बेटी के आईआईटी टॉप करने पर रो पड़े मीनल के पिता

 आईआईटी जेईई टॉपर्स...

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ये बिटिया की सफलता से छलक उठीं आंखों में खुशी के आंसू थे। जब आईआईटी कानपुर के जेईई एडवांस में गर्ल्स कैटेगरी में ऑल इंडिया टॉपर मीनल के पिता गुलाबचंद को यह पता चला, खुशी से उनका गला ही रुंध गया। इस बार प्रणव गोयल ने ऑल इंडिया में फर्स्ट रैंक हासिल की है।

आईआईटी के टॉपर मीनल और प्रणव
आईआईटी के टॉपर मीनल और प्रणव
रिजल्ट आने पर पिता गुलाब चंद पारख इतने भावुक हो गए कि मुंह से एक शब्द नहीं फूटे। मीनल की मां मंजू पारख हाउस वाइफ हैं। बिटिया की सफलता पर उन्होंने कहा कि हमने कभी ऐसे परिणाम की उम्मीद नहीं की थी। 

बूंदी (राजस्थान) आकाशवाणी में इंजीनियर गुलाब चंद पारख की बिटिया मीनल पारख ने द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के जेईई एडवांस में गर्ल्स कैटेगिरी में पूरे देश में टॉप किया है। आईआईटी कानपुर ने रविवार सुबह जेईई एडवांस्ड का रिजल्ट जारी किया। मीनल की इस सफलता की सूचना मिलते ही खुशी से पिता गुलाबचंद की आंखें छलक उठीं। मीनल को 360 में से 318 अंक मिले हैं। मीनल कहती हैं कि मैं बहुत खुश हूं। मुझे उम्मीद नहीं थी, लेकिन बहुत अच्छी रैंक आई है। मैंने होमवर्क कभी मिस नहीं किया। सुबह कभी जल्दी नहीं उठी, लेकिन पढ़ाई में नियमित रही। मैंने रोज छह से सात घंटे पढ़ाई की। अपने होमवर्क को हमेशा समय पर पूरा किया। इससे पढ़ाई में कन्टीन्यूटी बनी रही। आगे वह मुंबई, आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लेना चाहती हैं।

रिजल्ट आने पर पिता गुलाब चंद पारख इतने भावुक हो गए कि मुंह से एक शब्द नहीं फूटे। मीनल की मां मंजू पारख हाउस वाइफ हैं। बिटिया की सफलता पर उन्होंने कहा कि हमने कभी ऐसे परिणाम की उम्मीद नहीं की थी। हमने मीनल से यही कहा कि पढ़ाई करती रहो, अच्छा ही होगा। और ऐसा ही हुआ। हम आज बहुत खुश हैं। आईआईटी कानपुर से भी मीनल को बधाई संदेश मिला है। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई है।

इस बार प्रणव गोयल ने ऑल इंडिया में फर्स्ट रैंक हासिल की है। प्रणव ने जेईई मेंस में चौथी रैंक हासिल की थी। एडवांस्ड में उन्हें 360 में से 337 नंबर मिले। इस साल का रिजल्ट 11.7% रिजल्ट रहा है। गर्ल्स कैटेगरी में राजस्थान की मीनल पारख टॉप आई हैं। इस बार कुल 18,138 स्टूडेंट्स ने क्वालिफाय्ड किया। अब वे 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 23 आईआईआईटी और 23 जीएफटीआई में एडमिशनल ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि जेईई एडवांस्ड के लिए 2 लाख 31 हजार 24 कैंडिडेट्स ने क्वालिफाय किया था। इनमें से एक लाख 55 हजार 158 ने जेईई एडवांस्ड के दोनों पेपर दिए थे।

इनमें से 18 हजार 138 कैंडिडेट्स ने जेईई एडवांस्ड क्वालिफाय किया है, जिनमें से 16 हजार 62 लड़के और 2 हजार 73 लड़कियां शामिल हैं। इस साल 11 हजार 279 सीट हैं, जिसमें से अलग से 800 सीटें लड़कियों के लिए रिजर्व हैं। कोटा रिजन से साहिल जैन और दिल्ली रिजन से कैलाश गुप्ता ने क्रमश: सेकेंड और थर्ड रैंक हासिल किया है। जेईई मेन 2018 की परीक्षा अप्रैल में आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 12 लाख से अधिक कैंडिडेट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था और 30 अप्रैल को नतीजे सामने आए थे। इसमें देशभर के लगभग 12 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा का आयोजन देश और विदेश के 112 शहरों में किया गया था। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देश के 104 शहरों के 1,613 परीक्षा केंद्रों और विदेशों में आठ केंद्रों पर इस ऑफलाइन परीक्षा का आयोजन किया था।

नीमच (म.प्र.) के आयुष कदम ने 78वीं रैंक लाकर कानपुर जोन में टॉप किया है। वहीं कानपुर जोन की महिला टॉपर इंदौर की रहने वाली हर्षिता बोनलिया हैं। अतिन विक्रम सिंह 344वीं रैंक के साथ सिटी टॉपर बने। जेईई एडवांस्ड की परीक्षा आईआईटी कानपुर ने सात जोन में कराई थी। जेईई एडवांस्ड के चेयरमैन प्रो. शलभ ने बताया कि आल इंडिया रैंक जारी करने के साथ जोनवार भी टॉपर की सूची जारी की गई है। देश के 23 आईआईटी की 11279 सीटों के लिए इस वर्ष 165656 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 155158 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कुल 18138 अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए हैं। पहली बार जेईई एडवांस्ड की परीक्षा ऑनलाइन कराई गई।

15 जून से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार जोन के टॉपर रहे हैं - प्रणव गोयल, मीनल पारख, रिषी अग्रवाल, साहिल जैन, प्रशांत कुमार, आयुष कदम, केवीआर हेमंत कुमार, माव्यूरी सिवा कृष्णा मनोहर, मिसुल्ला मेघाना, प्रांजल सिंह, हर्षिता बोनलिया, विनीथा वेनेला, नरूकुल्ला छाया और वृंदा जिंदल। दूसरा रैंक हासित करने वाले साहिल भी मुंबई आईआईटी में कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लेना चाहते हैं। उनके पिता धनराज जैन टीचर हैं। मां सुनीता कहती हैं कि हमारे लिए आज का दिन बेहद खास है। पिछले दो साल से साहिल ने किसी तरह का कोई फंक्शन अटेंड नहीं किया। रोज आठ से 10 घंटे तक बस पढ़ाई करती रही थी।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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