टैप्ज़ो एप अब हिंदी में भी

टैप्ज़ो एंड्रॉयड एप के प्रयोग को और अधिक आसान बनाने के लिए कंपनी एप का हिंदी वर्जन भी लेकर आई है। आने वाले समय में अन्य भारतीय भाषाओं को भी इससे जोड़े जाने की योजना है।

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"टैप्ज़ो भारत की पहली ऑल इन वन एप है, जिसमें सभी काम एप के माध्यम से ही किये जाते हैं। हाल ही में टैप्ज़ो ने हिंदी एंड्रॉयड वर्जन भी लॉन्च कर दिया है। इससे हिन्दी पट्टी लोगों के लिए इस एप का प्रयोग और भी आसान बन जायेगा।"

"टैप्ज़ो एप एक ऐसी जगह है, जहां एक साथ कैब बुकिंग, फूड ऑर्डर, बिल पेमेंट, खबरें, राशिफल और क्रिकेट अपडेट आदि जैसे सभी काम व जानकारियां ली जा सकती हैं।"

"भारत में प्रयोग किए जाने वाले अधिकतर स्मार्टफोन्स में स्टोरेज की समस्या बहुत अधिक आती है, जिसके कारण यहां एप्स को अनस्टॉल किए जाने की दर बहुत ही ज्यादा है। मगर टैप्जो में आपको सुविधा मिलती है कि आप केवल एक एप से ही माध्यम से ये सभी काम कर सकते हैं।"

इंटरनेट के जमाने में हर काम एक जगह बैठे आसानी से स्मार्टफोन के माध्यम से किया जा सकता है। फिर चाहे कपड़े खरीदने हों, बाजार से सब्जी लानी हो या कोई बिल जमा कराना हो। एप चलाने के लिए सबसे ज़रूरी है, स्मार्टफोन के माध्यम से इन सभी कामों को करने के लिए फोन में उससे संबंधित कोई एप हो। एप की सहायता से ही इन कामों को घर बैठे किया जा सकता है।

मनुष्य की बढ़ती ज़रूरतों को ध्यान में रख कर कंपनियां तरह-तरह के एप बना रही हैं। एक एप पर सारे काम कर पाना नामुमकिन है, इसलिए अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग एप बन रहे हैं, लेकिन टैप्ज़ो एकमात्र ऐसा एप है, जो हर तरह की ज़रूरतों को एक ही जगह पर पूरा करने में मदद करता है और साथ ही मोबाईल की स्क्रीन पर तरह-तरह के एप्स रखने से भी मुक्ति मिल गई है। टैप्ज़ो एप एक ऐसी जगह है, जहां एकसाथ कैब बुकिंग, फूड ऑर्डर, बिल पेमेंट, खबरें व राशिफल और क्रिकेट अपडेट आदि जैसे सभी काम व जानकारी ले पाएंगे। 

"टैप्ज़ो के द्वारा 35 एप्स से एक साथ जुड़ा जा सकता है।"

भारत में प्रयोग किए जाने वाले अधिकतर स्मार्टफोन्स में स्टोरेज की समस्या बहुत अधिक आती है, जिसके कारण यहां एप्स को अनइंस्टॉल किये जाने की दर बहुत ही ज्यादा है। मगर टैप्ज़ो में केवल एक एप के माध्यम से ही ये सभी काम कर सकने की सुविधा मिलती है। इसके द्वारा आप 35 एप्स से एकसाथ जुड़ सकते हैं, साथ ही ये फोन के स्टोरेज स्पेस के साथ-साथ बैटरी व डाटा की भी बचत करती है।

टैप्जो के सीईओ और फाउंडर अंकुर सिंग्ला का कहना है, कि 

"हमने ये एप लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाई है। स्टोरेज की समस्या लगभग हम सभी झेलते हैं और ऐसे में टैप्ज़ो लोगों के लिए सुविधाजनक तो होगा ही, साथ ही ये आपके स्मार्टफोन प्रयोग को भी आसान बना देता है। अगले कुछ महीनों में हम इसे तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मराठी और बंगाली आदि अन्य भारतीय भाषाओं की सुविधा के साथ भी लॉन्च करने वाले हैं।"