इंटर्नशाला दिलाएगी 50,000 ग्रैजुएट्स को इंटर्नशिप के सहारे नौकरी

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भारत में बेरोजगारी की समस्या और स्किल की कमी काफी ज्यादा है। इस कमी को दूर करने और समस्या का समाधान करने के लिए इंटर्नशाला ने शुरू किया एक अनोखा अभियान।

इंटर्नशाला की टीम (फोटो साभार-  सोशल मीडिया)
इंटर्नशाला की टीम (फोटो साभार-  सोशल मीडिया)
बेरोजगार ग्रैजुएट्स अपनी जरूरत के मुताबिक इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं जहां उनको प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिल जाएगा। इंटर्नशिप पूरी होने के बाद ग्रैजुएट को उसी कंपनी में जॉब का चांस मिलेगा। 

इंटर्नशिप बेरोजगारी की समस्या का समाधान है, इससे ग्रेजुएट्स को अपनी पहली नौकरी के लिए कौशल हासिल करने में मदद मिलती है। 

इंटर्नशिप और ऑनलाइन ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म ने ग्रेजुएट्स को बेहतर करियर के लिए एक कैंपेन 'इंडिया एंप्लॉयड' शुरू किया है। भारत में कॉलेज से निकलने वाले 60 लाख ग्रैजुएट्स में सिर्फ 8 से 10 प्रतिशत लोग ही ऐसे होते हैं जिन्हें नौकरी मिलती है। यह प्लेटफॉर्म बाकी 90 प्रतिशत छात्रों की मदद करके उन्हें नौकरी के काबिल बनाने के लिए काम कर रहा है। इस कैंपेन के जरिए इंटर्नशाला मार्च 2018 तक 50,000 ग्रैजुएट्स को इंटर्नशिप और ट्रेनिंग दिलाने का दावा कर रहा है।

भारत में बेरोजगारी की समस्या और स्किल की कमी काफी ज्यादा है। इस कमी को दूर करने और समस्या का समाधान करने के लिए इंटर्नशाला ने यह अभियान शुरू किया है। इसके जरिए जो बेरोजगारों को नौकरी पाने में मुश्किल हो रही है उन्हें इंटर्नशिप के जरिए प्लेसमेंट की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्हें उनकी प्रोफाइल के हिसाब से नौकरी भी दिलाने में मदद की जाएगी। बेरोजगार ग्रैजुएट्स अपनी जरूरत के मुताबिक इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं जहां उनको प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिल जाएगा। इंटर्नशिप पूरी होने के बाद ग्रैजुएट को उसी कंपनी में जॉब का चांस मिलेगा। इंटर्नशाला ने मार्च 2018 तक 50,000 ग्रैजुएट्स को इंटर्नशिप हासिल करने में मदद करने का लक्ष्य रखा है। इससे बेरोजगारी और स्किल गैप की समस्या को काबू करने में भी मदद मिलेगी।

इंटर्नशाला की इस पहल के तहत प्री-प्लेसमेंट ऑफर्स के साथ इंटर्नशिप ऑफर करने वाले ब्रैंड में टीच फॉर इंडिया, आदित्य बिड़ला, ओवाईओ रूम्स, डेकाथलॉन और स्पोर्ट्सकीड़ा शामिल हैं। 1,600 से ज्यादा इंटर्नशिप के लिए बेरोजगार ग्रैजुएट्स आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्टडी इयर का प्रतिबंध नहीं है। इंटर्नशाला के फाउंडर और सीईओ सर्वेश अग्रवाल का कहना है कि हमें हर दिन ऐसे स्टूडेंट्स की कहानी सुनने को मिलती है जिन्होंने इंटर्नशिप करके अपने करियर का निर्माण किया। इंटर्नशिप बेरोजगारी की समस्या का समाधान है, इससे ग्रेजुएट्स को अपनी पहली नौकरी के लिए कौशल हासिल करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार के कौशल निर्माण के सपने को 'इंडिया इम्प्लाइड' कैंपेन के जरिए मजबूत करेंगे।

इंटर्नशाल की स्थापना 2010 में हुई थी और इसके साथ रजिस्टर्ड 20 लाख से अधिक यूज़र्स को इंटर्नशिप करने के अवसर मिले. स्टूडेंट्स या ग्रेजुएट्स इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, एप्लाइड आर्ट, साइंस, कानून, डिजाइन, होटल प्रबंधन, आर्किटेक्चर और कई अन्य क्षेत्रों में इंटर्नशिप पा सकते हैं। 2016-17 में इंटर्नशाला ने 4,00,000 से अधिक स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप दिलाई है। जिसमें स्टूडेंट्स को कम से कम 7500 रुपये महीने का स्टाईपेंड मिला।

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