सोलर नमस्कार! योग और आयुर्वेद के बाद सोलर प्रॉडक्ट बनाने की तैयारी में बाबा रामदेव

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पतंजलि की योजना सोलर उपकरणों के उत्पादन में 100 करोड़ रुपये निवेश करने की है और ग्रेटर नोएडा में इसकी फैक्ट्री अगले कुछ महीनों के भीतर पूर्ण रूप से काम करना शुरू कर सकती है।

बाबा रामदेव (फाइल फोटो)
बाबा रामदेव (फाइल फोटो)
 आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि का उद्देश्य सस्ते दाम पर अच्छे सोलर मॉड्यूल उपलब्ध करवाना है क्योंकि चीन भारती बाजार को नुकसान पहुंचा रहा है।

 बाबा रामदेव की यह पहल ब्रैंड पावर पतंजलि की सेल बढ़ाने में काफी मददगार हो सकती है। दूसरी तरफ, सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के अपने उद्देश्यों को पूरा करना चाहती है, जबकि भारत में सोलर पावर इंडस्ट्री आगे बढ़ने के लिए काफी संघर्ष कर रही है।

साबुन तेल जैसी रोजमर्रा की चीजें और स्वास्थ्य के सामान बेचने के बाद अब योगगुरु बाबा रामदेव अब ऐसे क्षेत्र में उतरने वाले हैं जिसमें चीन जैसे देशों का दबदबा है। बाबा की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद अब सोलर डिवाइस बनाने के बारे में सोच रही है। अगर ऐसा हुआ तो मार्केट में पतंजलि सोलर लाइट और बाकी उपकरण देखने को मिल सकते हैं। इस मुद्दे पर पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर और और रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कहा, 'स्वदेशी आंदोलन के साथ हम सोलर सेक्टर में उतरने जा रहे हैं। सोलर के साथ भारत के हर परिवार को बिजली की आपूर्ति की जा सकती है और हम इसे पूरा करने के लिए ही इस क्षेत्र में हैं।'

रामदेव की कंपनी पतंजिल एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कन्ज्यूमर गुड्स) सेक्टर में बाकी कंपनियों को तो टक्कर दे ही रही है साथ में उसे देश के सबसे शक्तिशाली ब्रैंड्स में अपनी जगह बनाई है। हाल ही में खबर आई थी कि पतंजलि अब 40,000 करोड़ रुपये के प्राइवेट सिक्यॉरिटी मार्केट में भी अपनी दस्तक देने जा रही है। पतंजलि की योजना सोलर उपकरणों के उत्पादन में 100 करोड़ रुपये निवेश करने की है और ग्रेटर नोएडा में इसकी फैक्ट्री अगले कुछ महीनों के भीतर पूर्ण रूप से काम करना शुरू कर सकती है।

इसकी शुरुआत तभी हो गई थी जब जनवरी 2017 में पतंजलि ने नेविगेशन में मदद करने वाले उपकरण बनाने वाली कंपनी एडवांस नेविगेशन ऐंड सोलर टेक्नॉलजी का अधिग्रहण किया। फिलहाल इस कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कपैसिटी 120 मेगावॉट की है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के बाद पतंजलि अब ऐसे नए क्षेत्रों में निवेश कर रही है, जिसमें उसकी अपनी अलग क्षमताओं से बड़ी मदद मिल सके। बाबा रामदेव की शानदार ब्रैंड पावर पतंजलि की सेल बढ़ाने में काफी मददगार हो सकती है। दूसरी तरफ, सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के अपने उद्देश्यों को पूरा करना चाहती है, जबकि भारत में सोलर पावर इंडस्ट्री आगे बढ़ने के लिए काफी संघर्ष कर रही है।

भारत दुनिया के उन विकासशील देशों में से एक है जो परंपरागत ईंधन के इस्तेमाल पर निर्भर हैं। इसीलिए सरकार सोलर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के बारे में संभावनाएं तलाश रही है। इसके लिए 2022 तक 175 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सोलर डिवाइसेस को भी विकसित करने के बारे में सोचा जा रहा है। क्योंकि अभी सारे प्रॉडक्ट चीन से इंपोर्ट किए जाते हैं। जिनकी गुणवत्ता बहुत अच्छी नहीं होती है। इसके साथ ही विदेशों से आने वाले सामान की वजह से भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को नुकसान भी झेलना पड़ता है।

इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए पतंजलि ने इस सेक्टर में उतरने का फैसला किया है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री स्थापित की है। जिसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 120 मेगावाट है। यह यूनिट अगले कुछ महीनों में ही उत्पादन शुरू कर देगी। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि का उद्देश्य सस्ते दाम पर अच्छे सोलर मॉड्यूल उपलब्ध करवाना है क्योंकि चीन भारती बाजार को नुकसान पहुंचा रहा है। पतंजलि इसके जरिए ऊर्जा बचत के बारे में जागरूकता भी फैलाना चाहती है।

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