भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार 500 अरब डालर तक पहुँचने की उम्मीद

चीन-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार 2013 में ही 500 अरब डालर को पार कर गया था।  उम्मीद है कि भारत-अमेरिका व्यापार भी 500 अरब डालर पर पहुंचेगा। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले भारत ने आज कहा कि ‘संरक्षणवाद’ से अड़चनें पैदा हो रही हैं, ऐसे में भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों को प्रोत्साहन देने के लिए ररूढ़िवादी सोच को बदलना होगा। मोदी 7 जून को अमेरिका यात्रा पर जा रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां इंडो-अमेरिकन चैंबर आफ कामर्स के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘संरक्षणवाद नहीं होना चाहिए। भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों में संरक्षणवाद सबसे बड़ी चुनौती है। इससे दूर रहने की जरूरत है, क्योंकि आज पूरी दुनिया वैश्विक गांव बन चुकी है। वैश्विक स्तर पर व्यापार के खुले प्रवाह के लिए हमें परंपरावादी सोच छोड़कर खुले दिल से सोचना होगा।’’ आउटसोर्सिंग नीति के बारे में सिंह ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे पर अमेरिका का रवैया अधिक होगा। सिंह ने यहां केपीएमजी की रिपोर्ट ‘भारत-अमेरिका व्यापार-एक मजबूत आर्थिक ताकत’ जारी की।

मंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार निकट भविष्य में 500 अरब डालर पर पहुंच जाएगा क्योंकि दोनों देशों में विशाल संभावनाएं हैं।

उद्योग जगत आरोप लगाता रहा है कि अमेरिका और कुछ अन्य विकसित देश कुछ ऐसे नियमों का क्रियान्वयन कर रहे है जो भारतीय व्यापारियांे के लिए अड़चन पैदा कर रहा है। उद्योग का कहना है कि अमेरिका के हालिया कुछ फैसले मसलन वीजा शुल्क में वृद्धि तथा रोजगार वीजा पर अंकुश ‘संरक्षणवाद’ का हिस्सा हैं।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिका अपने स्वास्थ्य क्षेत्र के खर्च को कम करने के लिए भारतीय फार्मा उद्योग की सफलता का लाभ ले सकता है। सिंह ने कहा कि भारतीय जेनेरिक दवाओं के लिए अमेरिका सबसे बड़े बाजारों में है। यदि अमेरिका बिना अंकुशों के भारतीय जेनेरिक दवाओं के आयात की अनुमति देता है, तो निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवा की लागत में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि पिछले 14 बरस में भारत अमेरिका रिश्तों में काफी तेजी देखने को मिली है। 2009 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 90 अरब डालर था जो अब 100 अरब डालर पर पहुंचा है।

सिंह ने कहा कि यह भी तथ्य है कि चीन-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार 2013 में ही 500 अरब डालर को पार कर गया था। हमें भी उम्मीद है कि भारत-अमेरिका व्यापार 500 अरब डालर पर पहुंचेगा। अब भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में माना जा रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि राजग सरकार देश में व्यापार के सुगम प्रवाह के लिए ‘अफसरशाही के स्तर पर अड़चनों को दूर कर रही है।