कैसे बनें एक सफल सोशल एंटरप्रेन्योर ?

- युवाओं में बढ़ रहा है समाज के लिए कुछ करने का जुनून-पिछले 1 दशक में कई नई सोशल एंटरप्राइज आई अस्तित्व में- किसी भी सोशल एंटरप्राइज खोलने से पहले करें पूरी रिसर्च

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पिछले एक दशक का यदि आप भारत में ट्रेंड देखेंगे तो पाएंगे कि भारत के लोग विशेषकर युवा, समाज को लेकर काफी सजग हुआ है। वो अपने लिए पैसा कमाना तो चाहता है लेकिन साथ ही समाज की अपनी तरफ से कुछ मदद भी करना चाहता है। वो हर संभव प्रयास में है कि कैसे वो समाज में परिवर्तन लाए। यही कारण है कि पिछले कुछ समय में एनजीओ, सोशल एंटरप्राइज व अन्य सामाजिक संगठनों की संख्या में वृद्धी देखने को मिली। ऐसा नहीं है कि पहले ऐसे संगठन नहीं होते थे, पहले भी काफी ऐसे संगठन हुए हैं। बस अंतर उनकी एकाएक बढ़ती संख्या है। यह समाज के लिए और देश के लिए बहुत अच्छी बात है क्योकि जिस देश का युवा देश की असमानता को हटाने की दिशा में पहल करेगा उसे देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। लेकिन किसी भी सोशल एंटरप्राइज को खोलने से पहले हमें विभन्न बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है केवल जोश और जुनून कई बार नुक्सान भी दे दे जाता हैं।

जल्दबाजी न करें -

कई बार लोगों को समाज के लिए काम करने का इतना जुनून सवार होता है कि वो एक रात में ही सब कुछ बदलकर रख देना चाहते हैं। समाज और देश के लिए काम करना बहुत अच्छी बात है लेकिन आपको ये ध्यान रखना होगा कि कई बार आपका छोटा प्रयास भी बहुत फायदेमंद होता है इसलिए सबकुछ बदलने की एकाएक इच्छा न रखें और सोच समझकर जल्दबाजी किए बगैर फैसला लें। सोशल एंटरप्राइज के बारे में सोचना और उसे चलाना दो बिलकुल अलग चीजें हैं। इसलिए सोच-समझकर पूरी रिसर्च करके ही आगे बढ़े और अपना काम शुरू करें। उस फैसले को अपने इमोशन्स से दूर रखें या यूं कहें कि भावावेश में आकर कोई फैसला न लें।

सारे रिस्क को टटोल लें-

हर बिजनेस में चाहे वो छोटा हो या बड़ा उसमें रिस्क जरूर होता है कई बार हम तय कर लेते हैं कि हमने क्या करना है लेकिन उस काम को करने में कितना जोखिम हो सकता है इसके बारे में कंपनी शुरू करने के बाद पता चलता है। अगर हम उस जोखिम को उठाने में सक्षम हैं तब तो ठीक है लेकिन अगर न उठा पाए तो काफी नुक्सान हो जाता है। सोशल एंटरप्राइज शुरू करने से पहले जोखिम के बारे में जरूर डिटेल से जांच लें। ये रिस्क विभिन्न तरह के हो सकते हैं। जो काम करने के दौरान अचानक सामने आते हैं।

आपना सही मूल्यांकन करें-

ज्यादातर सोशल एंटरप्राइज वो शुरू करते हैं जो इस क्षेत्र में नए होते हैं और उन्हें किसी कंपनी को शुरू करने का अनुभव नहीं होता। किसी कंपनी में काम करना व किसी कंपनी को खुद चलाने में काफी ज्यादा अंतर है तो कई बार दूर से आसान दिखने वाली चीज उतनी आसान नहीं होती जितनी वो प्रतीत होती है ऐसे में आपको अपना खुद का मूल्यांकन करना बेहद जरूरी है। अपना मूल्यांकन करें और यदि अापके अंदर विजन है, समझ है और काम करने का जज्बा है तभी आप उस काम में सफल हो पाएंगे और कंपनी को सफलतापूर्वक चला पाएंगें।

किसी के साथ मिलकर और टीम में काम करने के लिए तैयार रहें-

एक सोशल एंटरप्राइज ज्यादार काफी छोटे स्तर से शुरू होती है, लेकिन समय के साथ-साथ इनमें से कई काफी बड़ी हो जाती हैं तो कई पीछे छूट जाती हैं। जब भी किसी कंपनी का विस्तार होता है तो उसमें कई लोगों को जोड़ना होता है, तो कई बार किसी दूसरी कंपनी के साथ साझेदारी करनी होती है। एक व्याक्ति जो कि सोशल एंटरप्राइज की शुरूआत करने जा रहा है उसे इस बात को अपने जहन में रखना होगा कि भविष्य में उसे कई लोगों के साथ मिलकर काम करना पड़ सकता है।

संयम ही सफलता की कुंजी है-

अगर किसी व्यक्ति में संयम है तो वो व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संयम रखकर आसानी से निकल सकता है। ये बात हर जगह और और चीज पर लागू होती है । जब आप कोई सोशल एंटरप्राईज चला रहे हैं तो कई बार आपको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है कई बार ऐसी परिस्थिती आती है जब आपको आगे कुछ नहीं दिखता ऐसे में आपके संयम और धैर्य की परीक्षा होती है और यदि आप ऐसी कठिन परिस्थिती में पास हो जाते हैं तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

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