स्पाइडर मैन और हल्क जैसे सुपरहीरो को बनाने वाले स्टैन ली का निधन

अपने चाहने वालो को बहुत प्यार करते थे स्टैन ली 

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आधुनिक मनोरंजन जगत के लिए 'स्पाइडरमैन', 'एक्समैन', 'द फैंटास्टिक फोर', 'द एवेंजर्स', 'ब्लैक पैंथर' जैसे पात्रों का सृजन करने वाले स्टैन ली का कल लॉस एंजेलिस के एक अस्पताल में निधन हो गया। ली ने वर्ष 2013 में अपनी पहली भारतीय सुपरहीरो फिल्म 'चक्र' बनाई थी। वह अपने चाहने वालों को बहुत प्यार करते थे।

स्टैन ली
स्टैन ली
किशोर रहते ही ली मार्वल कॉमिक्स से जुड़ गए थे और आखिरी वक्त तक कॉमिक्स से जुड़े रहे। उन्हें 'मार्वल' कॉमिक्स के निर्माता के साथ-साथ कॉमिक्स के इतिहास का सबसे महान व्यक्ति माना जाता है। 

'एक्समैन', 'एवेंजर्स' और 'ब्लैक पैंथर' के निर्माता 95 वर्षीय स्टैन ली नहीं रहे। उनका 12 नवंबर को लॉस एंजेलिस के अस्पताल में निधन हो गया। इसी साल फरवरी में जब इलाज के बाद अस्पताल से घर लौटे थे तो उन्होंने कहा था कि 'अब वह बेहतर महसूस कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि मैंने वह शाम अस्पताल में बिताई। मुझे अच्छा महसूस हुआ और संभवत: यह मेरे प्रशंसकों के लिए भी अच्छा रहा। उस शाम मुझे उनका बेहद सहयोग मिला, लेकिन मैं अब बेहतर महसूस कर रहा हूं और मैं वापस जाकर सभी प्रतिस्पर्धात्मक उलझनों में पड़ने का और इंतजार नहीं कर सकता।' उस समय ली को दिल की धड़कन अनियमित होने और सांस लेने में दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ली ने अपना करियर 1939 में शुरू किया था और 'मार्वल' कॉमिक्स से वे 1961 से जुड़े थे। स्टेन ली पूरा नाम (स्टेन ली मार्टिन लाईबर) था। इनका जन्म 28 दिसम्बर 1922 न्यूयॉर्क में हुआ था। उनकी मां का नाम सेलिया तथा पिता का नाम जैक था। वह एक यहूदी परिवार में जन्मे थे।

लेखक, अभिनेता, निर्माता, प्रकाशक, संपादक स्टेन ली ने कई सुपरह्युमन पर आधारित फिल्में बनाईं तथा उन सबके अलावा कई पुस्तकों, हास्य पुस्तकों तथा उपन्यासों की भी रचना की। उनकी बेटी बताती हैं कि उनके पिता अपने सभी प्रशंसकों को बहुत प्यार करते थे। वह महान और बहुत ही सभ्य और सौम्य व्यक्ति थे। उन्होंने 1961 में दि फैंटास्टिक फोर के साथ मार्वल कॉमिक्स की शुरुआत की थी। बाद में इसमें स्पाइडर मैन, एक्स मैन, हल्क, आयरन मैन, ब्लैक पैंथर, थोर, डॉक्टर स्टैंज और कैप्टन अमेरिका जैसे किरदार शामिल किए गए। इन किरदारों पर बाद में फिल्में भी बनीं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर भी जमकर धमाल मचाया। मार्वल की अब तक की लगभग हर फिल्म में स्टेन ली ने कैमियो रोल किया। कॉमिक्स के अलावा ली ने फिल्मों में स्क्रीनप्ले भी लिखे थे। ली की कॉमिक्स के पूरी दुनिया में दीवाने हैं।

किशोर रहते ही ली मार्वल कॉमिक्स से जुड़ गए थे और आखिरी वक्त तक कॉमिक्स से जुड़े रहे। उन्हें 'मार्वल' कॉमिक्स के निर्माता के साथ-साथ कॉमिक्स के इतिहास का सबसे महान व्यक्ति माना जाता है। उन्होंने 'स्पाइडरमैन', 'एक्समैन', 'द फैंटास्टिक फोर', 'द एवेंजर्स' और कई अन्य पात्रों का सह-निर्माण किया। उन्होंने उस वक्त रंग बिरंगे कॉमिक्स का इजाद किया, जिस वक्त ब्लैक एंड व्हाइट कार्टून्स आया करते थे। सुपरहीरोज कैरेक्टर बनाकर वो बच्चों के चहेते बन गए। 'वॉल्ट डिज्नी कंपनी' के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बॉब आइगर ने एक बयान में कहा है कि स्टेन ली अपने बनाए किरदारों की तरह ही असाधारण थे। 1961 में स्टैन ने फैंटेस्टिक फोर के साथ मार्वल कॉमिक्स की शुरुआत की थी। स्पाइडर मैन, आयरन मैन, ब्लैक पैंथर, हल्क और एवेंजर्स जैसे सुपरहीरोज मार्वल के को-क्रिएटर स्टैन ली के ही दिमाग के उपज थे। पिछले साल ही उनकी पत्नी जॉन का निधन हो गया था।

स्टेन ली ने वर्ष 2013 में अपनी पहली भारतीय सुपरहीरो फिल्म 'चक्र' बनाई थी। कार्टून नेटवर्क, ग्राफिक इंडिया एवं पाओ इंटरनेशनल की साझेदारी में बनने वाली फिल्म चक्र : द इंविंसिबल को कार्टून नेटवर्क पर लांच किया गया। उन्होंने उस वक्त कहा था कि वह इसे लांच करने को लेकर काफी उत्साहित हैं। फिल्म एक युवा भारतीय राजू राय की कहानी है, जो मुंबई में रहता है। राजू और उनके मार्गदर्शक डॉ. सिंह एक ऐसी तकनीकी पोशाक विकसित करते हैं, जिसे पहनने से शरीर के रहस्यमयी चक्र सक्रिय हो जाते हैं। कॉमिक किंवदंती स्टैन ली ने भारतीय बाजारों के लिए इस सुपरहीरो की रचना की, जो लिक्विड कॉमिक्स पर काम कर रहे भारतीय कलाकारों और लेखकों की एक टीम के साथ करार हुआ था।

एक प्रौद्योगिकी प्रतिभाशाली युवक राजू राय के माध्यम से ली मानव क्षमता के रहस्यों की पर्ते खोलने के लिए विज्ञान का उपयोग करते हैं। कहानी बताती है कि राजू एक तकनीकी रूप से बढ़ाया गया सूट विकसित करता है, साथ ही नई क्षमताओं और शक्तियों को अनवरोधित करता है। आज की दुनिया में स्टैन ली सबसे मशहूर कथाकारों में से एक रहे, जिसने उन प्रतिष्ठित पात्रों की रचना की, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर अरबों डॉलर कमाए और लगभग हर आदमी, महिला और बच्चा उन सुपरहीरो को जानता है। स्टेन के अद्वितीय अनुभव को भारत में सुपर हीरो शैली लाने का मौका दिया गया और स्थानीय प्रतिभाओं के साथ सहयोग करके उन्हें एक नया भारतीय चरित्र बनाने में मदद की, जो कि जीदंगी का सपना रहा है।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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