डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए दुकानदारों को कर लाभ देने के पक्ष में रघुराम राजन

0

रिजर्व बैंक ने आज कहा कि आने वाले सप्ताहों में लोगों के लिये स्मार्टफोन के ज़रिए एक बैंक से दूसरे बैंक खाते में पैसा भेजना आसान होगा। ‘आईडीआरबीटी बैंकिंग टेक्नोलाजी एक्सीलेंस अवार्डस’ कार्यक्रम में रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लियए दुकानदारों को कर लाभ देने का भी पक्ष लिया।

उंचे मोबाइल घनत्व के साथ मोबाइल बैंकिंग सेवाओं को ‘स्टार - 99 हैस’ तथा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस :यूपीआई: जैसे यूएसएसडी चैनल के जरिये बढ़ावा दिया जा रहा है।

गवर्नर ने कहा, ‘‘मैं विशेष रूप से यूपीआई से उत्साहित हूं क्योंकि स्मार्टफोन अब बड़े पैमाने पर उपलब्ध है। ‘यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस’ के जरिये आने वाले कुछ सप्ताह में स्मार्टफोन के जरिये एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में कोष अंतरण आसान होगा।’’ इस बारे में विस्तार से बताते हुए राजन ने कहा कि एक ग्रामीण को अगर दुकानदार को भुगतान करना है, उसे पैसा देने के लिये केवल उसका (दुकानदार) नाम जैसे राम-एट एक्सवाईजेबैंक डॉट पीएसपी.. की जरूरत होगी।

राजन ने कहा, ‘‘धन निकालने या जमा करने के लिये न तो बैंक जाने की आवश्यकता है और न ही ‘प्वाइंट आफ सेल’ मशीन की जरूरत होगी। स्मार्टफोन की कीमतों में आ रही गिरावट के साथ हम अंतिम छोर की समस्या का समाधान करने की दहलीज पर हैं।’’ गवर्नर ने कहा कि काफी संभावना होने के बावजूद इलेक्ट्रानिक भुगतान सेवायें अभी निम्न स्तर पर बनी हुई है। हालांकि, इसमें वृद्धि हो रही है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर राजन ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं कि कराधान की आशंका के चलते नकदी से इलेक्ट्रानिक भुगतान की तरफ बढ़ने में गतिविधियों को धीमा कर सकता है। सूचना प्रौद्योगिकी कर से बचने की गुंजाइश को कम करती है और इसके लाभ के रूप में मुझे कतई संदेह नहीं है कि दुकानदार इलेक्ट्रानिक भुगतान के लिये कदम उठाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे दुकानदारों को कर लाभ देना फायदेमंद होगा जो डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने में रूचि दिखाते हैं।’’ राजन ने ऐसी प्रणाली के महत्व पर भी जोर दिया जो लेन-देन की सुरक्षा की पेशकश करे और उनके देख-रेख को लेकर ज्यादा बोझ नहीं हो।

राजन ने कहा भुगतान प्रणाली सस्ती और उन्नत होनी चाहिये जो कि अर्थव्यवस्था के अनुकूल हो। -पीटीआई


यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...