14 वर्षीय शुभम हैं दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र एंड्रॉइड डेवलपर

14 वर्षीय युवा एंड्रॉइड डेवलपर शुभम...

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एसोसिएट एंड्रॉइड डेवलपर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम दुनिया भर में एंड्रॉइड डेवलपर्स के लिए अपने कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर है। ठाणे पुलिस स्कूल में पढ़ने वाले शुभम कोडिंग क्लास के माध्यम से एंड्रॉइड एप्लिकेशन डेवलपमेंट की दुनिया से रूबरू हुए थे। जहां एक तरफ कोडिंग किसी पहली बार सीखने वाले के लिए भय के समान होती है तो वहीं शुभम को इसमें अवसरों के अंतहीन पूल दिखाई दिए।

इंटरनेट पर सख्ती से शोध करने के बाद, शुभम को दो अवसर मिले- पहला था Oracle की जावा एसोसिएट डेवलपर परीक्षा, और दूसरी थी गूगल की एसोसिएट एंड्रॉइड डेवलपर परीक्षा। चूंकि वह जावा के लिए नया था, इसलिए उन्होंने Google द्वारा प्रस्तुत परीक्षा लेने का फैसला किया।

किसी बड़े विद्वान ने कहा है कि 'ओल्ड इज गोल्ड बट योंग इज डायमंड', और आज ये डायमंड अपनी चमक जमकर बिखेर रहे हैं। महाराष्ट्र के ठाणे से आने वाले 14 वर्षीय शुभम पांचाल ने हाल ही में Google और Udacity (संयुक्त राज्य अमेरिका) द्वारा प्रस्तुत किए गए एक सर्टीफिकेट प्रोग्राम को क्लियर किया है। इसके साथ ही शुभम दुनिया के दूसरे सबसे यंग एसोसिएट एंड्रॉइड डेवलपर बन गए।

एसोसिएट एंड्रॉइड डेवलपर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम दुनिया भर में एंड्रॉइड डेवलपर्स के लिए अपने कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर है। ठाणे पुलिस स्कूल में पढ़ने वाले शुभम कोडिंग क्लास के माध्यम से एंड्रॉइड एप्लिकेशन डेवलपमेंट की दुनिया से रूबरू हुए थे। जहां एक तरफ कोडिंग किसी पहली बार सीखने वाले के लिए भय के समान होती है तो वहीं शुभम को इसमें अवसरों के अंतहीन पूल दिखाई दिए।

मिड-डे से बात करते शुभम ने कहा कि "मुझे लगता है कि यह एक उपयोगी तंत्र बनाने और एक जटिल माध्यम से छेड़छाड़ करने का जो मजा था उसने मुझे अपनी ओर आकर्षित किया।" शुभम ने एक वर्ष की अवधि के भीतर 10 ऐप डेवलप किए हैं, और हाल ही में डेटा स्टोरेज को आसान बनाने के लिए एक समग्र ऐप बनाया है। खाता संख्या, आईएफएससी कोड और डेबिट / क्रेडिट कार्ड नंबर जैसे आवश्यक वित्तीय विवरणों को स्टोर करने में मदद करने के उद्देश्य से बनाए गए इस ऐप से शुभम को आधार के युग में बेहतर काम करने की उम्मीद है। खुद कंप्यूटर को लेकर पैसनेट शुभम के पिता एक स्टील विनिर्माण इकाई में काम करते हैं, और उनकी मां एक गृहिणी है। खास बात ये है कि इनमें से कोई भी कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की पृष्ठभूमि से नहीं था, इसलिए शुभम को अपनी समस्याओं का समाधान खुद से करना पड़ा।

शुभम द्वारा साझा की गई कहानी के अनुसार, वे कहते हैं कि "मैंने YouTube और बहुत ही सहायक Stack Overflow से कोडिंग सीखना शुरू किया जिसने मुझे बहुत हेल्प की। जब भी मुझे मेरे जावा प्रोग्रामिंग में किसी भी एरर या जटिलताओं का सामना करना पड़ा, तब उसने मेरी सहायता की। चूंकि मुझे परीक्षा की प्रक्रिया के बारे में पता नहीं था, एक वरिष्ठ एसोसिएट एंड्रॉइड डेवलपर श्री जेफी लैजर ने मुझे परीक्षा की प्रक्रिया के बारे में निर्देशित किया, जो मेरे लिए बहुत उपयोगी साबित हुई।"

इंटरनेट पर सख्ती से शोध करने के बाद, शुभम को दो अवसर मिले- पहला था Oracle की जावा एसोसिएट डेवलपर परीक्षा, और दूसरी थी गूगल की एसोसिएट एंड्रॉइड डेवलपर परीक्षा। चूंकि वह जावा के लिए नया था, इसलिए उन्होंने Google द्वारा प्रस्तुत परीक्षा लेने का फैसला किया। परीक्षा में उसे रिपीटिंग अलार्म, RecyclerView को डिफाइन करना, JSON parsing, और SQLite डेटाबेस बनाने के लिए कहा गया। हालांकि इस दौरान शुभम को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने 24 घंटे की समय सीमा के बावजूद केवल 13 घंटे के बाद ही अपना इग्जामिनेशन प्रोजक्ट प्रस्तुत कर दिया। शुभम अब कृत्रिम इंटेलिजेंस (एआई) पर अध्ययन करने और काम करने में व्यस्त हैं। वह भविष्य में कृत्रिम इंटेलिजेंस में खुद का कैरियर बनाना चाहते हैं।

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