आप 'किधर है' पर चिंता छोड़िए और मस्त रहिए...

‘किधर है’का लक्ष्य स्मार्टफोन और गैर-स्मार्टफोन धारकों को उनके प्रियजनों की खोज-खबर रखना आसान बना देना है।

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आप के साथ कई बार ऐसा होता है कि अपने परिजनों की खोज खबर रखने में आपको दिक्कत होती है? या फिर आप ऐसी जगह फंसे हों जहां से आप अपने रिश्तेदारों को कॉल न कर सकते हों? चिंता मत कीजिए। इसका भी समाधान ढूंढ निकाला है। करना बस इतना है कि आपको अपने फोन पर एक एप्लीकेशन डाउनलोड करना है जिसका नाम है 'किधर है'। आप परेशान मत हों और ‘किधर है’ पर भरोसा करें। यही आपके स्मार्टफोन और गैर-स्मार्टफोन के ज़रिए अपने प्रियजनों की खोज-खबर रखेगा।

यह क्या है?

'किधर है' लोगों, वाहनों और अन्य चीज़ों के लिए लोकेशन इकोसिस्टम है। इसका लक्ष्य उसकी स्थिति के बारे में उसके परिजनों और मित्रों को अवगत रखना है। इससे उपभोक्ता को अपने वाहनों को बड़ी कुशलता से प्रबंधन करने, अपने काम के स्टाफ की खोज-खबर रखने आदि के जरिए उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलती है। यह एप्लीकेशन एंड्रायड और आइओएस पर उपलब्ध है जिसके कुछ फीचर एसएमएस और मिस्ड काॅल के जरिए फोन उपभोक्ताओं को भी उपलब्ध हैं।

फीचर

एसओएस बटन : इमरजेंसी में पुरुष या महिला द्वारा एसओएस बटन को दबाने पर उनकी स्थिति के विवरण के साथ उपभोक्ता की चुनिंदा संपर्क सूची के लोगों और उस स्थान के आसपास के एप्लीकेशन उपयोग करने वाले लोगों के पास एलर्ट पहुंच जाएगा।

रीयल टाइम लोकेशन अपडेट : उपभोक्ता अपने परिवार के सदस्यों या मित्रों को ऐप के जरिए स्थिति के बारे में उचित अपडेट पाने की स्वीकृति दे सकते हैं।

गैर-स्मार्टफोन संबंधी फीचर : फीचर फोन या गैर-स्मार्टफोन उपयोग करने वाले लोग भी इस ऐप के कुछ फीचर का लाभ उठा सकते हैं और संबंधित व्यक्ति को मिस काॅल देकर या 'किधर है' या 'ह्वेयर आर यू' का एसएमएस संदेश भेजकर स्थिति के बारे में जानकारी पा सकते हैं।

इसके पीछे की टीम

मधुर जैन और राजिन नायक जूनियर काॅलेज में एक-दूसरे से मिले और लगभग 10 वर्षों से अब तक मित्र बने हुए हैं।

मधुर ने इलक्ट्राॅनिक्स में बी.ई. कर रखी है और कोडिंग तथा प्रौद्यागिकी उनका जुनून है। पूर्व में उन्होंने एनटेस्ला और इनफोसिस टेक्नोलाॅजीज लि. में काम किया था। राजिन फाइनेंस में एमबीए हैं और उन्होंने एचडीएफसी बैंक तथा टीसीएस में काम किया है।

उद्योग की कुछ जानकारी पा लेने के बाद उनलोगों ने अपने जन्मस्थान रत्नगिरि लौटने का फैसला किया और अपने बाॅस वे खुद बन गए।

मधुर और राजिन ने प्लेक्सिमस का आरंभ किया जहां वे ग्राहकों का भी काम करते हैं और अपने आइडिया पर भी काम करते हैं। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराध और पुरुषों एवं महिलाओं, दोनों की यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी खतरे को देखते हुए उनलोगों ने 'किधर है' का इजाद किया।

दोनों ने व्यक्तिगत और पेशेवर जरूरतों, दोनो मामलों में एकाधिक उपयोग के बारे में सोचा। उपयोग करने वाले अपने परिवार के सदस्यों या अपने लोगों पर नजर रख सकते हैं। मधुर और राजिन ने अभी एक जीपीएस उपकरण का प्रोटोटाइप तैयार रखा है और उनकी योजना है कि उसे वाहनों में लगा दिया जाय जिससे उनकी ट्रैकिंग कर पाना आसान हो जाय।

अभी इस ऐप के सारे फीचर मुफ्त हैं लेकिन भविष्य में टीम की योजना, लोगों की स्थिति की ट्रैकिंग और उनकी ट्रैकिंग के रिकॉर्ड के लिए इन-ऐप की शुरुआत करने की है।

इस क्षेत्र के अन्य लोग

सुरक्षा एक बड़ी चीज है और अनेक स्टार्टअप विभिन्न तरीकों से इस समस्या से निपटने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ अन्य उल्लेखनीय ऐप राइडसेफ, सेफिटीपिन और स्टेटस हैं।

हमें क्या चीज पसंद आई?

इस ऐप का यूआइ बहुत सरल है और इसके फीचर एकदम स्पष्ट हैं। इसमें ब्योरा देने संबंधी देखरेख, जैसे कि ट्रैकिंग को 'आॅटो', 'आॅन रेक्वेस्ट' और 'आॅफ' मोड में सेट करने की क्षमता बहुत दिलचस्प है।

इसके अलावा, गैर-स्मार्टफोन उपयोग करने वाले द्वारा अपडेट पाने के लिए मिस काॅल या एसएमएस करने की सुविधा का आकर्षक है।

क्या सुधार किया जा सकता है?

किसी व्यक्ति की चुनिंदा संपर्क सूची के लोगों तक खुद से अपडेट या सूचनाओं का पहुंचना, एक दिलचस्प फीचर हो सकता है।

इससे तलाश करने वाले के लिए अपडेट पाने में मेहनत कम हो जाएगी।

संस्थापकों ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके पास जीपीएस ट्रैकिंग उपकरण का एक प्रोटोटाइप मौजूद है और उसे वे जल्द ही बाजार में लाने का प्रयास कर रहे हैं। यह काफी उपयोगी होगा क्योंकि इसे वाहनों के साथ जोड़ा जा सकता है और ट्रैक किए जाने के लिए उपयोग करने वाले को अपने पास स्मार्टफोन रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


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