पैसे बनाने की तैयारी में रेलवे, स्टेशन के टॉयलट के लिए लग रही लाखों की बोली

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 सामान्य तौर पर जहां स्टेशनों के टॉयलेट की सफाई का काम लेने के लिए ठेकेदारों द्वारा अधिकतम 6-8 लाख रुपये की बोली लगाई जाती है, वहीं सीएसएमटी के इस टॉयलेट के लिए 10 गुना ज्यादा बोली लगाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य रेलवे को यह टॉयलेट चलाने के लिए 85 लाख रुपये की बोली लगाई गई है।

हाल ही में हुए एक सर्वे के मुताबिक मुंबई रेलवे स्टेशनों के अधिकांश शौचालय बदबूदार और गंदे हैं। रेलवे द्वारा ‘पे एंड यूज’ योजना शुरू करने के बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ है। 

इंडियन रेलवे अब रेलवे स्टेशन पर बने टॉयलटों से और अधिक पैसे कमाने के बारे में सोच रहा है। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) परिसर में स्थित टॉयलेट को रेलवे ने काफी अच्छे पैसे में टेंडर पर दिया है। सामान्य तौर पर जहां स्टेशनों के टॉयलेट की सफाई का काम लेने के लिए ठेकेदारों द्वारा अधिकतम 6-8 लाख रुपये की बोली लगाई जाती है, वहीं सीएसएमटी के इस टॉयलेट के लिए 10 गुना ज्यादा बोली लगाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य रेलवे को यह टॉयलेट चलाने के लिए 85 लाख रुपये की बोली लगाई गई है।

इस टॉयलेट को पहली बार रिनोवेट, ऑपरेट, मेंटेन एंड ट्रांसफर (आरओएमटी) योजना के तहत ठेके पर दिया जा रहा है। रेलवे के अनुसार इस तरीके से ठेकेदार शौचालयों की स्वच्छता के प्रति ज्यादा गंभीर होंगे। अभी इस टॉयलेट को 3 महीने के लिए 8 लाख रुपये देकर चलाया जा रहा है। फरवरी 2018 में नई योजना के तहत ठेका दिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस टॉयलेट को 10 साल के लिए ठेके पर दिया जाएगा। इसमें ठेकेदार शौचालय के नवीनीकरण से लेकर रखरखाव तक सभी काम देखेगा। सीएसएमटी स्टेशन पर दो टॉयलेट ब्लॉक हैं। इनमें से एक मुख्य और एक उपनगरीय लाइन पर स्थित है।

हाल ही में हुए एक सर्वे के मुताबिक मुंबई रेलवे स्टेशनों के अधिकांश शौचालय बदबूदार और गंदे हैं। रेलवे द्वारा ‘पे एंड यूज’ योजना शुरू करने के बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ है। एक अधिकारी के अनुसार, ‘हमने भी शौचालय चलाने के लिए इतनी बड़ी बोली की उम्मीद नहीं की थी। अब टेंडर फाइनल किया जा रहा है। अगले वर्ष से नए ठेकेदार को शौचालय सौंप दिया जाएगा।’ इसके अलावा ट्रेनों में भी बायो-टॉयलेट को आयातित बायो-वैक्यूम टॉयलेट में अपग्रेड कर रहा है। ये टॉयलेट वैसे ही हैं, जैसे फ्लाइट में होते हैं।

भारतीय रेलवे की ‘पे-एंड-यूज’ स्कीम के तहत लघुशंका के लिए 1 रुपये, दीर्घशंका के लिए 5 रुपये और स्नान के लिए 15 रुपये लिए जाते हैं। सीएसएमटी स्टेशन पर रोजाना 2.5 लाख यात्री आते-जाते हैं। प्रतिदिन 65-70 हजार लोग शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। रेलवे अधिकारी ने बताया कि नया शौचालय वातानुकूलित होगा। यदि इस शौचालय का पूरा इस्तेमाल होगा, तो ठेकेदार महीने में करीब 18 लाख रुपये कमा सकता है। यह बात भी जगजाहिर है कि इन शौचालयों में बैठे कर्मचारी लोगों से अतिरिक्त पैसे भी वसूलते हैं।

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