भारत की हार्डवेयर मैनुफ़ैक्चरिंग इंडस्ट्री को सशक्त बनाने की जुगत में लगा कोलकाता का यह स्टार्टअप

बीटेक ग्रैजुएट युवाओं ने मिल कर शुरू की आईओटी सॉल्यूशन कंपनी, जो मुहैया करवाती है बेहतरीन प्रोडक्ट्स और सुविधाएं...

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बीटेक ग्रैजुएट्स ओसामा रौशन और अनिल शॉ ने अपने स्टार्टअप की शुरूआत से काफ़ी पहले ही इस बात को भांप लिया था कि भारत में हार्डवेयर डिवेलपमेंट के क्षेत्र में कई कमियां हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर में तीन सालों का अनुभव लेने के बाद दोनों इस बात पर सहमत हुए कि उन्हें अपने स्टार्टअप की शुरूआत करनी चाहिए। 

ओसामा रौशन और अनिल शॉ
ओसामा रौशन और अनिल शॉ
टेन पाई की शुरूआत करने से पहले ओसामा आईटीसी इन्फ़ोटेक में बतौर कन्सलटेन्ट काम कर चुके हैं, जहां पर उन्होंने क्लाइंट्स को संभालने का अच्छा अनुभव हासिल किया, जबकि उनके सहयोगी अनिल एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स में इलेक्ट्रॉनिक्स रिसर्च और डिवेलपमेंट इंजीनियरिंग का काम कर चुके हैं।

स्टार्टअप: टेन पाई टेक्नॉलजीज़
फ़ाउंडर: ओसामा रौशन और अनिल शॉ
शुरूआत: 2017
जगह: कोलकाता
सेक्टर: हार्डवेयर सर्विसेज़
काम: क्लाइंट्स को आईओटी आधारित हार्डवेयर प्रोडक्ट्स और सुविधाएं मुहैया कराना
फ़ंडिंग: बूटस्ट्रैप्ड

भारत का स्टार्टअप ईकोसिस्टम मूल रूप से सॉफ़्टवेयर आधारित ही है और हार्डवेयर सेक्टर को कम ही तवज्जो दिया जाता है। हार्डवेयर के मामले में भारत, बाहरी देशों पर निर्भर है और इस वजह से ही हार्डवेयर मटीरियल का बड़ी मात्रा में आयात होता है। यह तथ्य साफ़ करता है कि अभी हमारे देश में इस सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें हमें बेहतर ढंग से भुनाना चाहिए और मैनुफ़ैक्चरिंग, डिज़ाइन, रोबोटिक्स और आईओटी (इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स) के क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को और भी अधिक विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।

बीटेक ग्रैजुएट्स ओसामा रौशन और अनिल शॉ ने अपने स्टार्टअप की शुरूआत से काफ़ी पहले ही इस बात को भांप लिया था कि भारत में हार्डवेयर डिवेलपमेंट के क्षेत्र में कई कमियां हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर में तीन सालों का अनुभव लेने के बाद दोनों इस बात पर सहमत हुए कि उन्हें अपने स्टार्टअप की शुरूआत करनी चाहिए। 27 वर्षीय ओसामा कहते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर के क्षेत्र में भारत काफ़ी पिछड़ा हुआ है। वह मानते हैं कि जो लोग इस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, उन्हें पर्याप्त रूप से कुशल वर्कफ़ोर्स भी नहीं मिलता है और अन्य तकनीकी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।

ओसामा बताते हैं कि उन्होंने पाया कि रोबस्ट या उम्दा दर्जे के हार्डवेयर्स की मैनुफ़ैक्चरिंग के मामले में भारत, चीन से कहीं पीछे है और इसके बाद ही उन्हें टेन पाई टेक्नॉलजीज़ जैसे स्टार्टअप को शुरू करने की प्रेरणा मिली। ओसामा और अनिल इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स रहे हैं और इस वजह से ही उनका रुझान हमेशा से ही इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के डिवेलपमेंट की ओर रहा है और इस रुझान को ही सकारात्मक दिशा देते हुए, दोनों ने साथ मिलकर 2017 में अपने स्टार्टअप की शुरूआत की।

दोनों मानते हैं कि उनकी कंपनी किसी जटिल प्रक्रिया के तहत काम नहीं करती, लेकिन कंपनी के हर काम के परिणाम दूरगामी ज़रूर होते हैं और यही उनकी ख़ासियत है। टेन पाई टेक्नॉलजीज़ एक आईओटी सॉल्यूशन कंपनी है, जो इस क्षेत्र में कई प्रोडक्ट्स और सुविधाएं मुहैया कराती है। कंपनी को-इनोवेशन की अवधारणा पर काम करती है और क्लाइंट्स के सहयोग से अपने उत्पादों और सुविधाओं को बेहतर करने में विश्वास रखती है। क्लाइंट्स के साथ मिलकर इनोवेशन के लिए कंपनी ने अपने सर्विस मॉडल के अंतर्गत एक ख़ास लैब भी तैयार करवाई है।

हार्डवेयर के क्षेत्र में कंपनी डोमेन्स सर्किट डिज़ाइन, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड डिज़ाइन, एंबेडेड सिस्टम डिज़ाइन और मैकेनिकल एनक्लोज़र डिज़ाइन की सर्विसेज़ देती है। वहीं सॉफ़्टवेयर डिवेलपमेंट की सुविधाओं में फ़र्मवेयर डिवेलपमेंट, वेब/मोबाइल ऐप्लिकेशन, क्लाउड सर्वर इंटीग्रेशन्स शामिल हैं। कंपनी कस्टम प्रोडक्ट डिवेलपमेंट, डेटा विज़ुअलाईजेशन और मशीन लर्निंग के लिए भी प्रोडक्टस इंजीनियरिंग की सुविधाएं देती है। ओसामा बताते हैं कि उनकी कंपनी ने कुछ इन-हाउस प्रोडक्ट्स भी तैयार किए हैं और कंपनी उन्हें पेटेंट कराने की जुगत में लगी हुई है।

इन-हाउस प्रोडक्ट्स में शामिल हैं:

एयर क्वॉलिटी इंडेक्सः कंपनी ने एक पोर्टेबल एयर पल्यूशन डिटेक्शन डिवाइस डिज़ाइन और डिवेलप किया है। यह एयर क्वॉलिटी इंडेक्स को मापने के लिए क्लाउड और मोबाइल/वेब ऐप्स पर रियल-टाइम डेटा भेजता है। इंटरनेट रिमोटः कंपनी का दावा है कि इस रिमोट के माध्यम से इंटरनेट पर पीत्ज़ा ऑर्डर करने से लेकर रॉकेट लॉन्च करने तक के सभी काम किए जा सकते हैं। यह एक बहुत ही छोटा और पोर्टेबल डिवाइस है, जो दो रुपए के सिक्के के बराबर है।

रेटिना मूवमेंट सेंसिंग डिवाइसः टेन पाई एक इन-हाउस प्रोडक्ट लाइन पर काम कर रहा है, जो रेटिना के मूवमेंट का पता लगा सकती है। इसका इस्तेमाल वर्चुअल रिएलिटी, ऐडवरटाइज़िग, हेल्थकेटर और मार्केट रिसर्च का आदि के क्षेत्रों में हो सकता है। अभी तक टेन पाई हेल्थकेयर, एंटरप्राइज़ आईओटी सॉल्यूशन्स और वियरेबल डिवाइस इंडस्ट्री के क्षेत्रों में कार्यरत क्लाइंट्स के साथ काम कर चुका है। कंपनी का हालिया रेवेन्यू लगभग 50 लाख रुपए का है। कंपनी क्लाइंट्स की ज़रूरत के हिसाब से प्रोडक्ट्स तैयार करती है और इस आधार पर ही प्रोडक्ट्स और सुविधाओं की क़ीमत तय होती है।

टेन पाई की शुरूआत करने से पहले ओसामा आईटीसी इन्फ़ोटेक में बतौर कन्सलटेन्ट काम कर चुके हैं, जहां पर उन्होंने क्लाइंट्स को संभालने का अच्छा अनुभव हासिल किया, जबकि उनके सहयोगी अनिल एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स में इलेक्ट्रॉनिक्स रिसर्च और डिवेलपमेंट इंजीनियरिंग का काम कर चुके हैं। टेन पाई को नैसकॉम 10,000 स्टार्टअप वेयरहाउस के माध्यम से इनक्यूबेशन की सुविधाएं मिलीं और फ़िलहाल कंपनी की कोर टीम में 13 सदस्य हैं।

आईओटी का ग्लोबल मार्केट 2015 में 5.96 बिलियन डॉलर्स आंका गया था और 2020 तक 35.2 प्रतिशत की कम्पाउंड ऐनुअल ग्रोथ रेट के साथ इसके 26.95 बिलियन डॉलर्स तक पहुंचने की संभावना है। पिछले 5 सालों में इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स को काफ़ी बढ़ावा मिला है। सीबी इनसाइट्स के मुताबिक़, पूरी दुनिया में पिछले 5 सालों में वेंचर कैपिटल कम्युनिटी द्वारा आईओटी स्टार्टअप्स में 12.5 बिलियन डॉलर्स का निवेश किया गया है।

ओसामा ने बताया कि कंपनी फ़िलहाल अपनी ख़ुद की मैनुफ़ैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने की योजना बना रही है। साथ ही, इस साल ही कंपनी सिंगापुर में स्थित, विदेशी ज़मीन पर अपने पहले ऑफ़िस के ज़रिए इनवायरमेंट सेंसिंग, अर्ली वॉर्निंग सिस्टम्स आदि के लिए प्रोटोटाइप लॉन्च कर सकती है। कंपनी, ओपन सोर्स प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च करने की योजना भी बना रही है, जिसके माध्यम से टेन पाई की ओर मैनुफ़ैक्टरर्स कम्युनिटी को आकर्षित किया जा सके।

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