इंटरनेट ऑफ थिंग्स के विकास के लिए नासकॉम 10,000 स्टार्टअप-इविकैंप एक साथ

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नासकॉम 10,000 स्टार्टअपों ने इविकैंप के साथ मिलकर देश के स्टार्टअप माहौल में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) अभियान को गति देने के लिए एक गठबंधन बनाया है। यह अभियान इविकैप वेंचर्स की पहल पर शुरू किया गया है।

नासकॉम ने एक बयान में कहा कि यह पहल स्टार्टअपों, निवेशकों, प्रशिक्षकों और उद्योग इकाइयों को आपस में जोड़ेगी और साथ मिलकर काम करने में मदद करेगी। इविकैंप का मंच औद्योगिक भागीदारों को उद्यमियों के साथ संपर्क मुहैया कराएगा जिससे आईओटी कारोबार को गति दी जा सके।

इस पहल का महत्वपूर्ण केंद्र है कि हर साल एक सालाना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जहां आईओटी से जुड़े सभी हितधारक शिरकत करेंगे। ऐसा पहला कार्यक्रम एक जुलाई को मुंबई में आयोजित होना है। (पीटीआई)

क्या है आईओटी 

सिस्को की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) का दायरा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। आज जहाँ दुनिया 15 बिलियन उपकरणों का उपयोग कर रही हैं, वहीं आईओटी के कारण 2020 में 50 बिलियन उपकरणों का उपयोग कर पाएगी। ग्लोबल आईओटी मार्केट जो आज 655.8 बिलियन डॉलर का है, संभावना है कि 2020 में 1.7 ट्रिलियन तक पहुँच जाएगा।

इससे अंदाज़ा होता है कि आईओटी में ख़ूब अवसर हैं। अब भी अपने आपको आईओटी से जोड़ने में देर नहीं हुई है। आज भारत जैसे देश में कई समस्याएँ हैं, जो हल नहीं हुई हैं, आईओटी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारत में 10 से 24 वर्ष आयु वर्ग के बीच 356 मिलियन की जनसंख्या है। उनकी कई समस्याएँ हैं, उन्हें हल करने के लिए आईओटी द्वारा काफी कुछ किया जा सकता है।

आईओटी है क्या...दर असल यह टेक्नोलॉजी से ऐसा नेटवर्क बनाना है, जिससे लोगों के बीच संचार बनाना है। एक तरह से यह कई सारे काम,कला तथा विभिन्न उद्देश्यों के लिए काम कर रहे लोगों को इंटरनेट द्वारा जोड़ना है, ताकि समस्याओं के हल के कई विचार और ज़हन मिलकर काम कर सकें।