वजन घटे न घटे, लेकिन व्यायाम रखे दिल को फिट

स्वस्थ्य शरीर ही स्वस्थ्य ज़िंदगी की पहली शर्त है।

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"यह सच है कि लोग अपने शरीर का वजन कम करने के लिए कसरत का सहारा लेते हैं, लेकिन जब वजन कम नहीं होता, तो कसरत करना छोड़ देते हैं और व्यायाम छोड़ देने की ये आदत ही आगे चलकर एक बड़ी गलती साबित होती है।"

"कई ऐसे लोग हैं, जो व्यायाम करना पसंद नहीं करते, लेकिन डाइटिंग करके वजन घटाने की कोशिश करते हैं। क्या आप भी बिना व्यायाम किए सिर्फ डाइटिंग से वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं?"

एक स्टडी के मुताबिक नियमित रूप से व्यायाम आपके दिल का ख़याल रखता है, बेशक उससे आपका वजन कम न हो लेकिन दिल हमेशा स्वस्थ्य रहेगा और यह भी सच है कि लंबे समय तक स्वस्थ्य रहेगा। हालांकि इसका एक दूसरा पहलू ये है कि वजन का कम होना दिल के लिए फायदेमंद है, बेशक आप नियमित तौर पर व्यायाम न करते हों। हॉर्वर्ड मेडिकल स्कूल के डॉ. आई-मिन ली का कहना है, कि यदि आपका वजन बढ़ रहा है, पर आप अपनी फिटनेस को बनाए रखते हैं, तो आपको उन लोगों की तुलना में दिल की बीमारी का खतरा कम है, जिनका वजन भी आप जितना ही बढ़ रहा है, मगर वे लोग अपनी फिटनेस पर मेहनत नहीं कर रहे होते हैं।

कसरत करने से मनुष्य को उस बीमारी का खतरा कम हो जाता है, जिसमें दिल की धड़कन या तो बहुत तेज हो जाती है या बहुत धीमी।सिम्पैथिक नर्वस सिस्टम पर भी कसरत का अच्छा असर पड़ता है, जिससे धड़कनों की गति कम रखने में मदद मिलती है और आपका दिल ज्यादा बेहतर तरीके से काम कर पाता है। कसरत करने से ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता है, साथ ही आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कंट्रोल रहता है। ग्लूकोज को पचाने की क्षमता भी बढ़ती है, जिससे डायबिटीज का खतरा कम होता है। यदि आपका वजन कम नहीं हो रहा है, तो भी व्यायाम करने पर ये सारे फायदे मिलते हैं।

वजन कम होने के कई तरह के फायदे हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक यदि आप खासतौर पर डाइटिंग से ही वजन कम करते हैं और कसरत नहीं करते हैं, तो इससे आपको अपना ब्लड प्रेशर और इंसुलिन कंट्रोल करने में मदद मिलती है। आपके ब्लड फैट प्रोफाइल के लिए यह अच्छा रहता है और ग्लूकोज को पचाने में भी मदद मिलती है। इन सब चीज़ों का फायदा अच्छी सेहत बनाये रखने में मिलता है।

"सबसे अहम बात ये है कि नियमित व्यायाम किये बिना वजन कम करना और वजन कम न होने के बावजूद नियमित तौर पर व्यायाम करना दोनों ही दिल के लिए फायदेमंद हैं। इससे हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा कम होता है, कोलेस्ट्रॉल और दूसरे फैट कंट्रोल में रहते हैं और मेटावॉलिक सिस्टम पर भी अच्छा असर होता है।"

"नियमित कसरत के साथ यदि वजन भी कम हो तो इसके फायदे और ज्यादा होते हैं। जो लोग फिटनेस और वजन घटाने दोनों मोर्चों पर सफल हैं, उन्हें दिल की बीमारियों का खतरा सबसे कम होता है। साथ ही जिनका वजन बढ़ने के साथ-साथ उनकी फिटनेस भी खराब हो रही है, उन्हें दिल की बीमारियों का खतरा सबसे अधिक होता है।"

"आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में सबसे ज्यादा ज़रूरी हो गया है, कि बगैर किसी बात का इंतज़ार किये हुए नियमित तौर पर व्यायाम करके खुद को फिट रखना। वैसे भी आप गौर करेंगे कि कसरत से हम दिमागी रूप से तरोताजा महसूस करते हैं। जो लोग आमतौर पर कसरत नहीं करते हैं, उन्हें शुरूआत धीमी करनी चाहिए और आगे चलकर उसे धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।"

हफ्ते में 150 मिनट की कोई भी शारीरिक गतिविधि करने का लक्ष्य बनायें। आप वॉकिंग भी कर सकते हैं, यह सबसे अच्छी एक्सरसाइज़ है। हफ्ते में 30-30 मिनट तक पांच दिन पैदल सैर की जानी चाहिए। आप चाहें, तो एक साथ 30 मिनट की सैर करने की बजाय दिन में तीन बार 10-10 मिनट सैर कर सकते हैं। इससे भी आपको उतना ही फायदा होगा, जो 30 मिनट की सैर से होगा। कुछ लोगों को 10 मिनट से 30 मिनट पहुंचने में कुछ हफ्ते का समय लग जाता है और कुछ को इससे भी ज्यादा। लेकिन इन सब बातों को पीछे छोड़ कर कि समय कितना लग रहा है कितना नहीं लग रहा है, से ज्यादा ज़रूरी है कि आप शरीर के व्यायाम पर ध्यान दें, क्योंकि स्वस्थ्य शरीर ही स्वस्थ्य ज़िंदगी की पहली शर्त है।

ज़रूरी बात:

वाहन के प्रति मोह कम कर उसका प्रयोग कम करने की आदत डालें। जहां तक हो सके कम दूरी के लिए पैदल जायें। इससे मांसपेशियों का व्यायाम होगा, जिससे आप निरोगी रहकर आकर्षक बने रहेंगे और साथ ही पर्यावरण सुरक्षित होगा।