रिज़र्व बैंक ने प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट सीमा बढ़ाई

रिज़र्व बैंक ने पीपीआई सीमा दोगुनी कर 20,000 रुपये कर दी है।

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रिजर्व बैंक ने लोगों को हो रही नकदी की समस्या को देखते हुए छोटे व्यापारियों के लिये विशेष वितरण व्यवस्था आज पेश की और ‘प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट’ (पीपीआई) के लिये सीमा दोगुनी कर 20,000 रुपये कर दी।

डिजिटल साधनों के जरिये लोगों की लेन-देन की जरूरतों को पूरा करने के लिये रिजर्व बैंक ने ये अतिरिक्त कदम उठाये हैं।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने कालाधन पर अंकुश लगाने के लिये आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोट पर पाबंदी लगा दी है। इस निर्णय से बैंकों में नोट जमा करने एवं उसे बदलने के लिये भारी भीड़ लग रही है। ऐसे में लोगों को लेन-देन को आसान बनाने के लिये कई पहल किये जा रहे हैं। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा है, कि वे सहकारी व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को पर्याप्त नकदी आपूर्ति सुनिश्चित करें ताकि किसानों के पास पर्याप्त राशि रहे और उन्हें मौजूदा रबी बुवाई सीजन में बीज, उर्वरक आदि खरीदने में कोई दिक्कत नहीं हो। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने एक दिन पहले ही रिजर्व बैंक, नाबार्ड व सभी बंकों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और सहकारी क्षेत्र में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने को कहा था, क्योंकि यह ग्रामीण भारत में वित्तपोषण का महत्वपूर्ण माध्यम है।

रिजर्व बैंक के अनुसार किसानों को पर्याप्त वित्तीय समर्थन उपलब्ध कराना जरूरी है ताकि उन्हें खेती बाड़ी के काम में कोई दिक्कत नहीं हो।

केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा है, कि अनुमान के अनुसार जिला सहकारी बैंकों को 10,000 करोड़ रुपये प्रति सप्ताह की दर से किसानों को फसली ऋण मंजूर व वितरित करने के लिए लगभग 35000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। नाबार्ड लगभग 23000 करोड़ रुपये की अपनी नकदी ऋण सीमा का इस्तेमाल कर जिला सहकारी बैंकों को फसली ऋण वितरण में मदद करेगा।

इसके अनुसार सभी वाणिज्यिक बैंकों की ग्रामीण शाखाओं में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उधर दूसरी तरफ बिग बाजार ने घोषणा की है, कि उसके स्टोरों पर ग्राहक अपने डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए 2000 रुपये तक की राशि निकाल सकेंगे। यह सुविधा 24 नवंबर से शुरू होगी। फ्यूचर रिटेल की कंपनी बिग बाजार ने एक बयान में यह जानकारी दी है। इसके अनुसार एटीएम, क्रेडिट कार्ड धारक अपने अपने खातों से 2000 रुपए तक निकाल सकेंगे।

साथ ही एक अच्छी खबर यह भी है, कि आईआरसीटी वेबसाइट के जरिये ट्रेन टिकट की आनलाइन बुकिंग भी सस्ती हो जायेगी। सरकार ने नोटबंदी के मद्देनजर नकद रहित लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिये सेवा कर से छूट देने का फैसला किया है। यह छूट दिसंबर तक रहेगी।आईआरसीटीसी के जरिये टिकटों की बुकिंग पर ‘स्लीपर क्लास’ के लिये 40 रुपये तथा ‘एसी क्लास’ के लिये 40 रुपये लगता है।

23 नवंबर से 31 दिसंबर तक आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिये टिकट बुकिंग पर सेवा कर नहीं लगेगा।

आनलाइन बुकिंग के जरिये नकद रहित लेन-देन को प्रोत्साहित करने के इरादे से सेवा कर से छूट दी गयी है।

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