ब्रांड मर्चेंटाईजिंग के 3 बिलियन डॉलर के बाज़ार पर कब्ज़ा की तैयारी में 'Crea'

उपहारों, पुरस्कारों, प्रचार उत्पादों इत्यादि के माध्यम से कंपनियों की मर्चेंटाईजिंग की जरूरतों को पूरा करने के इरादे से की गई स्थापनावर्ष 2008 में उपकार एस शर्मा ने बी2बी के क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लक्षित करते हुए की स्थापना2014-15 के वित्तीय वर्ष में करीब 15 करोड़ का कारोबार करने के बाद इस वर्ष 25 करोड़ का आंकड़ा छूने का है अनुमानइतना बड़ा बाजार होने के बावजूद भारत में यह क्षेत्र पूरी तरह से असंगठित रूप से हो रहा है संचालित

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5000 प्रतिस्पर्धियों के बीच Crea का इरादा खुद को ब्रांड मर्चेंटाईजिंग के क्षेत्र में शिखर पर पहुंचाने का है।

ब्रांड मर्चेंटाईजिंग विज्ञापन की दुनिया का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है जिसका उपयोग सम्मेलनों और ट्रेड शो के दौरान किसी भी कंपनी या उसकी छवि के अलावा ब्रांड या ईवेंट को बढ़ावा देने के लिये गुरिल्ला तरीके से होने वाली मार्केटिंग अभियान के हिस्से के रूप में होता है। वर्तमान में यह उद्योग करीब 3 बिलियन डाॅलर के आसपास का है और एक अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र में 5000 के लगभग खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। आकार में इतने वृहद और इस क्षेत्र में कार्यरत इतनी खिलाडि़यों की संख्या के बावजूद यह क्षेत्र अभी भी पूरी तरह से खंडित और असंगठित तरीके से संचालित हो रहा है।

उपकार एस शर्मा ने बाजार का विस्तार से परीक्षण किया और वे इस नतीजे पर पहुंचे कि इस क्षेत्र में व्यापार करने और आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं हैं। वर्ष 2008 में उन्होंने बी2बी के क्षेत्र को लक्षित करते हुए Crea की नींव डाली जिसके माध्यम से इनका इरादा उपहारों, पुरस्कार, प्रचार उत्पादों और वर्दी के माध्यम से विभिन्न कंपनियों की ब्रांड मर्चेंटाईजिंग की जरूरतों को पूरा करने का था।

उपकार कहते हैं, ‘‘हम डोमेन विशेषज्ञों के रूप में बोर्ड पर आते हैं और कंपनियों को उनके व्यापार के मर्चेंडाइजिंग के हिस्से को जानने और समझने में मदद करते हैं। आज की तारीख में हम सौंदर्य प्रसाधन, शराब, होटन और स्वास्थ्य जैसे उद्योगों की सेवा कर रहे हैं जहां हम मर्चेंडाइजिंग के माध्यम से उनके राजस्व में वृद्धि करने का काम कर रहे हैं न कि उनके लिये एक व्यय करने वाली मद साबित हो रहे हैं। इसकी वजह से इन उद्योगों से संबंधित व्यवसाई अब मर्चेंडाइजिंग को गंभीरता से लेने लगे हैं और हम अपनी क्षमताओं का बेहतर तरीके से प्रदर्शन कर पा रहे हैं।’’

Crea के दृष्टिकोंण में नया क्या है?

उपकार के अनुसार इस क्षेत्र में प्रवेश करना बहुत ही आसान है और इसके लिये अधिक निवेश की भी आवश्यकता नहीं है। प्रवेश में सामने आने वाली बाधाओं की कमी के चलते इस क्षेत्र में पांव रखने वाले विभिन्न छोटे खिलाडि़यों, विक्रेताओं और सिर्फ कैटलाॅग के आधार पर संचालित होने वाली वेबसाइटों की भरमार है। इस क्षेत्र में पांव रखने वाले अधिकतर खिलाड़ी इसे एक उत्पाद आधारित व्यवसाय के रूप में देख रहे हैं। हालांकि उनका दावा है कि Crea सेवाएं प्रदान करता है और इसनें व्यापार को विशेषज्ञता के नेतृत्व वाला दृष्टिकोंण देने में सफलता पाई है।

उपकार कहते हैं, ‘‘हमारी व्यापारिक बातचीत धन पर आधारित न होकर विचारों पर आधारित होती है। हालांकि इस तरह से व्यापार का संचालन करना काफी चुनौतीपूर्ण है लेकिन यह सुनिश्चित करता है कि हमारे संबंध स्थायी रहें और हमारा संचालन लाभप्रद हो।’’

कंपनी में वृद्धि

इनका दावा है कि यह कंपनी बीते 5 वर्षों से 60 प्रतिशत सालाना की सिलसिलेवार दर से वृद्धि कर रही है। इसने 2014-15 के वित्तीय वर्ष में 15 करोड़ रुपये से अधिक का संयुक्त कारोबार किया और इन्हें उम्मीद है कि इस वर्ष ये 25 करोड़ रुपये के आंकड़े को छूने में सफल रहेंगे।

वर्तमान में Crea औरों के अलावा गूगल, लोरियाल, रिट्ज कार्लटन होटल, पिज्जा हट, वेरो मोडा, जैक जोन्स और कोहिनूर सहित दुनिया के कुछ जाने-माने और प्रसिद्ध ब्रांडों के साथ काम रहा है। इसके संस्थापक उपकार बताते हैं, ‘‘हम नियमित रूप से 25 से अधिक कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं। कुल मिलाकर हमारे पास लगभग 400 से अधिक उपभोक्ता हैं जो हमारे साथ समय-समय पर काम करते हैं।’’

अपने व्यापार माॅडल के बारे में बात करते हुए उपकार कहते हैं, ‘‘हमारा व्यापार माॅडल वास्तव में काफी स्पष्ट है। हालांकि हम अपने उपभोक्ताओं को उत्पाद के निष्पादन से लेकर विचार के रूप में सेवा देने काम करते हैं और हमें इसे बदले में भुगतान मिलता है। आने वाले समय में हम इसके अलावा रिटेनर माॅडल पर भी काम करने पर विचार कर रहे हैं।’’

बाजार के क्षेत्र और सामने आ रही चुनौतियां

ब्रांड मर्चेंटाईजिंग का उद्योग कुल मिलाकर 3 बिलियन डाॅलर से अधिक का है। विशेषज्ञों केे मुताबिक अबतक इस क्षेत्र को लेकर कोई गंभीर अध्ययन नहीं किया गया है लेकिन फिर भी इस व्यापार में 5000 से अधिक सक्रिय खिलाड़ी संचालित हो रहे हैं। हालांकि अभी भी इस क्षेत्र में संरचनात्मक स्तर पर कई गंभीर कमियां हैं।

उपकार कहते हैं, ‘‘यह उन उद्योगों में से एक है जो लगातार विकास करने या एकीकृत करने से खुद को रोक रहे हैं क्योंकि किसी की भी प्रयास या रुची इस दिशा में है ही नहीं। हालाांकि हम अवधारणा को बदलने की दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ा रहे हैं।’’

इसके अलावा इस उद्योग के सामने और भी कई गंभीर चुनौतियां हैं जिनसे इसे पार पाना है और इसकी शुरुआत इस क्षेत्र से संबंधित सभी हितधारकों की मानसिकता के साथ होती है फिर चाहे वे मर्चेंटाईजिंग व्यापार से जुड़े लोग हों या फिर उपभोक्ता। उपकार आगे कहते हैं, ‘‘अभी भी मर्चेंटाईजिंग को ब्रांड निर्माण करने के एडर्वटाइजिंग और ईवेंट जैसे रूपों की तरह गंभीरता से नहीं लिया जाता है। मेरा मानना है कि बाजार में खलल डालकर ही परिवर्तन लाया जा सकता है।’’

प्रतिस्पर्धा

पूरी तरह से असंगठित रूप से संचालित हो रहे इस क्षेत्र में कई छोटे विक्रेता और खिलाड़ी क्रियशील हैं और पैसा कमा रहे हैं। सिर्फ ईयंत्र, डाॅल्फिन डिस्प्लेज़ और बांडस्टिक जैसे कुछ जानेमाने नाम ही ब्रांड मर्चेंटाईजिंग की सेवाओं को देने के लिये प्रसिद्ध हैं।

इयंत्र जैसी कंपनियों ने बहुत भारी निवेश के साथ भारत में अपने व्यापार का विस्तार करने का प्रयास किया लेकिन असफल ही रहे। अगर आप चारों तरफ नजर डालें तो आप पाएंगे कि Crea के लगभग सभी प्रतिस्पर्धी कैटलाॅग पर आधारित वेबसाइटों के रूप में सक्रिय हैं।

इसके अलावा इनका उद्यम नामचीन ब्रांड और उनके संस्थागत बिक्री डिवीजनों, उपहार देने वाली वेबसाइटों और अन्य कार्यालय उत्पादों के प्रदाताओं से प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है।

आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में होने वाली प्रतिस्पर्धा के काफी बढ़ जाने का अनुमान है क्योंकि 50 मिलियन डाॅलर से भी अधिक के टर्नओवर वाली कई कंपनियां भारतीय बाजारों का रुख करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। निश्चित रूप से उनका आगमन निश्चत रूप में भारतीय बाजार में हलचल पैदा करेगा और इस बिखरे हुए क्षेत्र को व्यवस्थित करने में भी मददगार साबित होगा।

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