सिर्फ 45 दिनों में 53000 डाउनलोड,17 हजार उपभोक्ताओं तक पहुंचने में सफल रहा 'व्योमो'

आॅन-डिमांड सैलून और सौंदर्य सेवाओं को उपलब्ध करवाने वाला आॅनलाइन मंच है ‘व्योमो’...सौंदर्य विशेषज्ञों के अलावा उपयोगकर्ता को स्प इत्यादि बुक करवाने की सुविधा भी करवाते हें उपलब्ध...लंदन बिजनस स्कूल के दो सहपाठियों अभिनव खरे और पूनम मारवाह के दिमाग की उपज है यह स्टार्टअप...अबतक दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर में 3000 से अधिक सैलून और स्पा के अलावा 1500 स्टाइलिस्टों को जोड़ चुके हैं अपने साथ...

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भारत में बीते छः से आठ महीनों के समय में आॅन-डिमांड की अवधारणा अप्रत्याशित रूप से लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करते हुए उनमें एक स्थान बनाने में सफल रही है। समय की कमी के चलते या फिर सुविधा और आपूर्ति में सुधार और बेहतरीन आपूर्ति का चैनल कारण चाहे जो भी रहे लेकिन उपभोक्ताओं के बीच ड्राईवरों, दर्जियों, प्लंबरों, तकनीशियनों इत्यादि की सेवाओं को पाने के लिये आॅन-डिमांड सेवाओं का चलन लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

इन सेवाओं के अलावा वर्तमान समय में सौदर्य और तंदुरुस्ती से संबंधित सेवाओं की मांग में काफी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है और 4.8 बिलियन के इस मौके में से अपने हिस्से पर हक जमाने के लिये कई स्टार्टअप दिनोंदिन सामने आते जा रहे हैं। वैनिटीक्यूब और बुलबुल के बाजार में पांव जमाने के बाद अब बैंगलोर आधारित Vyomo (व्योमो) ने सैलून और सौंदर्य सेवाओं के इस आॅन-डिमांड के खंड में कदम रखा है।

यह स्टार्टअप लंदन बिजनस स्कूल के दो सहपाठियों अभिनव खरे और पूनम मारवाह के दिमाग की उपज है जिन्होंने सौंदर्य पेशेवरों और उपभोक्ताओं दोनों के लिये ही एक संपूर्ण समाधान बनने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए व्योमो की स्थापना की। अपने इस स्टार्टअप के बारे में बताते हुए इसके संस्थापक और सीईओ अभिनव खरे कहते हैं,

"हम आपको आपकी पसंद के सैलून में समय बुक करने की आजादी देने के अलावा सैलून को आपके घर पर ही लाने की भी सुविधा प्रदान करते हैं। सौंदर्य से संबंधित हर प्रकार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये हमारे पास एक मोबाइल एप्लीकेशन है।"

मशहूर क्रिकेटर युवराज सिंह द्वारा समर्थित यह कंपनी मई 2015 में अपनी पहली मोबाइल एप्लीकेशन लेकर आई और अप्रत्याशित रूप से पहले 45 दिनों में ही 53 हजार उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ने में सफल रही। ‘व्योमो’ उपभोक्ताओं की मौजूदा स्थिति के आधार पर उन्हें मात्र कुछ ही क्षणों में अपने आसपास के सैलून और स्पा को खोजने में मदद करने के अलावा सेवाओं के बददले ली जाने वाली कीमतों की तुलना करने, पूर्व में सेवाओं का लाभ उठा चुके उपभोक्ताओं की समीक्षाओं से गुजरने और पसंद आने पर तुरंत ही सेवा को बुक करने में मदद करते हैं।

अगर एव उद्यमी के नजरिये से देखें तो इस स्टार्टअप ने अबतक दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर में 3000 से अधिक सैलून और स्पा के अलावा 1500 स्टाइलिस्टों को अपने साथ सफलतापूर्वक जोड़ा है। इनका दावा है कि इनकी इस एप्प को डाउनलोड करने वालों में से लगभग 30 प्रतिशत लोग जिनकी संख्या करीब 17 हजार के आसपास बैठती है वास्तव में ‘व्योमो’ की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

मात्र 2 महीने के छोटे से समय में इस पैमाने को हासिल करने के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर अभिनव कहते हैं, ‘‘मुख्यतः हमने स्टाइलिस्टों और सौदर्य पेशेवरों को उनके मौजूदा वेतन के 10 हजार रुपये में अपने साथ जोड़ने के स्थान पर उन्हें राजस्व साझा करने वाले माॅडल पर फ्रीलांसिंग करने वाले स्टाइलिस्टों के रूप में जोड़ा। हमारा यह कदम उनके जीवन को बदलने वाला साबित हुआ और कई मामलों में तो उनकी मासिक आय 50 हजार रुपयों से भी अधिक तक पहुंच गई। हमारे इस माॅडल के चलते कई स्टाइलिस्ट हमारे साथ जुड़ने के लिये आगे आए।’’

इसके अलावा एक-दूसरे से मौखिक रूप से की जाने की बड़ाई ने ‘व्योमो’ के लिये बहुत अच्छा काम किया। अभिनव आगे कहते हैं, ‘‘कई बार तो ऐसा होता है कि एक पूरा का पूरा परिवार या फिर दोस्तों का एक पूरा समूह एक साथ ही संभालना पड़ता है।’’

अभिनव मानते हैं कि उपभोक्ताओं से मिलने वाली प्रतिक्रिया इस व्यवसाय में सफल होने के लिये बहुत आवश्यक है। वे कहते हैं,

‘‘हम काॅल सेंटर के माध्यम से होने वाली प्रत्येक बातचीत के दौरान उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियों से रूबरू होने का प्रयास करते हैं और अपने लक्षित उपभोक्ताओं की जानकारी हासित करने के लिये व्यापक सर्वेक्षण आयोजित करते रहते हैं। हमारे इसी डाटा-लक्षित उपभोक्ता केंद्रित ध्यान के चलते हम ‘व्योमो 3.0 को डिजाइन कर पाये। हम अपने उपभोक्ता के अनुभव के संपूर्ण जीवन-चक्र पर एक विस्तृत प्रभाव छोड़ना चाहते हैं और इसी दिशा में कमद बढ़ाते हुएए हमनें डोर-स्टेप सेवाएं भी प्रारंभ की हैं।’’
अभिनव खरे
अभिनव खरे

भोजन और स्वास्थ्य के अलावा सौंदर्य सेवा के क्षेत्र वह इकलौता और मुख्य क्षेत्र है जहां लोग आंखें मूंदकर अच्छी खासी रकम खर्च करने के लिये तैयार रहते हैं। भारत में औसतन एक महिला प्रतिमाह अपने रूप और सौंदर्य पर 2000 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक खर्च कर देती है। उद्योग के जानकारों के अनुमानों के अनुसार भारत जैसी एक विशाल अर्थव्यवस्था में सौंदर्य सेवाओं का बाजार करीब 4.8 बिलियन डाॅलर के आसपास का आंका गया है और यह तेजी से वृद्धि कर रहा है।

आॅन-डिमांड सौंदर्य और तंदुरुस्ती के क्षेत्र में ‘व्योमो’ को मुख्यतः वैनिटीक्यूब, बुलबुल और बिगस्टाइलिस्ट से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। सौंदर्य के अलावा स्पा सेवाओं के एकीकरण के साथ ‘व्योमो’ इस प्रतिस्पर्धा में खुद को औरों से आगे रखने में सफल रहा है।

सौंदर्य और तंदुरुस्ती के क्षेत्र में तकनीक पर आधारित स्टार्टअप इस वर्ष एक रोमांचक दौर से गुजर रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हमें और भी स्थानीय स्तर के नए स्टार्टअप देखेन को मिलेंगे।

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Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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