मीठा खाना हो तो आॅनलाइन आईये, BigBakery के ज़रिए मुंह मीठा कीजिए...

मिठाई, चाॅकलेट, कुकीज़, ब्रेड, स्नैक्स, नमकीन, पेय पदार्थ और डेयरी उत्पादों के लिये एक आॅनलाइन पोर्टल है बिगबेकरीफिलहाल पूरे बैंगलोर के उपभोक्ताओं के जीवन में मिठास घोलने के प्रयास कर रही है यह टीमघर पर बेकरी उत्पाद करने वाली महिलाओं कोे कच्चा माल उपलब्ध करवाकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी उठा रहे हैं कदमउत्पादों को उपभोक्ताओं तक बिल्कुल ताजा पहुंचाने के लिये विशेष तापमान नियंत्रक बक्सों का करते हैं प्रयोग

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ई-काॅमर्स का व्यापार भारत में बहुत तेजी के साथ उभर रहा है और हर कोई इसमें से अपना हिस्सा पाने को बेकरार है। BigBakery के संस्थापक प्रदीप बोगईया वास्तव में इस टुकड़े को शाब्दिक रूप से अपनाना चाहते हैं। ‘बिगबेकरी’ अपने उपभोक्ताओं के दरवाजे पर ताजा बेक किया और बड़ी नजाकत के साथ डिजाइन किया हुआ केक 24 घंटे उपलब्ध करवाने का एक बेहद महत्वाकांक्षी दावा करता है और अपने इन दावों को हकीकत में बदलने के लिये प्रदीप को जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ती है। दो महीनों के एक लंबे समय तक बैंगलोर की सड़कों को नापने के दौरान प्रदीप ने बाजार का एक गहरा जायजा लिया और एक त्रिआयामी दृष्टिकोण के साथ सामने आए। एक बेहतरीन टीम टीम को एकसाथ जोड़ते हुए और एक पेचीदा वितरण प्रणाली योजना के बल पर बोगईया इस क्षेत्र में एक लंबी पारी खेलने के इरादे के साथ उतरे हैं। उनकी कहानी उनकी ही जुबानीः

बिगबेकरी को शुरू करने के बारे में विचार कहां से और कैसे आया?

दिसंबर 2012 में मैंने अपनी नौकरी छोड़कर सेवा के रूप में मार्केटिंग को प्रदान करने वाली एक कंपनी को शुरू किया। इसी दौरान मैंने ई-काॅमर्स पर अधिक ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। 6 महीनों के गहन शोध के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि आॅनलाइन बिक्री के मामले में बेकरी का क्षेत्र बेहद ही असंगठित और अनछुआ है और इसमें सफलता पाने की असीम संभावनाएं हैं। उदाहरण के लिये, आप देश के किसी भी हिससे में चले जाएं आप पायेंगे कि जगह-जगह सड़कों पर खुले हुए फास्टफूड केंद्रों और रेस्टोरेंटों के मुकाबले बेकरियों की संख्या काफी अधिक है। इसके अलावा नुकसान के कारण बंद होने वाले फास्टफूड केंद्रों और रेस्टोरेंटों के मुकाबले इस वजह से बंद होनी वाली बेकरियों की संख्या न के बराबर है। इस प्रवृति के और बेहतर तरीके से जानने और समझने के लिये मैंने बैंगलोर की सड़कों पर दो महीने से भी अधिक का समय व्यतीत किया।

बाजार को जानने और समझने के लिये हमनें एक आॅनलाइन पोर्टल www.bigbakery.in के साथ शुरुआत की और अब हम मिठाई, चाॅकलेट, कुकीज़, ब्रेड, स्नैक्स, नमकीन, पेय पदार्थ और डेयरी उत्पादों के एक आॅनलाइन पोर्टल के रूप में खुद का विस्तार कर रहे हैं।

बिगबेकरी के रूप में आप किसको अपना सबसे कड़ा प्रतिस्पर्धी मानते हो? आपकी नजरों वह क्या खासियत है जो आपको ओरों से अलग बनाती है?

हालांकि बाजार में जस्टबेकडाॅटइन और एफएनपीडाॅटकाॅम जैसे अन्य प्रतिस्पर्धी मौजूद हैं लेकिन बाजार में उनका ध्यान दूसरे मुद्दों पर केंद्रित है।

हमारी सुविधाजनक वितरण सेवा, सबसे अच्छे विक्रेताओं और घर में बेकरी चलाने वालों से आने वाले उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद, फ्री होम डिलीवरी की सेवा और जल्द ही हमारी शुरू होने वाली वापसी की नीति हमें औरों के कहीं अलग और आगे खड़ा करते हैं।

बिगबेकरी के माध्यम से कहीं आप पेस्ट्री और मिठाईयां तैयार करने वाले रसोइयों का एक विशेष समुदाय तैयार करने का तो विचार नहीं कर रहे हैं? इस बारे में कृपया विस्तार से जानकारी दें कि आप यह सबकुछ कैसे कर पा रहे हैं? अपने इस स्टार्टअप के पीछे खड़े एक सहयोगी समुदाय के होने की सबसे बड़ी संतुष्टि क्या है?

जी हाँ, हम एक बाजारी माॅडल हैं और हम बैंगलोर के सर्वश्रेष्ठ विक्रेताओं के साथ हाथ मिलाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा हम घर से काम करके बेहतरीन उत्पादों को तैयार करने वाले शेफ और बेकरों (विशेषकर महिलाओं) को एक मंच उपलब्ध करवाते हुए एक समुदाय के निर्माण की कोशिशों में लगे हैं। हमारे खयाल से हमारा यह प्रयास महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक सशक्त पहल बनकर उभरेगा क्योंकि वे घरों पर बैठकर बेहतरीन खाद्य उत्पाद तैयार करती हैं लेकिन उनके लिये एक बाजार का निर्माण करने में असफल रहती हैं। इस तरह से हम महिलाओं को उनके उत्पादों को प्रभावी रूप से बाजार तक लाने में मदद करने का काम कर रहे हैं। भविष्य की योजनाओं में हम ऐसी व्यवस्था शुरू करने जा रहे हैं जिसमें हम महिला रसोइयों, बेकरों और गृहणियों को उनके दरवाजे पर ही कच्चा माल उपलब्ध करवाएंगे और बदले में वे हमें गुणवत्तपूर्ण और स्वादिष्ट डिज़र्ट तैयार करके उपलब्ध करवाएंगे।

अगर हम इस प्रक्रिया के तहत 10 महिलाओं की भी सहायता करने में सफल रहे तो यह हमारे लिये सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। हमारा उद्देश्य वर्ष 2015 के अंत तक 50 ऐसी महिला रसोइयों को सशक्त करना है।

वर्तमान में जबरदस्त प्रतियोगिता वाले ई-काॅमर्स के परिदृश्य में जब ताजे तैयार किये हुए इन मीठे उत्पादों को उपभोक्ताओं तक समय पर पहुंचना एक बड़ी चुनौती है आप सभी चीजों के साथ समन्वय कैसे बिठा पाते हैं?

जब हमने इस पोर्टल को तैयार करना शुरू किया था तभी से हमारा पूरा ध्यान एक बेहतरीन वितरण प्रणाली को तैयार करने पर था क्योंकि मुझे यह अच्छी तरह मालूम था कि अगर हम केक और अन्य खाद्य पदार्थ उपभोक्ताओं के दरवाजे तक बिल्कुल ताजी अवस्था में वितरित करने में सफर रहे तभी हम इस बाजार में लंबे समय टिक पाएंगे। मैं शुरू से ही एक बेहतरीन वितरण और लाॅजिस्टिक्स टीम खड़ी करना चाहता था और मैं ऐसा करने में सफल भी रहा।

उपभोक्ताओं के दरवाजे तक ताजा केक और अन्य वस्तुओं को पहुंचाने के लिये हम तापमान को नियंत्रित रखने में मददगार होने वाले विशेष बक्सों का प्रयोग करते हैं। इसके अलावा हमने इस काम के लिये एक विशेष पाॅईंट टू पाॅईंट वितरण प्रणाली को अपनाया है। इसके अलावा हमने इस काम को ओर अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिये विशेष तापमान नियंत्रित वाहनों को भी खरीदने की योजना बनाई है।

मैं खुद वितरण टीम की कार्यप्रणाली की बहुत बारीकी से निगरानी करता हूँ। यहां ते कि अगर मैं किसी बैठक में व्यस्त हूँ तो भी मैं उनकी किसी भी काॅल का तुरंत जवाब देता हूँ। कई बार तो मैं खुद अपनी वितरण टीमों के साथ उत्पाद पहुंचाने जाता हूँ और ऐसा करते हुए दो बार तो मुझे भी 50 रुपये की बख्शीश मिल चुकी है।

प्रारंभ में तो हमने बैंगलोर के कुछ चुनिंदा इलाकों में ही वितरण करने का फैसला किया था लेकिन अब पूरे बैंगलोर के निवासी हमारी इस सेवा का फायदा उठाते हुए हमारी वस्तुओं का स्वाद ले सकते हैं। केक जैसी नाजुक वस्तु को नजाकत के साथ संभाालने का प्रशिक्षण देने के लिये हम पेशेवर पाक प्रशिक्षकों के द्वारा भी अपनी वितरण को समय-समय पर ट्रेनिंग दिलवाते रहते है। केक के डिजाइन को नुकसान से बचाने के लिये यह तरीका सर्वश्रेष्ठ है। अबतक पांच बार हम ऐसी स्थितियों का सामना कर चुके हैं और हर बार हमने उपभोक्ता को नया केक उपलब्ध करवाने के अलावा उसके द्वारा भुगतान की गई पूरी रकम भी उसे वापस की है।

बिगबेकरी के प्रारंभिक दिनों में आपको किन बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा? आप इन चुनौतियों से कैसे निबटने में सफल रहे?

उत्पादों का वितरण करने वाली टीम को तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती रहा। मैंने अपनी टीम को तैयार करने के लिये वास्तव में कड़ी मेहनत की और एक ऐसी टीम तैयार करने में कायमाब रहा जो अपना काम बखूबी करना जानती है। दूसरी सबसे बड़ी चुनौती विक्रेताओं को मनाना था और इसलिये हमने सामुदायिक माॅडल को अपनाया। आखिरकार हम विक्रेताओं को संख्या दिखाकर संतुष्ट करने में सफल रहे।

काम शुरू करने के बाद से आपके जीवन में क्या बदलाव आए हैं?

एक कर्मचारी से उद्यमी तक की यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण रही है और अब मेरे जीवन में कई बदलाव आ गए हैं। मैं रोजाना 16 से 18 घंटे तक काम करता हूँ और इसके बावजूद भी मुझे अभी कई और चुनौतियों को पार करना है।

लेकिन अब भी जब किसी उपभोक्ता का फोन आता है और वह हमें बताता हे कि उसे हमारे तैयार किये हुए केक बेहद पसंद आये तो वह क्षण बेहद संतुष्टि देने वाला होता है। हालांकि समृद्धि की अनुभूति देने वाले पल का अभी भी बेसब्री से इंतजार है। और ऐसा तभी संभव हो पाएगा जब हम पूरे बैंगलोर में पहचाने जाएंगे और दक्षिण भारत के एक नामचीन ब्रांड के रूप में प्रसिद्ध होंगे।

आप भविष्य में अपने उद्यम की तरक्की के लिये निवेश की व्यवस्था के लिये क्या कर रहे हैं?

फिलहाल हम पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर हैं। मैंने और सहसंस्थापक प्रमोद ने बराबर का निवेश किया है। फिलहाल हमें कुछ अव्यवसायिक निवेशकों, जिनमें मुख्य रूप से रयल एस्टेट से जुड़े उद्यमी और कुछ बेकरी मालिक शामिल हैं, हमारे सामने प्रस्ताव लेकर आए हैं लेकिन हम अपने लिये भागीदार चुनने के मामले में काफी सतर्क रवैया अपनाना चाहते हैं।

निवेश से कहीं अधिक हम अपने लिये एक बेहतर संरक्षक की तलाश में हैं!

आप बिगबेकरी का भविष्य किस रूप में देखते हैं?

हम कुछ लक्ष्यों को पाने के लिये कमर कसकर मैदान में डटे हुए हैं जिनमें से प्रमुख है www.bigbakery.in को एक ब्रांड और एक स्थायी व्यापार के रूप में स्थापित करना। इसके अलावा हम आने वाले कुछ दिनों में बिगबेकरी पर प्रतिदिन 1000 से अधिक सौदे करने का भी है। साथ ही हम विस्तार करते हुए अपने काम का संचालन बैंगलोर के अलावा चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, कोचीन, त्रिवेंद्रम और मुंबई में भी करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य मार्च 2017 तक देश के 10 शहरों में अपनी पहुंच बनाते हुए कम से कम 5000 कर्मचारियों की टीम को अपने साथ जोड़ते हुए 100 मिलियन डाॅलर डाॅलर के व्यापार को पाने का है। दिनों में बिगबेकरी पर प्रतिदिन 1000 से अधिक सौदे करने का भी है। साथ ही हम विस्तार करते हुए अपने काम का संचालन बैंगलोर के अलावा चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, कोचीन, त्रिवेंद्रम और मुंबई में भी करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य मार्च 2017 तक देश के 10 शहरों में अपनी पहुंच बनाते हुए कम से कम 5000 कर्मचारियों की टीम को अपने साथ जोड़ते हुए 100 मिलियन डाॅलर डाॅलर के व्यापार को पाने का है। को एक ब्रांड और एक स्थायी व्यापार के रूप में स्थापित करना। इसके अलावा हम आने वाले दिनों में बिगबेकरी पर प्रतिदिन 1000 से अधिक सौदे करने का भी है। साथ ही हम विस्तार करते हुए अपने काम का संचालन बैंगलोर के अलावा चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, कोचीन, त्रिवेंद्रम और मुंबई में भी करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य मार्च 2017 तक देश के 10 शहरों में अपनी पहुंच बनाते हुए कम से कम 5000 कर्मचारियों की टीम को अपने साथ जोड़ते हुए 100 मिलियन डाॅलर डाॅलर के व्यापार को पाने का है।

आखिर में, क्या आपको खाने के लिये मुफ्त में पर्याप्त मात्रा में केक मिल जाता है?

दरअसल नहीं। मुफ्त के केक की यह अवधारणा हमारे उन मित्रों और रिश्तेदारों की फैलाई हुई है जो मसे इन्हें बिना कुछ चुकाए पाना चाहते हैं। लेकिन यह सच है कि जब हम किसी एक विक्रेता के साथ चर्चाओं के दौर में होते हैं तो हमें निःसंदेह सेंपल के रूप में बहुत सारी केक, चाॅकलेट, मिठाई और कुकीज़ मिलती हैं।

इसके अलावा मार्केटिंग नितियों के तहत जब कभी भी हम उपभोक्ताओं और कंपनियों के लिये मुफ्त सैंपल भेजते हैं तो जरूर मैं उपभोक्ताओं के साथ उनमें से कुछ हिस्सा हड़पने में कामयाब रहता हूँ।

Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

Stories by Nishant Goel