सैमसंग नोट 7 के साथ एयर एशिया में बैठना नामुमकिन

एयरलाईन ने इतना कठोर कदम वायुयान की सुरक्षा को ध्याम में रखते हुए उठाया है। यह नियम एयर एशिया इंडिया द्वारा संचालित उड़ानों पर भी लागू होगा।

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एयर एशिया ने अपने सभी उड़ानों में सैमसंग नोट 7 पर प्रतिबंध लगा दिया है। मलेशिया की एयरलाइन समूह एयर एशिया ने सुरक्षा संबंधी चिंता के कारण अपने सभी उड़ानों पर सैमसंग ग्लैक्सी नोट 7 स्मार्टफोन को ले जाने पर रोक लगा दी है। यह एयर एशिया इंडिया द्वारा संचालित उड़ानों पर भी लागू होगा। यर एशिया की विज्ञप्ति के अनुसार यह प्रतिबंध आज मध्य-रात्रि से प्रभावी होगा

हाल ही में अमेरिकी परिवहन विभाग के इस प्रकार के प्रतिबंध के बाद एयर एशिया ने यह फैसला किया है। दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी सैमसंग ने जुलाई में ग्लैक्सी नोट 7 पेश किया था लेकिन इसके अधिक गर्म होने और आग लगने की घटना के बाद कंपनी इस उत्पाद को जारी करना फिलहाल रोक दिया है।

साथ ही,  जेट एयरवेज मुंबई दिल्ली मार्ग पर बड़े विमान का इस्तेमाल करेगी। जेट एयरवेज ने कहा है, कि वह दिल्ली-मुंबई व दिल्ली-कोलकाता रूट पर चौड़ी बॉडी वाले ए330 विमान का इस्तेमाल करेगी।

यह पहल 30 अक्तूबर से की जाएगी। कंपनी ने कहा है कि इन मार्गों पर अपनी क्षमता बढाने के उद्देश्य से उसने यह कदम उठाया है। इसी तरह कंपनी ने दिल्ली व कोच्चि के बीच नयी सीधी उड़ान शुरू करने तथा दिल्ली व कोलकाता तथा बेंगलुरू व कोलकाता के बीच दो अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है।

उधर दूसरी तरफ जल्दी ही बिना किसी भारतीय पंजीकरण के विदेशी विमान उड़ान भर सकेंगे। भारतीय एयरलाइनों को जल्दी ही विदेशों में पंजीकृत विमानों के परिचालन का मौका मिल सकता है। सरकार एयरलाइन कारोबार की आसानी के लिए दशकों पुराने कुछ नियमों को समाप्त करने की योजना बना रही है जिसमें इस तरह की सगुमता भी शामिल की जा सकती है। यह प्रस्ताव लागू होने से विमान पट्टे पर देने का कारोबार करने वाली इकाइयों के लिए काम आसान होगा क्योंकि उन्हें विमान को स्थानीय स्तर पर पंजीकृत कर उस पर निशान आदि लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। साथ ही अगर वे पट्टे पर दिये गये विमान को वापस लेते हैं तो उसमें भी आसानी होगी।

सूत्रों ने कहा कि विदेश से पट्टे पर आए विमान को स्थानीय पंजीकरण कराने की अनिवार्यता समाप्त करने से स्थानीय परिचालकों के लिये अपने बेड़े के विस्तार में आसानी होगी।

नागर विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘हमने परिचर्चा शुरू की है और भारत में पंजीकरण के बिना विदेशी विमान को देश में परिचालन की अनुमति देने की संभावना तलाश रहे हैं।’’ सूत्रों के अनुसार इस प्रकार के कदम से परिचाकलों तथा पट्टादाताओं समेत अन्य के लिये कारोबार सुगमता बढ़ेगी।

मौजूदा व्यवस्था के तहत फिलहाल जो भारतीय कंपनियां देश में विदेशी विमान के परिचालन की योजना बना रही हैं, उन्हें पहले नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के पास पंजीकरण कराना होगा और विमान में राष्ट्रीय चिन्ह ‘वीटी’ या ‘वायसराय टेरीटरी’ लगाना होता है।

मौजूदा व्यवस्था के तहत डीजीसीए देश में सभी नागर विमानन के पंजीकरण के लिये जवाबदेह है। विमान को अपनी राष्ट्रीयता और पंजीकरण चिन्ह समेत अन्य का उपयोग करना होता है।

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