कभी सड़कों पर कलम बेचा करता था ये बॉलीवुड स्टार, आज है 190 करोड़ की संपत्ति का मालिक

देश का पहला स्टैंडअप कॉमेडियन...

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जॉनी लीवर भारत के पहले स्टैंडअप कॉमेडियन हैं और उन्हें अब तक 13 बार फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

सांकेतिक तस्वीर। साभारा: bedfordviewedenvalenews
सांकेतिक तस्वीर। साभारा: bedfordviewedenvalenews

लॉर्ड बायरन ने कहा है 'जब मौका मिले, हमेशा हंसे क्यूंकि इससे सस्ती दवा कोई नहीं है।' आज हमारे बीच हंसी की सबसे अधिक जरूरत है, और ये हमलोगों की दुर्भाग्य है की हम इस से कोसों दूर होते जा रहे हैं। मगर हमारे देश के हास्य कलाकार रूपी मालियों नें हमारी ‘हंसी’ नामक फूल को खिलाए रखने में हमारी भरपूर सहायता करते हैं। रोचक विषयों को साथ पकड़े कॉमेडी का समायोजन फिल्म को मनोरंजक तो बनता ही है, साथ ही साथ इस तनाव भरी जीवन में दर्शको को हंसने-हंसाने के कुछ रोचक पल भी प्रदान करता है।

यूं तो बॉलीवुड ने हमें कई नामचीन हास्य कलाकार दिए, जिन्हें शायद हम कभी भूला नहीं सकते, उनके कला तथा अभिनय की सराहना जितनी की जाए उतनी ही कम है। इन्हीं दिगज्जों में से एक हैं जॉनी लीवर

जॉनी लीवर ने कॉमेडी की दुनिया में इन्होंने अपनी एक अलग हीं छाप छोड़ी है। उन्हें हास्य अभिनय के साथ-साथ मिमिक्री करने में भी महारत हासिल है। उनके अभिनय के कारण फिल्म की स्क्रिप्ट में अलग से किरदार डाले जाते हैं, और तो और फिल्मों के हिट होने में इनका भी बराबर का योगदान रहता हैं। वह हिंदी सिनेमा में अपनी कॉमिक टाइमिंग केलिए प्रसिद्ध हैं। जॉनी लीवर भारत के पहले स्टैंडअप कॉमेडियन हैं और उन्हें अब तक 13 बार फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

जॉनी लीवर, फोटो साभार: ट्विटर
जॉनी लीवर, फोटो साभार: ट्विटर

जॉनी लीवर का जन्म 14 अगस्त 1956 में एक इसाई परिवार में हुआ। इनका असली नाम जॉन प्रकाश राव है। अपनी शुरूआती दिनों में बतौर स्टेज कलाकार मिमिक्री से अपने चाहने वालों के दिलों में जगह बनाते गये और अपनी कड़ी मेहनत और लगनशीलता के कारण बॉलीवुड में हास्य कलाकार के रूप में अपनी सफलता का परचम लहराए हुए हैं। उन्होंने अपने चाहने वालों को 350 से अधिक फिल्मों का तोहफा दिया है। अपनी जिन्दगी के कई उतार-चढ़ाव को पार करते हुए भी लोगों को सदा मुस्कुराते रहने की वजह दी है।

एक गरीब परिवार से होने के कारण उनके लिए मुंबई में करियर बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था। दो भाइयों और तीन बहनों में सब से बड़े जॉनी का बचपन मुंबई के धारवी इलाके में गुजरा। आन्ध्रा एजुकेशन सोसाइटी हाई स्कूल से उन्होने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी की। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने तथा अपने भाई बहन में सब से बड़े होने के कारण अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझते हुए उन्हें सातवीं में हीं पढ़ाई छोड़ काम करने मुंबई आना पड़ा और यहां आकर उन्होंने बॉलीवुड के गानों पर अपनी कला प्रदर्शित कर लोगों को आकर्षित करते हुए कलम बेचना शुरु किया। इसके बाद वो अपने पिता प्रकाश राव जानुमाला के साथ हिंदुस्तान यूनिलिवर की फैक्ट्री में काम करने लगे। जॉनी यहां भी अपने कला और प्रतिभाओं से सहकर्मियों को कॉमेडी कर हंसाते रहते थे। यही वो जगह थी, जहां लोगों ने उन्हें जॉनी लीवर नाम दे दिया।

मिमिक्री कलाकार प्रताप जैन और राम कुमार ने उनके मिमिक्री के टैलेंट को एक नया मोड़ दिया। जॉनी के एक स्टेज शो के दौरान ही उनकी मुलाकात एक मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्यानजी-आनंदजी से हुई। 1982 में विश्व भर में संगीत कार्यक्रमों के टूर में उन्हें कल्यानजी-आनंदजी और अमिताभ बच्चन जी के साथ हिस्सा लेने का मौका मिला।

एक स्टेज शो में सुनील दत्त की नज़र जॉनी लीवर पर पड़ी और उनके काबिलियत को पहचानते हुए उन्हें अपनी फिल्म दर्द का रिश्ता में काम करने का मौका दिया। इसके बाद भी वे कई छोटे-मोटे रोल करते नज़र आये। एक ऑडियो कैसेट कंपनी की ओर से हास्य कार्यक्रम हंसी के हंगामें में भी काम किया जो देश से लेकर विदेशों में भी हिट हुई।

जॉनी लीवर बड़े पर्दे से ले कर छोटे पर्दे पर भी अपने कॉमेडी के जलवे दिखा चुके हैं। 1986 में उन्होंने होप 86 में भाग लिया, जहां बॉलीवुड के बड़े-बड़े फ़िल्मी सितारों से उनकी मुलाकात हुई और वहां उन्होंने अपने मनमोहक अंदाज़ से दर्शकों के दिल में जगह बना ली। निर्देशक गुल आनंद ने फिल्म जलवा के लिए प्रस्ताव भेजा, जिसे जॉनी ने स्वीकार कर लिया और इसके बाद उन्हें कई फिल्मों में सहायक कलाकार के रूप में अपनी कला बिखेरने का मौका मिला। फिल्म जलवा की सफलता के बाद उन्होंने कई बड़े बज़ट की फ़िल्में कीं और बतौर हास्य कलाकार बॉलीवुड में अपने आप को स्थापित करने में सफल रहे। उन्होंने बाज़ीगर, बादशाह, किशन कन्हैया, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, नायक, चुपके-चुपके, आदि कई बड़ी फिल्मों में काम किया है। जॉनी लीवर की शादी सुजाता से हुई और उनका एक बेटा जेसी लीवर और एक बेटी जेमी लीवर है जो कि अपने पिता से प्रभावित हो कर स्टैंड-अप कॉमेडी करते हैं।

मुंबई के सड़कों पर लोगों को अपने मनमोहक अंदाज़ से लुभा कर कलम बेचने वाले जॉनी आज एक प्रसिद्ध कलाकार के रूप में बॉलीवुड में अपनी जगह बनाए हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जॉनी लीवर आजी की तारीख में मुंबई में आलीशान मकान और कई लग्ज़री गाड़ियों के मालिक हैं। जॉनी लीवर सिने एंड टीवी 190 करोड़आर्टिस्ट असोसिएशन के प्रेसिडेंट हैं और इसके अलावा वह मिमिक्री आर्टिस्ट असोसिएशन मुंबई के अध्यक्ष भी हैं। इसीलिए कहते हैं, इंसान यदि चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकता।

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