मुझे ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ नहीं ‘मिस्टर पैशनेट’ कहें

फिल्मों के रचनात्मक क्षेत्र में बहुत सी राय होती हैं और ‘परफेक्शन’ हासिल कर पाना कभी संभव नहीं है : आमिर खान

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फिल्मों के चयन में बेहद सावधानी बरतने और एक-एक बारीकी पर ध्यान देने के कारण सुपरस्टार आमिर खान को ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहकर पुकारा जाता है लेकिन खुद आमिर का मानना है, कि यह उनके लिए सही नाम नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें दरअसल ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ के बजाय ‘मिस्टर पैशनेट’ कहकर पुकारा जाना चाहिए।

आमिर खान का लेटेस्ट दंगल लुक, फोटो साभार: desimartini.com
आमिर खान का लेटेस्ट दंगल लुक, फोटो साभार: desimartini.com
मैं कभी भी ‘परफेक्शनिस्ट’ कहे जाने का बोझ महसूस नहीं करता, क्योंकि मुझे इस तमगे में यकीन ही नहीं है।

सुपर स्टार आमिर खान कहते हैं, कि 'परफेक्शनिस्ट शब्द कभी मेरे ऊपर दबाव नहीं बनाता और न ही मैं उसे कभी अपने ऊपर हावी होने देता हूं। असल में मैं इस तमगे में यकीन ही नहीं रखता। यह तमगा दरअसल गलत है। मुझपर जो तमगा सही बैठता है, वह ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ नहीं बल्कि ‘मिस्टर पैशनेट’ है। मैं यही हूं।’ 

गौरतलब है, कि आमिर खान नीतीश तिवारी की खेल आधारित नाट्य फिल्म ‘दंगल’ में जल्दी ही नज़र आने वाले हैं। इस फिल्म के चलते आमिर इन दिनों चर्चा में भी हैं। आमिर एक ऐसे कलाकार हैं, जो अपने हर फिल्मी किरदार को डूब कर निभाने में यकीन रखते हैं और जिसके चलते वे अपनी प्रत्येक फिल्म में एक नये अवतार में नज़र आते हैं और उनका लुक उनके चाहनेवालों के दिलों में उत्सुकता भर देता है। लोगों का मानना है, कि आमिर खान बेहद चूज़ी मिजाज़ के अभिनेता हैं और उनके लिए सबसे ऊपर परफेक्शन है, लेकिन आमिर का कहना है, कि फिल्मों के रचनात्मक क्षेत्र में बहुत सी राय होती हैं और ‘परफेक्शन’ हासिल कर पाना संभव नहीं है। 

मेरे हिसाब से परफेक्शन कुछ होता ही नहीं है। रचनात्मक क्षेत्र में तो बिल्कुल नहीं। यहां बहुत से अलग-अलग मत होते हैं, ऐसे में कोई भी एक विचार एकदम सटीक कैसे हो सकता है : आमिर खान

आमिर खान का कहना है, कि किसी एक शॉट में उनके लिए ‘परफेक्शन’ का मतलब तकनीकी रूप से त्रुटिहीन होना नहीं है, बल्कि उनके लिए यहां परफेक्शन का मतलब उस दृश्य की जान को फिल्मा लेना है। आगे उन्होंने कहा, ‘जब मैं किसी दृश्य में होता हूं, तो कई चीजों में सटीकता की जरूरत होती है। बहुत सी तकनीकी समस्याएं होती हैं, जिनके कारण किसी शॉट को दोबारा करना पड़ता है। मैं तकनीकी सटीकता पर गौर नहीं करता।’ आमिर का कहना है, कि ‘एक दृश्य में मेरा ध्यान इस बात पर होता है, कि उस क्षण का जो मूल है, जो उसकी जान है, उसे फिल्माया जा सका है या नहीं। फिर जब आप दृश्य को देखते हैं तो आपको लगता है कि यह हो गया और सबकुछ ठीक रहा।’

साथ ही दंगल में काम कर रही नवोदित कलाकार फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा के बारे में आमिर ने कहा, कि इनकी पहली फिल्म ‘दंगल’ ही इनके लिए चुनौतीपूर्ण रही है, क्योंकि फिल्म उनके लिए शारीरिक रूप से बहुत थकाने वाली थी और कुश्ती के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कई बार चोट भी आई। पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों - गीता और बबीता के जीवन पर आधारित ‘दंगल’ एक खेल प्रधान फिल्म है। फिल्म में आमिर ने महावीर की जबकि फातिमा और सान्या ने उनकी बेटियों की भूमिका निभाई है। फिल्म के लिए शूटिंग शुरू करने से पहले अभिनेत्रियों ने करीब एक साल तक कुश्ती और हरियाणवी भाषा का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान फातिमा की पसली टूट गई थी और सान्या की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था, बावजूद इसके उन्होंने प्रशिक्षण जारी रखा।

आमिर ने कहा, ‘दंगल’ जैसी फिल्म के लिए काफी समय चाहिए। फातिमा और सान्या की पहली ही फिल्म चुनौतीपूर्ण थी तो दोनों को अपनी आरामतलबी से बाहर निकलना था। दोनों लड़कियां शहर से हैं लेकिन उन्हें एक छोटे से गांव की लड़कियों का किरदार निभाना था ऐसे में उन्हें किसी और दुनिया के हिसाब से खुद में मानसिक और शारीरिक परिवर्तन लाना था।’ 51 वर्षीय अभिनेता की पहली फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ थी लेकिन उनका कहना है, कि इन लड़कियों ने जिस तरह से अपनी पहली फिल्म में प्रदर्शन किया है उस तरह से उन्होंने कभी अपनी क्षमता से अधिक नहीं किया।

उधर दूसरी तरफ आमिर खान अपनी 2001 में आई फिल्म ‘दिल चाहता है’ का महिला किरदारों के साथ पुन: निर्माण पर अपनी सहमती जताते हुए निर्देशक के विचारों का स्वागत किया है। 2001 में आई आमिर खान की दिल चाहता है मील का पत्थर बन चुकी है। फरहान अख्तर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में सैफ अली खान, अक्षय खन्ना और आमिर खान ने अभिनय किया था। यह फिल्म तीन दोस्तों की कहानी थी। संबंधों को लेकर अलग-अलग नजरिया रखने के कारण उनकी दोस्ती में दरार आ जाती है। फिल्म पर बात करते हुए आमिर ने कहा, कि ‘मेरा मानना है, यह बहुत अच्छा विचार है। गहरी दोस्ती पर फिल्म बनें और उसमें लड़कियां हों।’ जब उनसे पूछा गया कि वह इस फिल्म में अपने किरदार आकाश को निभाते हुए किस अभिनेत्री को देखना पसंद करेंगे तो उन्होंने कहा कि वह अपनी आनेवाली फिल्म दंगल में उनके साथ काम करने वाली फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा को इस फिल्म में देखना चाहेंगे क्योंकि वे उसी आयु वर्ग की हैं, जिस उम्र का वह किरदार था। इस बात को भूल जाइए कि जब मैं वह फिल्म कर रहा था, तब मेरी उम्र 37 साल थी। वह गलती थी लेकिन हम सफल हो गए। आप गलती दोहरा नहीं सकते। आपको फिल्म में तकरीबन 20 साल की लड़कियों को लेना चाहिए।’ साथ ही आमिर ने संजय दत्त के जीवन पर बन रही फिल्म के बारे में कहा, ‘मैंने फिल्म की पटकथा सुनी है, जो काफी अच्छी है। मैंने संजू को फोन किया और कहा कि पहली बार सिनेमा के इतिहास में ऐसा होगा कि जो अभिनेता फिल्म में नहीं है, उसे उस अभिनेता से ज्यादा लोकप्रियता मिलेगी जो इस फिल्म के लिए कठिन मेहनत कर रहा है।’

गौरतलब है कि आमिर खान की आनेवाली फिल्म ‘दंगल’ का इंतज़ार उनके प्रशंसक बेसब्री से कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ चर्चित टीवी कलाकार साक्षी तंवर भी नज़र आयेंगी, जो फिल्म में उनकी पत्नी का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा भी हैं। यह फिल्म 23 दिसंबर को प्रदर्शित हो रही हैं। साक्षी तंवर की तारीफ करते हुए आमिर ने कहा, कि उनके साथ काम करने का उनका सपना पूरा हो गया और वह आगे भी अभिनेत्री के साथ काम करना पसंद करेंगे।

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