ऊंची उड़ान पर निकली बेटी के सपनों को लगे पंख

उत्तराखंड की प्रकृति नौटियाल ने तमाम तरह की मुश्किलों को पार करते हुए अपने सपनों की एक ऐसी राह चुनी है, जिस पर उनकी माँ को गर्व है। प्रकृति टीवी कलाकार होने के साथ-साथ एक एनिमल एक्टिविस्ट भी हैं।

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मुम्बई की फिल्म इंडस्ट्री में आज कई 'उत्तराखंडी बेटियाँ' अपनी अभिनय क्षमता से बेहतर मुकाम हासिल कर चुकी हैं। कई एक ने फिल्मी दुनिया में शिखर छुआ है तो कई को टीवी सीरियल्स और विज्ञापनों में अभिनय से कामयाबी और शोहरत मिली है। कुछ एक ने तो अपने करियर की शुरुआत वीडियो एल्बम से भी की। 'प्रकृति नौटियाल' उन्हीं बेटियों में एक हैं, जो आजकल सुर्खियां बटोर रही हैं। तमाम तरह की मुश्किलों को पार पाते हुए उन्होंने अपने सपनों की ये राह चुनी है...

प्रकृति नौटियाल  एनिमल एक्टिविस्ट भी हैं।
प्रकृति नौटियाल  एनिमल एक्टिविस्ट भी हैं।
सपने उन अनिवार्य नतीजों में से हैं, जिन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता। वे हमारे अर्धजीवन को पूर्णता देने के लिए आते हैं। सपने में ही हमें दिखता है कि हम पहले क्या थे या आगे चलकर क्या होंगे।

बच्चे सपने देखते हैं, तो कई बड़ों को डर लगता है, लेकिन ख्वाब परवान चढ़ने लगें तो उनके भी मन-प्राण फूले नहीं समाते हैं। कहते हैं न, कि सपने उन अनिवार्य नतीजों में से हैं जिन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता। वे हमारे अर्धजीवन को पूर्णता देने के लिए आते हैं। सपने में ही हमें दिखता है, कि हम पहले क्या थे या आगे चलकर क्या होंगे। जीवन के एक गोलार्ध में जब हम हाँफते हुए दौड़ लगा रहे होते हैं तो दूसरे गोलार्ध में सपने हमें किसी जगह चुपचाप सुलाए रहते हैं, लेकिन एक ऐसी बेटी का सपना, जो आजकल उसे सुर्खियां नवाज रहा है। ऐसे सपने देखने वाली बेटियों में एक हैं उत्तराखंड की प्रकृति नौटियाल

सपनीली दुनिया में तैरते बच्चों के मन अकसर चूजी हो जाते हैं। जब भी उनके सपनो के परवान चढ़ने के बारे में उनके माँ-बाप के मुंह से सुना जाता है, तो बस किसी का भी मन मुस्करा देता है। लेकिन चूजी होना तो सचमुच तब बेहद आनंद देने लगता है, जब वे अपने करियर की राह आसान करने लगते हैं।

गढ़वाली प्रकृति नौटियाल की पढ़ाई-लिखाई तो दिल्ली में हुई, लेकिन उनकी उड़ानें मुंबई से पंख पसारने लगीं। मुम्बई की फिल्म इंडस्ट्री में आज कई उत्तराखंडी बेटियाँ अपनी अभिनय क्षमता से बेहतर मुकाम हासिल कर चुकी हैं। कई एक ने फिल्मी दुनिया में शिखर छुआ है तो कई एक टीवी सीरियलों और विज्ञापनों में अभिनय करने से कामयाबी की शोहरत मिली है। कई एक ने तो वीडियो एल्बम से अपने कैरियर की शुरुआत की। प्रकृति नौटियाल भी उन्हीं बेटियों में एक हैं।

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अभिनेत्री हिमानी भट्ट शिवपुरी, अनुष्का शर्मा, उर्वशी रौतेला, आभा धूलिया, प्रियंका कंडवाल, मनस्वी ममगाई आदि उत्तराखंड की ऐसी कई बेटियों ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी कामयाबी के झंडे गाड़े हैं और अब टिहरी गढ़वाल की प्रकृति नौटियाल

प्रकृति नौटियाल उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की नेता अनीता नौटियाल की बेटी हैं। प्रकृति एनिमल एक्टिविस्ट भी हैं। उन्हें बचपन से मॉडलिंग और अभिनय का शौक रहा है। प्रकृति अब तक 'मुडीयां तौं बच के रहीं', 'रनिंग शादी डॉट कॉम', 'थोड़ी सी जिंदगी', 'द जजमेंट' (निर्माणाधीन), 'ब्रिजऑवइल्यूजन' आदि फिल्मों में काम कर चुकी हैं। इसके साथ ही 'सावधान इंडिया', 'ये कहां आ गए हम', 'बाजी मेहमाननवाजी की', 'ये जवानी तारा रीरी', 'हे टिकेट' आदि टीवी प्रोग्राम में प्रकृति ने महत्वपूर्ण रोल निभाए हैं।

समाजसेवी मां अनीता नौटियाल को भी 'सपने तो सपने हैं, बोले अपनी बोली', के बोलों के साथ कार्बन मोबाइल का हाल ही में विज्ञापन करने वाली अपनी बेटी प्रकृति नौटियाल की कामयाबी पर गर्व है। वह मानती हैं कि स्ट्रगल तो हर जगह, हर मुकाम पर है लेकिन हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती है। प्रकृति अगर उस ऊंचाई तक पहुंची है, उसने फिल्म और टीवी में अपनी जगह बनाई है तो, उसका भी रास्ता कोई आसान नहीं रहा है। अभिनय के साथ साथ वह पढ़ाई भी तो करती जा रही है। फक्र इस बात का है, कि उसने अपनी प्रतिभा के बूते पर कामयाबी हासिल की है, उसे कभी किसी सीढ़ी या पायदान की जरूरत नहीं पड़ी है और न ही किसी शॉर्टकट उपायों का सहारा लिया है, जैसा कि आमतौर पर आजकल चलन में है।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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