'मीटयोरप्रो' रखे स्टार्टअप्स के लिए सभी कानूनी पेशेवर सेवाओं का ख्याल

जुलाई 2014 में भी हुई स्थापनाडेडिकेटेड प्रोफेशनल्स की शानदार टीमसभी तरह की कानूनी मदद मुहैया कराए

0

बुनियादी नियामक कानूनों और कर कानूनों के बारे में जागरुकता की कमी के कारण शुरुआती अवस्था में स्टार्टअप्स को विभिन्न व्यावसायिक दृष्टिकोण से दुविधाओं का सामना करना पड़ता है। कभी कभी देरी की वजह से इन स्टार्टअप्स को शुरुआती राजस्व से हाथ धोना पड़ता है। ऐसे में स्टार्टअप्स को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने और फैलाने वाले एक प्लेटफॉर्म को तैयार करना वक्त की जरुरत है।

जुलाई 2014 में दिवाकर विजयसार्थी और राजेश इंबेसकरण ने हर तरह के टैक्स और कानूनी जरुरतों को पूरा करने वाली दुकान मीटयोरप्रो की स्थापना की। इस स्टार्टअप का मुख्यालय चेन्नई में है।

मीटयोरप्रो ने समर्पित पेशेवरों की एक अच्छी टीम तैयार कर रखी है और उसके पास जरूरी मालिकाना प्रौद्योगिकी है जिसकी मदद से वे व्यक्तिगत और कारोबारी टैक्सेशन, अचल संपत्ति में लेन-देन, अनुपालन प्रबंधन और कोई कारोबार शुरू करने से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

दिवाकर विजयसार्थी, MeetUrPro.com के सह संस्थापक
दिवाकर विजयसार्थी, MeetUrPro.com के सह संस्थापक

मीटयोरप्रो.कॉम के सह-संस्थापक दिवाकर विजयसार्थी कहते हैं, “मीटयोरप्रो.कॉम पेशेवरों को अपने काम के विस्तार के लिए कारोबारियों और व्यक्तिगत लोगों से जोड़ने में एक भरोसेमंद ऑनलाइन अवसर प्रदान करती है। यह ग्राहकों को लाभ और विकल्प प्रदान करता है, और उन तक पहुंच और मानकीकृत पेशेवर सेवाओं का लाभ उठाने की इजजात भी देता है।”

स्टार्टअप की जरुरतों को पूरा करना

मीटयोरप्रो.कॉम पेशेवर सेवाओं के लिए एक ऑनलाइन नियंत्रित मार्केटप्लेस और डेलिवरी प्लेटफॉर्म है। इस प्लेटफॉर्म पर स्टार्टअप्स की व्यक्तगत और कारोबारी जरूरतों को पूरा किया जाता है, ये उन्हें पेशेवर सेवाओं, जैसे टैक्स रिटर्न जमा कराने, नियामक प्रक्रियाओं को पूरा कराने, अचल संपत्ति की लेन-देन और दूसरे कई काम में मदद करता है।

विजयसार्थी कहते हैं, “मीटयोरप्रो.कॉम पर की जाने वाली प्रत्येक लेन-देन पर नजर रखी जाती है। समय-सीमा का पूरा पालन किया जाता है और सुरक्षित वर्कफ्लो मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (टीआईएमआई) की मदद से उच्च-गुणवत्ता की सेवा प्रदान की जाती है। इस तरह हर जगह पूरे भरोसेवाली लेन-देन सुनिश्चित की जाती है।”

मीटयोरप्रो.कॉम विभिन्न कीमत वाले विकल्पों के साथ कई तरह की सेवाएं मुहैया कराती है जिससे ग्राहकों के सामने कीमत तय करने के विकल्प मौजूद होते हैं। इसका डेलिवरी सिस्टम टीआईएमआई शुरुआत में लगने वाले समय को कम करता है, जबकि संचालन टीम डेलिवरी के प्रत्येक चरण पर नजर रखती है और जब जरूरत पड़ती है ये उसमें हस्तक्षेप भी करती है। विजयसार्थी के मुताबिक, मीटयोरप्रो पर जो सेवाएं दी जाती हैं वे दूसरे विकल्पों के मुकाबले 50-60 फीसदी सस्ते हैं।

कंपनी की डॉमेन क्षमता और इसकी सेवाओं व उत्पादों की व्यापक रेंज का मकसद आज के मार्केटप्लेस में विकल्पों, कीमत और संगठित डेलिवरी योजना की कमी को पूरा करना है। आज मीटयोरप्रो के प्लेटफॉर्म पर 1000 पेशेवर जुड़ चुके हैं।

एक सीरियल उद्यमी होना

2008-09 में विजयसार्थी और इनबेसकरण ने टैक्सबी.कॉम नाम से एक पोर्टल शुरू की थी, इस पर ई-रीटर्न प्रीपेरेशन और ऑफलाइन फिलिंग की सेवाएं दी जाती थीं। बाद में मार्च, 2014 में इन्होंने माईटैक्समैनेजर.इन शुरू की जिस पर ऑनलाइन टैक्स कंसल्टेशन और भरने की सुविधा दी जाने लगी। अपनी डेलिवरी टीम को बहु-विषयक सलाह के लिए फैलाने के बाद इन्होंने एक बाजार की तरह विभिन्न पेशेवर साझेदारों को एक साथ लाने का फैसला किया। इस तरह मीटयोरप्रो का जन्म हुआ।

स्टार्टअप क्लीनिक

स्टार्टअप बिरादरी की हर तरह की जरुरतों को पूरा करने के लिए मीटयोरप्रो ने एक स्टार्टअप क्लिनिक की शुरुआत की। उद्यमशीलता उद्यम के उद्देश्य से स्टार्टअप क्लिनिक उनके कारोबार के लिए जरूरी कानूनी और दूसरी दक्ष पेशेवर सेवाएं मुहैया करता है जो कि उनके कारोबार के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

स्टार्टअप पैकेज में किसी कारोबार के शुरुआती चरणों से लेकर अनुपालन जरूरतों तक हर तरह की सेवाएं मुहैया कराई जाती है। ये लोग जो सेवाएं प्रदान कराते हैं, उनमें निगमन प्रमाण पत्र की प्राप्ति, पैन अलॉटमेंट लेटर, टैन, डिन, बैंक में खाता खोलने में मदद करना, वैट और सेवा कर के पंजीकरण, इनबाउंड निवेश के लिए आरबीआई और फेमा के नियमों की सम्मति शामिल हैं।

विजयसार्थी कहते हैं, “स्टार्टअप क्लिनिक के लिए शुरुआती ऑनलाइन और ऑफलाइन शुल्क शून्य है। हमलोग ग्राहकों को उनके कारोबार के संचालन के लिए जरूरी उत्पादों को चुनने में सलाह देते हैं। इनकी कीमत बाजार आधारित होती हैं और इनमें हमारा कोई योगदान नहीं होता है।”

वकीलों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए ऑनलाइन एंगेजमेंट बेहद ही फायदे का सौदा साबित हुआ है जहां वे आसानी से अपने लिए क्लाइंट हासिल कर सकते हैं। फिजिकल एंगेजमेंट के मुकाबले पूरी तरह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भुगतान की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाती है।

विजयसार्थी समझाते हुए बताते हैं, “भारत में पेशेवरों को उनके संबंधित शासी विधियों द्वारा गैर-पेशेवरों के साथ साझा करने से मना कर दिया जाता है। इसलिए मीटयोरप्रो पेशेवर से कोई शुल्क नहीं लेती है। हमलोग पेशेवरों से जो शुल्क वसूले जाते हैं, हम क्लाइंट से वो शुल्क वसूल लेते हैं।”

पंख फैलाना

मीटयोरप्रो स्टार्टअप क्लिनिक को चेन्नई में नियमित करने के साथ ही जल्दी ही बेंगलुरू में भी फैलाने की योजना है।

विजयसार्थी कहते हैं, “हम चाहते हैं कि स्टार्टअप क्लीनिक पेशेवर अनुपालन के क्षेत्र में स्टार्टअप्स की मदद के लिए एक स्वीकार्य पर्यावाचीय बन जाए।”

आखिर में, एक उद्यमशीलता का सफर तब तक पूरा नहीं होता जब तक कि उसका कोई वैध राजस्व का जरिया नहीं बन जाता। इसलिए जब स्टार्टअप और पेशेवर के बीच करार पूरा हो जाता है तो मीटयोरप्रो उस करार से छह से दस फीसदी तक प्राप्त करती है। मार्च 2016 के आखिर तक, स्टार्टअप का पांच लाख डॉलर के राजस्व को प्राप्त करने का लक्ष्य है।

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...