डांस के लिए कुछ भी करेगा - टेरेंस लुईस

- सुनी अपने मन की बात, शौक को बनाया करियर। - बच्चों को डांस की तकनीक सिखा रहे हैं टेरेंस लुईस। - डांस को केवल शौक नहीं बल्कि मेन स्ट्रीम करियर के रूप में देखना चाहते हैं टेरेंस।

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अगर बूगी-बूगी ने ड्राइंगरूम डांसर्स को एक मौका दिया कि वे अपने डांसिंग टेलेंट को दुनिया को दिखाएं तो वहीं डांस इंडिया डांस, नच बलिए और झलक दिखला जा जैसे शोज़ ने इस ट्रेंड को आगे बढ़ाया और घर-घर तक पहुंचाया। इन शोज़ की खासियत यह रही कि इनमें भाग लेने वाले प्रतियोगियों और जज सभी को खूब प्रसिद्धी और जनता का प्यार मिला। जानेमाने कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस डीआईडी, नच बलिए, हिंदुस्तान के हुनरबाज और चक धूम धूम जैसे शोज़ के जज रहे चुके हैं। टेरेंस की खासियत यह है कि वे प्रतियोगियों को बहुत मोटिवेट करते हैं और अपने कमेंट्स व मदद से उनका बेस्ट निकलवा लेते हैं। यही वजह है कि आज वे अपनी अलग पहचान रखते हैं।

टेरेंस लुईस माइक्रोबॉयलॉजिस्ट हैं साथ ही उन्होंने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है। बावजूद इसके डांस में बहुत ज्यादा रुचि होने की वजह से इन्होंने परंपरागत पेशे को न अपनाकर अपने दिल की बात सुनी और अपने लिए वो काम चुना जिसमें उनका मन रमता था। हालांकि उनको शुरुआत में अपने परिवार से काफी नाराजगी भी मिली लेकिन टेरेंस यह जानते थे कि उन्होंने अपने लिए बिल्कुल सही रास्ता चुना है। टेरेंस की मेहनत, लगन और समर्पण ने उन्हें आज अपने क्षेत्र में काफी ऊंचाई पर ला दिया है।

टेरेंस लुईस
टेरेंस लुईस

टेरेंस मानते हैं कि जिंदगी में अपने लिए वही काम चुनो जो आप करना चाहते हो और उस काम को करने में अपना जी जान लगा दो। जो काम पसंद न हो उसे न करो।

टेरेंस को वैसे तो बचपन से ही डांस का बहुत शौक रहा है। लेकिन डांस की विधिवत शिक्षा उनकी 14 साल की उम्र से शुरु हुई। एक बार वे मुंबई में इंटरस्कूल डांस चैंपियनशिप में अपने स्कूल को रिप्रजेंट कर रहे थे तभी वहां मौजूद जज परवेज शेट्टी ने उन्हें देखा और उनके अंदर के टेलेंट को पहचाना। उस प्रतियोगिता में टेरेंस को पहला पुरस्कार मिला और साथ ही डांस सीखने के लिए स्कॉलरशिप भी मिली। जब जैज बैलेट क्लासेज में टेरेंस गए तो वहां के टीचर टेरेंस का डांस देखकर खुश हो गए क्योंकि वे बहुत ही समर्पित भाव से ग्रेसफुली डांस कर रहे थे। टेरेंस का मन इन क्लासेज में ऐसा रमा कि उसके बाद वे हर समय बस डांस के बारे में ही सोचते रहते थे।

परवेज शेट्टी के बाद अमेरिकन मॉडर्न कनटेम्परेरी डांस टीचर जान फ्रीमैन ने टेरेंस की जिंदगी पर खासा असर डाला। यह सन 1996-1997 का समय था जब फ्रीमैन उन्हें हॉटन स्टाइल सिखाने के लिए आए। उससे पहले तक टेरेंस को इस डांस स्टाइल के बारे में पता तक नहीं था। टेरेंस उनके डांस स्टाइल से बहुत प्रभावित हुए। उसके बाद तो टेरेंस ने खुद को डांस के प्रति समर्पित कर दिया और उसमें डूबते चले गए।

फिर टेरेंस की आगे की डांस ट्रेनिंग न्यूयॉक के एलबिन एली स्कूल में हुई। जहां उन्होंने समर इंटेंसिव कोर्स में भाग लिया। इनके अलावा टेरेंस के जो अन्य विदेशी डांस मास्टर रहे जिन्होंने उनकी कला को निखारा उनमें सुजैन लिंकी और नाकुला सोमाना रहे।

टेरेंस ने अपना डांसिंग करियर एक डांस टीचर के रूप में शुरु किया। उसके बाद उन्होंने कुछ सेलिब्रेटी को भी ट्रेनिंग दी। जिसमें माधुरी दीक्षित और गौरी खान जैसी हस्तियां शामिल हैं। धीरे-धीरे टेरेंस को कामयाबी मिलती चली गई और वे फेमस होते चले गए। तभी उन्हें एलीक पद्मी का कॉल आया, एलीक ने टेरेंस को एक विज्ञापन को कोरियोग्राफ करने का मौका दिया। उस विज्ञापन के लिए टेरेंस को कुछ डांसर्स की जरूरत थी। इसलिए उन्होंने विभिन्न कॉलेजों में डांस ऑडीशन्स कराए और यहीं से नीव पड़ी उनकी डांस कंपनी की। जिसका नाम उन्होंने टेरेंस लुईस कनटेम्परेरी डांस कंपनी रखा। इस प्रकार टेरेंस ने सन 2000 में अपनी डांस कंपनी खोली। अपनी कंपनी के माध्यम से टेरेंस का मक्सद डांस को मेन स्ट्रीम करियर के रूप में स्थापित करना है। जहां विदेशों में डांसिंग एक करियर है वहीं भारत में इसे केवल हॉबी के रूप में ही लिया जाता है और बहुत ज्यादा इज्जत की नज़र से भी नहीं देखा जाता। लेकिन अब लोगों की सोच धीरे-धीरे बदल रही है। इसी सोच को बदलना टेरेंस की जिंदगी का मक्सद बन गया है। इनके कोर्स में इंडियन डांसिंग स्टाइल को कंटेम्परेरी डांस के साथ जोड़ कर इंडो कंटेम्परेरी स्टाइल बनाया गया है। यह स्टाइल कंपनी का सबसे प्रमुख स्टाइल है। आजकल आप विभिन्न डांस प्रतियोगिताओं में इस डांस स्टाइल को देख सकते हैं। यह डांस लोगों को पसंद भी आ रहा है। कंपनी अलग-अलग डांस स्टाइल सीखने वाले बच्चों के लिए अलग-अलग कोर्स भी चलाती है।

टेरेंस बताते हैं कि उनके हर बिजनेस ने उन्हें आगे बढऩे का और एक सफल उद्यमी बनने की ओर अग्रसर किया। क्योंकि हर प्रोजेक्ट का एक अलग टारगेट ग्रुप होता है और उन्हें सबको मैनेज करना होता है।

टेरेंस का प्रोफाइल आज केवल डांस टीचर तक सीमित नहीं है। वे देश के जानेमाने कोरियोग्राफ हैं। डांसर हैं। वे इंडियन टेलिविजन के मशहूर जज भी हैं। वे जहां मंच के पीछे प्रतियोगियों के सलाहकार की भूमिका में भी नज़र आते हैं वहीं मंच पर उन्हें सलाह मशविरा देते हुए जज की भूमिका में भी होते हैं। वे अपनी कंपनी भी चला रहे हैं। इसके अलावा मुंबई से बाहर डांस कैंप भी लगाते हैं ताकि मुंबई से बाहर रहने वाले बच्चों को भी उनसे डांस सीखने का मौका मिले। यानी अब टेरेंस एक साथ कई भूमिकाओं में नज़र आ रहे हैं।

हालांकि लोग टेरेंस को एक अनुशासन प्रिय डांसर और एक अच्छा टीचर मानते हैं लेकिन टेरेंस खुद को एक स्टूडेंट ही मानते हैं। वे कहते हैं कि मैं हमेशा ही स्टूडेंट रहना चाहता हूं और रोज कुछ न कुछ नया सीखना चाहता हूं। वे अपनी टीम को अपनी सफलता का आधार मानते हैं।

हमेशा कुछ नया करने की अपनी चाह को टेरेंस अपनी सफलता की वजह मानते हैं। और जिंदगी में अनुशासन और अभ्यास यह दो ऐसी चीज़ें हैं जिन्होंने उन्हें कभी रुकने नहीं दिया। आज इनकी कंपनी लगातार नई ऊंचाईयों को छू रही है।

टेरेंस नए लोगों को सलाह देते हैं कि वे अपने काम में माहिर बनें। बाजार में क्या चल रहा है इस पर नज़र रखें। अपना विज़न क्लेयर रखें और कोशिश करें कि जब अपनी टीम खड़ी करें तो लोगों का चुनाव बहुत सोच समझकर करें।