शुरू कीजिए अपना बिजनेस, उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को देगी दस लाख

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स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को राज्य सरकार की तरफ से हर महीने 15,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। साथ ही कारोबार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की एकमुश्त रकम भी। 

योगीू आदित्यनाथ
योगीू आदित्यनाथ
इसके लिए 15 सितंबर तक राज्य सरकार सिडबी के साथ एमओयू साइन करेगी। स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को राज्य सरकार की तरफ से हर महीने 15,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

सीएम ने कहा कि अब युवाओं को आगे आने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब वहां के सभी वर्ग के लोगों को अवसर प्रदान किए जाएं।

उत्तर प्रदेश के युवाओं को बिजनेस करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यूपी सरकार ने राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं की हैं। प्रदेश सरकार नव उद्यमियों को प्रोत्साहन देने और उन्हें हर तरह की वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का एक कोष स्थापित करेगी। प्रदेश में नए स्टार्टअप को 10 लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि के साथ ही हर महीने 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। युवा अपना कारोबार शुरू कर सकें, इसके लिए राज्य सरकार 1,000 करोड़ रुपये के कॉरपस फंड की व्यवस्था करेगी। यह स्टार्टअप यात्रा उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में शुरू की गयी है।

इसके लिए 15 सितंबर तक राज्य सरकार सिडबी के साथ समझौते पर साइन करेगी। स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को राज्य सरकार की तरफ से हर महीने 15,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। साथ ही कारोबार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की एकमुश्त रकम दी जाएगी। बीते बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये बातें साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में स्टार्ट अप बस यात्रा को हरी झंडी दिखाने के दौरान कहीं। सीएम ने कहा, 'स्टार्टअप से हर किसी को जोड़ना है। स्टार्टअप पॉलिसी का सही ढंग से क्रियान्वयन हो, इसके लिए सरकार पॉलिसी इंप्लीमेंटेशन टीम का गठन भी करेगी।'

इस कनवेंशन में बताया गया कि शैक्षणिक संस्थानों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार की मदद से इंक्यूबेटर भी बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। साथ ही उस इंक्यूबेटर को चलाने के लिए हर साल राज्य सरकार 5 लाख रुपये की मदद देगी। इंक्यूबेटर के मेंटर को सरकार की तरफ से 2 लाख रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा। छात्रों को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, आजकल कोई अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाना चाहता। हमें बैठना होगा, मेहनत करनी होगी।

कंवेंशन सेंटर में स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम में सीएम कई स्टार्टअप के फाउंडर्स का सम्मान भी किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के अंदर कोई न कोई क्षमता होती है। हर व्यक्ति की प्रतिभा को निखारने की जरुरत होती है, स्टार्टअप इसी का माध्यम है। सीएम योगी ने कहा, 'स्टार्ट अप ऐप भी लाया जाएगा। स्टार्ट अप की समस्याओं के लिए कॉल सेंटर बनेंगे।' उन्होंने कहा कि अब युवाओं को आगे आने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब वहां के सभी वर्ग के लोगों को अवसर प्रदान किए जाएं।

सीएम ने इस मौके पर कहा कि भारत की ऋषि परम्परा में बताया गया है कि कोई भी अक्षर ऐसा नहीं है, जो मंत्र नहीं बन सकता है और कोई वनस्पति ऐसी नहीं है, जो औषधि न बन सके। इसका मतलब समाज में हर चीज उपयोगी है। उन्होंने कहा कि बस जरूरत है एक योजक की, जो किसी की भी प्रतिभा को समाज के लिए उपयोगी बना सकता है।

सीएम ने स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम को ऋषि परम्परा का एक रूप बताया। सरकार की तरफ से जानकारी दी गई कि प्रदेश में 16,500 बैंक शाखाएं हैं। प्रत्येक शाखा को एक अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति और एक महिला को गोद लेकर आसान किस्तों पर ऋण उपलब्ध कराएंगी, जिसकी धनराशि 10 लाख से एक करोड़ रुपए होगी।

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