रेलवे टिकट एजेंसी खोलिए, स्लीपर पर 10 और एसी पर 20 रुपए कमाइए

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ऑथराइज्ड टिकट बुकिंग से टिकट कैंसिलेशन का डर नहीं होगा। तत्काल टिकट जनरल पब्लिक ओपनिंग टाइम के आधे घंटे बाद भी बुक हो जाएंगे। किसी ट्रेड लाईसेंस की जरूरत होगी।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
अधिकृत टिकट बुकिंग एजेंट बनने के लिए पोर्टल ई-रेल डॉट इन (erail.in) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान अपना विस्तृत डीटेल्स भरकर औपचारिकता पूरी करनी होगी।

आइआरटीसी की टीम, एप्लीकेशन फॉर्म रजिस्ट्रेशन फॉर्म और रजिस्ट्रेशन फीस मिलने के बाद एजेंसी के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति से संपर्क करेगी। इसके बाद केवाइसी सब्मिशन की प्रक्रिया पूरी होगी। 

भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग को लेकर एक तरफ तो छह बैंकों पर बैन लगा दिया है, दूसरी ओर टिकट बुकिंग एजेंसी शुरू करने के लिए स्वरोजगार की संभावनाएं खोल दी हैं। रेलवे के संबंधित प्रोसेस पूरा करते हुए कोई भी व्यक्ति टिकट बुकिंग एजेंट बनकर कर कमाई सकता है। इस काम में कोई निवेश नहीं करना है। गौरतलब है कि आइआरसीटीसी की ई-टिकटिंग वेबसाइट से रोज देशभर में लाखों लोग टिकट बुक कराते हैं। इस काम से एजेंट को स्लीपर क्लास पर 10 रुपये और एसी क्लास पर 20 रूपये की कमाई प्रति टिकट आमदमी हो सकती है। जितना अधिक टिकट बुक होंगे, उतनी अधिक कमाई होगी।

आइआरटीसी टिकट बुकिंग एजेंट इसके साथ अन्य भी कई लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मसलन, फ्लाइट बुकिंग, बस बुकिंग, कैब-टैक्सी बुकिंग, होटल बुकिंग, आइआरटीसी कस्टोमाइस्ड टूर पैकेज, डोमेस्टिक मनी ट्रांस्फर और मोबाइल डीटीएच रीचार्ज-वन सिम ऑल रिचार्ज जैसी कॉम्प्लीमेंट्री सर्विसिस भी संभव हो जाएगी। अनलिमिटेड टिकट बुक किए जा सकते हैं। ऑथराइज्ड टिकट बुकिंग से टिकट कैंसिलेशन का डर नहीं होगा। तत्काल टिकट जनरल पब्लिक ओपनिंग टाइम के आधे घंटे बाद भी बुक हो जाएंगे। किसी ट्रेड लाईसेंस की जरूरत होगी।

इसके अलावा आईआरसीटीसी ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और आईसीआईसीआई समेत छह बैंकों द्वारा रेल टिकट की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिबंधित कर दी। अब यात्री सिर्फ एचडीएफसी, इंडियन ओवरसीज बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक के कार्ड से ही ई-टिकट का भुगतान कर सकते हैं। सुविधा शुल्क को लेकर आईआरसीटीसी और बैंकों के विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। आईआरसीटीसी ने इस साल के शुरूआत में बैंकों से सुविधा शुल्क की राशि का बराबर-बराबर बांटने के लिए कहा था लेकिन बैंकों का आरोप है कि आईआरसीटीसी शुल्क की पूरी राशि खुद ही रखना चाहती है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय बैंक एसोसिएशन और आईआरसीटीसी के बीच हुई बातचीत भी बेनतीजा रही।

ई-टिकट की बुकिंग के लिए किये गये ऑनलाइन भुगतान हासिल करने वाले सभी मर्चेंट को एक हिस्सा यानी मर्चेंट डिस्काउंट अमाउंट (एमडीआर) संबंधित बैंक को देना होता है, जिसके कार्ड के जरिए भुगतान होता है। एमडीआर भुगतान राशि के अनुसार तय किया जाता है। बैंकों की ओर से इस मसले पर कहा गया कि सामान्य तौर पर जो मर्चेंट होता है, वह संबंधित बैंक को पैसा देता है, लेकिन आईआरसीटीसी ने उन्हें कभी पैसा नहीं दिया, इस वजह से ये राशि ग्राहकों से वसूली जाती रही है।

अधिकृत टिकट बुकिंग एजेंट बनने के लिए पोर्टल ई-रेल डॉट इन (erail.in) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान अपना विस्तृत डीटेल्स भरकर औपचारिकता पूरी करनी होगी। यह रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कम्पलीट करने के बाद आईआरसीटीसी के संबंधित अधिकारी प्रार्थी से संपर्क करेंगे। टिकट बुकिंग एजेंसी शुरू करने के लिए 30 हजार रुपए की वन टाईम रजिस्ट्रेशन फीस भी भरनी होगी, जिसमें से 20 हजार रुपए रीफंडेबल होंगे। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन के लिए register.csc.gov.in का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

 इस पोर्टल पर पहले एक रजिस्टर्ड यूजर बनना होगा। लॉग इन करने के बाद सर्विसिस कॉलम में जाकर आइआरटीसी टाइप करें। आइआरटीसी टाइप करने के बाद आइआरटीसी रजिस्ट्रेशन के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद नया वेब पेज खुल जाने पर उसमें आइआरटीसी रजिस्ट्रेशन फॉर्म का का लिंक खुलेगा। इस पर क्लिक करते ही फॉर्म खुल जाएगा, जिसमें अपनी डीटेल्स के साथ एप्लीकेशन फीस भर कर कम्पलीट करनी होगी।

आइआरटीसी टिकट बुकिंग एजेंट बनने के लिए कई जरूरी पेपर भी जमा करने होंगे। इनमें बैंक मैनेजर/गजटेड ऑफिसर से अटेस्टिड पेन कार्ड की कॉपी, एड्रेस प्रूफ, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, टेलीफोन-बिजली-पानी-एलआईसी का अपना नया बिल, राशन पत्रिका, वोटर आईडी, बैंक खाता विवरण, सेवा कर-वैट पंजीकरण प्रमाणपत्र, गैस कनेक्शन के दस्तावेज, संपत्ति कर एवं नगरपालिका कर रसीद जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे। इसके अलावा मोबाइल नंबर, अपना ईमेल आईडी, अपनी पासपोर्ट साईज फोटो की दो प्रतियां, डिजिटल हस्ताक्षर फ़ॉर्म और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भी जमा करना अपरिहार्य है।

यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आइआरटीसी की टीम, एप्लीकेशन फॉर्म रजिस्ट्रेशन फॉर्म और रजिस्ट्रेशन फीस मिलने के बाद एजेंसी के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति से संपर्क करेगी। इसके बाद केवाइसी सब्मिशन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद ई-टोकन क्रिएट कर दिया जाएगा। फिर ई-मेल, मोबाइल नंबर और शॉप एड्रेस का वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके बाद एक ओटीपी मिलेगा, जिससे आइआरटीसी सर्विस असाइन होगी। फिर एक ट्रेनिंग और वेलकम किट मिलेगी जिसके बाद आप टिकट बुकिंग शुरू कर सकते हैं।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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