2022 तक सभी ट्रेनें बिजली से, 10,000 करोड़ रुपये की होगी बचत

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आने वाले समय में सभी रेलगाड़ियां बिजली से ही चलेंगी। रेलवे के इस पूरी योजना में तकरीबन 35,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इलेक्ट्रिफिकेशन के बाद रेलवे सालाना ईंधन के 10,500 करोड़ रुपये बचा पाएगा। 

सांकेतिक तस्वीर (साभार- यूट्यूब)
सांकेतिक तस्वीर (साभार- यूट्यूब)

रेलवे ने फैसला किया है कि सम्पूर्ण रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण तेजी से किया जाएगा। इससे कार्बन रहित बनाने की पहल के साथ रेलवे में अक्षय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

अभी 33,000 किलोमीटर ट्रैकों का विद्युतीकरण किया गया है। 40 प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ है और इसमें 55 प्रतिशत सवारी गाड़ी और 65 प्रतिशत माल गाड़ी है। इनके मद में भारतीय रेल के कुल ईंधन बिल का केवल 35 प्रतिशत आता है। 

भारतीय रेल अगले 4 सालों में पूरे देश में फैले रेल नेटवर्क को इलेक्ट्रिफाइड करने जा रहा है। यानी आने वाले समय में सभी गाड़ियां बिजली से ही चलेंगी। रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने रेल मंत्रालय द्वारा रेलवे विद्युत अभियंता संस्था, (आईआरईई) भारत के माध्यम से आयोजित हरित पहल और रेलवे विद्युतीकरण पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के समय रेल विद्युतिकरण करने की बात कही। गोयल ने कहा कि हम समयबद्ध, दक्षतापूर्ण और प्रभावशाली तरीके से कार्य कर रहे हैं ताकि भारतीय रेल को वास्‍तव में विश्‍वस्तरीय श्रेणी की सुरक्षित और आधुनिक परिवहन का साधन बना सकें।

मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल नई विचारधारा और विश्‍वास के साथ काम कर रही है। जिस प्रकार भारत ने एलईडी बल्‍ब बदलने के लिए उत्‍साह दिखाया है, ठीक वैसे ही हम भारतीय रेल के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण करने के द्वारा विश्‍व का नेतृत्‍व करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की विचारधारा में परिवर्तन हुआ है। भारतीय रेल भारत सरकार के सकारात्‍मक विकासात्‍मक एजेन्‍डा के लिए 'हम करेंगे और हम कर सकते है' की भावना से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर रेल राज्यमंत्री और संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि 'भारतीय रेलवे ने 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का व्यापक लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करना एक चुनौती है और यह सम्मेलन हमें एक अंतरदृष्टि प्रदान करेगा कि हम इस लक्ष्य को कैसे पूरा कर सकते हैं। हरित पहल और रेलवे में ऊर्जा के व्यवहार्य स्रोत अपनाना पिछले तीन साल में हमारी प्राथमिकता रही है।'

भारतीय रेल द्वारा मितव्ययता लागू करने से विद्युतीकरण का कार्य कम लागत में पूरा किया जाएगा जिसमें 'प्रोत्साहन-जुर्माना योजना' लागू की जाएगी। मंत्री ने कहा कि 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लिए एक समग्र योजना बनाने की आवश्यकता है। इस सम्मेलन में मिशन मोड में विद्युतीकरण करने में आने वाली समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। रेलवे के इस पूरी योजना में तकरीबन 35,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इलेक्ट्रिफिकेशन के बाद रेलवे सालाना ईंधन के 10,500 करोड़ रुपये बचा पाएगा।

अभी तक देश में आधे से ज्यादा रेलवे ट्रैक्स का इलेक्ट्रिफिकेशन किया जा चुका है। रेलवे का विद्युतीकरण अभियान रेलवे के लिए रणनीतिक परिवर्तन है और यह रेलवे के लिए बड़ी पहल है। रेलवे ने फैसला किया है कि सम्पूर्ण रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण तेजी से किया जाएगा। इससे कार्बन रहित बनाने की पहल के साथ रेलवे में अक्षय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय रेल के ऊर्जा बिल को और कम करने के लिए रेलवे ने मुक्त पहुंच के माध्यम से बिजली खरीदना शुरू किया है और इस वर्ष बिजली संकर्षण बिल 2500 करोड़ रुपये कम होगा यानी 2014-15 के बिल की तुलना में वार्षिक आधार पर 25 प्रतिशत कम होगा।

अभी 33000 मार्ग किलोमीटर ट्रैकों का विद्युतीकरण किया गया है। 40 प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ है और इसमें 55 प्रतिशत सवारी गाड़ी और 65 प्रतिशत माल गाड़ी है। इनके मद में भारतीय रेल के कुल ईंधन बिल का केवल 35 प्रतिशत आता है। हम अब रेल का 100 प्रतिशत बिजलीकरण करने जा रहे हैं और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 2021-22 तक फास्टट्रैक आधार पर 33,000 मार्ग किलोमीटर नेटवर्क का बिजलीकरण किया जाएगा। इससे ऊर्जा बिल 26,500 करोड़ रुपये के वर्तमान स्तर के घटकर 16,000 करोड़ रुपये हो जाएगा यानी 100 प्रतिशत संचालन के साथ प्रतिवर्ष 10,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।

भारतीय रेल सर्वाधिक दक्ष ऊर्जा परिवहन साधन है और सर्वाधिक पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधन भी माना जाता है। रेलवे तीव्र आर्थिक उन्नति के साथ परिवहन क्षेत्र भी उन्नति कर रहा है और ऊर्जा की मांग बढ़ रही है। परिवहन क्षेत्र में ऊर्जा की सबसे अधिक खपत है। रेलवे अकेली कुल राष्ट्रीय ऊर्जा खपत का सर्वाधिक लगभग 2 प्रतिशत इस्तेमाल करती है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री अश्वनी लोहनी ने इस मौके पर कहा कि रेलवे परिवहन का सर्वाधिक ऊर्जा उपयोगी साधन होने के कारण हरित स्रोतों की दिशा में ऊर्जा मिश्रण के लिए कार्य कर रहा है और इस दिशा में कई कदम उठाये गए हैं। हमें निरंतर नवोन्मेशी होने की आवश्यकता है ताकि रेलवे को उपयोगी, टिकाऊ और पसंदीदा वाहक बनाया जा सके।

रेलवे अगर इस लक्ष्य के लिए काम करना शुरू करेगा तो उसे रोजाना 30 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतिकरण करना होगा। इस संदर्भ में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का निर्धारित लक्ष्य प्रथम आदर्श प्रयास होगा जिसमें तीव्र विद्युतीकरण के लिए प्रोद्योगिकी की सहायता आवश्यक है। यह सम्मेलन तेजी से विद्युतीकरण करने, गति बढ़ाने और रेल क्षेत्र में प्रभावशाली तरीके से अक्षय ऊर्जा के उपयोग के संदर्भ में कई समाधान प्रदान करेगा जिससे संचालन लागत कम हो सकेगी।

इस आईआरईई सम्मेलन का उद्देश्य तीव्र विद्युतीकरण के लिए, तीव्र गति के इंजन लाने के लिए और 2020 तक 1200 मेगावाट की स्थापना के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अक्षय ऊर्जा स्वरूपों का सफलता पूर्वक उपयोग करने हेतु लागू किये जा सकने वाले प्रोद्योगिकीय समाधान एंव वित पोषण की चर्चा करना है। इस कार्यक्रम के तहत अन्य देशों और मानदण्डों के साथ तुलना करना, सफल पायलट परियोजनाओं का अध्ययन करना, भारतीय रेल की उच्च गति के इंजन आवश्यकताओं को पूरा करना व 'मेक इन इंडिया' को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए नई भारतीय रेलवे बनाने की पहल भी शामिल है।

यह सम्मेलन बिजलीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्यगिकी और समाधान तथा रेल क्षेत्र में श्रेष्ठ व्यवहारों तथा अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों और उद्योग जगत के अग्रणी लोगों के अनुभवों को साझा करने के मंच के रूप में काम करेगा। सम्मेलन ऊर्जा क्षमता को लागू करने तथा भारतीय रेल में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के सतत दृष्टीकोण को बढ़ावा देकर 'मेक इन इंडिया' पहल को प्रोत्साहित करेगा और लोकप्रिय बनाएगा।

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