गांव के मकैनिक का जुगाड़, सिर्फ 500 के खर्च में बाइक का माइलेज हुआ 150

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जितना सफर अभी आप एक लीटर पेट्रोल में कर पाते हैं उतना सफर करने में आपको सिर्फ आधे लीटर पेट्रोल की जरूरत होगी। वह भी सिर्फ 500 रुपये की एक डिवाइस की बदौलत, क्योंकि 12वीं तक पढ़े विवेक ने एक ऐसा कार्बोनेटर विकसित किया है जिसे गाड़ी में फिट करने पर वह दोगुना माइलेज देने लगती है।
 

 

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं, ऐसे में उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में रहने वाले विवेक कुमार पटेल ने कर दिखाया है एक अनोखा कारनामा।

12वीं की परीक्षा पास करने के बाद विवेक के पास न तो आगे की पढ़ाई के लिए पैसे थे और न ही कोई ढंग का रोजगार। इसलिए वह मोटरसाइकिल रिपेयर करने वाली दुकान पर काम करने लगे।

बढ़ती पेट्रोल की कीमतों से हर आम आदमी परेशान है। आजकल तो लगभग हर किसी के पास या उसके घर में मोटरसाइकिल तो होती ही है। लेकिन कितनी भी किफायती बाइक क्यों न हो, 60-70 से ज्यादा का माइलेज नहीं मिलता। अगर सोचिए कि आपकी गाड़ी 150 का माइलेज देने लगे तो। यानी जितना सफर अभी आप एक लीटर पेट्रोल में कर पाते हैं उतना सफर करने में आपको सिर्फ आधे लीटर पेट्रोल की जरूरत होगी। वह भी सिर्फ 500 रुपये की एक डिवाइस की बदौलत। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा भला कहां संभव है, लेकिन भारत में प्रतिभाओं की कमी तो है नहीं। ये कारानमा कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में रहने वाले विवेक कुमार पटेल ने।

आपको यह अजूबा लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है। सिर्फ 12वीं तक पढ़े विवेक ने एक ऐसा कार्बोनेटर विकसित किया है जिसे गाड़ी में फिट करने पर वह दोगुना माइलेज देने लगती है। 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद विवेक के पास न तो आगे की पढ़ाई के लिए पैसे थे और न ही कोई ढंग का रोजगार। इसलिए वह मोटरसाइकिल रिपेयर करने वाली दुकान पर काम करने लगे। दुकान पर बैठकर उनका दिमाग कुछ न कुछ खुराफात करता रहता था। वह हमेशा से इसी कोशिश लगे रहते थे कि कैसे माइलेज को बढ़ाया जाए। उन्होंने इंजन के कार्बोनेटर में बदलाव किया और फिर उनकी गाड़ी 150 का एवरेज देने लगी।

आज जहां कोई भी बाइक 60-70 का माइलेज बहुत मुश्किल से देती है वहीं विवेक का जुगाड़ बड़े आराम से 150 का एवरेज दे देता है। अगर देखा जाए तो ऑटोमोबाइल की दुनिया में यह एक चमत्कारिक अविष्कार है। उत्तर प्रदेश काउंसिंल फॉर साइंस ऐंड टेक्नॉलजी (यूपीसीएसटी) और मोती लाल नेहरू नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी इलाहाबाद ने विवेक की इस तकनीक को प्रमाणित भी किया है। यूपीसीएसटी के इनोवेशन ऑफिसर संदीप द्विवेदी ने बताया कि काउंसिल ने इनोवेशन को तकनीकी रूप से प्रमाणित करने के लिए MNIIT के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से इसकी टेस्टिंग कराई। जांच में तकनीक सही पाई गई। अब विवेक ने अपनी ईजाद की गई तकनीक को पेटेंट रजिस्ट्रेशन के लिए भी अप्लाई किया है।

विवेक की प्रतिभा से प्रभावित होकर कटरा के श्री माता वैष्णव देवी यूनिवर्सिटी के टेक्नोलॉजी बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर ने स्टार्टअप प्रॉजेक्ट के लिए 75 लाख रुपए की मदद भी स्वीकृत कर दी है। खास बात यह है कि माइलेज बढ़ने के बावजूद बाइक की परफॉर्मेंस पर कोई असर नहीं हुआ। इस प्रॉजेक्ट पर बिट्स पिलानी के स्टूडेंस भी काम कर रहे हैं। विवेक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनका परिवार सिर्फ खेती पर निर्भर है। विवेक ने कभी सोचा भी नहीं था कि बाइक को मोडिफाई करने की जुर्रत उनकी तकदीर बदल सकती है।

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Manshes Kumar is the Copy Editor and Reporter at the YourStory. He has previously worked for the Navbharat Times. He can be reached at manshes@yourstory.com and on Twitter @ManshesKumar.

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