग हिट करते हैं। कंपनी की आय के बारे में आरती का कहना है कि वो डिजाइनरों के कपड़े मुफ्त में प्रदर्शित करती हैं लेकिन किसी भी डिजाइनर के कपड़ों की ब्रिकी होने पर वो उससे एक तय रकम लेती हैं। इसमें कोरियर, स्थानीय टैक्स और दूसरी तरह के सभी दाम शामिल होते हैं।

आरती की योजना फैशन डिजाइनिंग के विभिन्न इंस्टिट्यूट के छात्रों को भी अपने साथ जोड़ने की है। इसके अलावा इस बेवसाइट में ब्लॉग लिखने के लिए एक खास जगह बनाने पर काम चल रहा है जहां पर कोई भी व्यक्ति डिजाइनिंग से जुड़ा ब्लॉग लिख सकता है और किसी डिजाइन पर अपने कमेंट कर सकता है। आरती का कहना है कि “मैं चाहती हूं कि ये ऐसा प्लेटफॉर्म बने जहां पर फैशन डिजाइनर के लिए हर चीज उपलब्ध हो।” वो बताती हैं कि ये नये डिजाइनरों के लिए शुरू किया गया प्लेटफॉर्म है। जिसका हिस्सा बनने के लिए किसी भी डिजाइनर को एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है जिसके बाद आरती और उनकी टीम किसी नये डिजाइनर के डिजाइन को देखती है कि वो किस स्तर का है। जिसके बाद उस डिजाइन को ब्रिकी के लिए लिए वेबसाइट पर रख दिया जाता है। इसके अलावा ‘बुटिकऑनकार्ट’ से जुड़ने की और कोई दूसरी शर्त नहीं होती है। किसी भी उत्पाद का दाम डिजाइनर की तय करता है। इसमें डिजाइनर को पूरी तरह छूट है कि वो ‘बुटिकऑनकार्ट’ में किस तरह के कपड़े डालना चाहता है जैसे इंडियन, वेस्टर्न या फिर फंकी स्टाइल। इसमें किसी तरह की कोई रोक टोक नहीं होती लेकिन डिजाइनर को ध्यान रखना होता है कि उसके डिजाइन किये उत्पाद ग्राहकों को पसंद आएं और वेबसाइट के मुताबिक हों।

‘बुटिकऑनकार्ट’ में मिलने वाले कपड़ों के दाम दो सौ रुपये से शुरू होकर 10 हजार रुपये तक मिलते हैं। इतना ही नहीं ऑर्डर की डिलीवरी के बाद आरती खुद हर ग्राहक को फोन कर उनकी प्रतिक्रिया जानती हैं। आरती के मुताबिक ‘बुटिकऑनकार्ट’ में यूं तो महिलाओं से जुड़े हर तरह के कपड़े मिल जाएंगे लेकिन सबसे ज्यादा डिमांड इंडियन कपड़ों की होती है। इसके अलावा कोई ग्राहक चाहे कि उसके लिए कुछ खास तरह के कपड़े डिजाइन किये जाएं तो ये उनकी डिमांड पर भी कपडे डिजाइन करती हैं। अब भविष्य में इनकी योजना पुरुषों के लिए भी डिजाइनर कपड़ों पर काम करने की है।

Website : www.boutiquesoncart.com