यूपी में बीजेपी नेता ने की अभद्रता, महिला पुलिस अफसर ने सिखाया सबक

यूपी में बीजेपी नेता ने पुलिस अफसर पर रौब दिखाने की कोशिश की मगर पुलिस अफसर ने न केवल उसे लताड़ लगाई बल्कि जेल के अंदर भी डाल दिया..

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यूपी एक बार फिर खबरों में है। बीजेपी नेता की अभद्रता के चलते महिला पुलिस अफसर ने निडर होकर नेता को सबक सिखाने का काम किया है। पूरी स्टोरी पढ़ कर आप भी जानें कि ऐसा हुआ क्यों?

"महिला पुलिस के साथ नेताओं की अभद्रता का ये कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले अभी हाल ही में गोरखपुर में महिला आईपीएस ऑफिसर चारू निगम से भी बीजेपी के ही विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने अभद्रता पूर्वक बात की थी।"

अक्सर नेता और राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता सत्ता के रौब में पुलिस और अफसरों से भिड़ जाते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में लेडी पुलिस अफसर श्रेष्ठ ठाकुर ने सत्ता के नशे में चूर नेताओं को सबक सिखा दिया। बीजेपी नेता ने पुलिस अफसर पर रौब दिखाने की कोशिश की मगर पुलिस अफसर ने न केवल उसे लताड़ लगाई बल्कि जेल के अंदर भी डाल दिया।

वीडियो यहां देखें...

वीडियो साभार: Truth Teller
वीडियो साभार: Truth Teller

मामला 22 जून का है, जब स्याना पुलिस थाने की सीओ श्रेष्ठा ठाकुर गाड़ियों की चेकिंग कर रही थीं। रास्ते में स्थानीय बीजेपी नेता प्रमोद लोधी बिना हेलमेट लगाए अपनी बाइक से चले जा रहे थे। उनके पास गाड़ी के पूरे कागजात भी नहीं थे। सीओ ने जब उन्हें रोककर चालान काट दिया, तो वे भड़क गए। नेता ने काफी देर तक सीओ से नोकझोक की।

धीरे-धीरे बात बिगड़ने लगी और नेता अभद्रता पर उतारू हो गये। जब हालात बेकाबू होने लगे तो पुलिस ने उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। बाद में कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाते वक्त बीजेपी नेता के समर्थकों ने पुलिस को घेर लिया और नारेबाजी शुरू करने लगे। इतना ही नहीं जब नेता को हिरासत में लेकर पुलिस कोर्ट में पहुंची तो कुछ नेताओं ने उसे पुलिस हिरासत से अपने कब्जे में लेने की कोशिश की।

इस दौरान बीजेपी नेताओं ने सीओ श्रेष्ठा ठाकुर से से जमकर बहस की। सीओ ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। सभी नेता इस बात से नाराज थे कि पुलिस ने चालान क्यों काटा। श्रेष्ठा ने उन सभी को जवाब देते हुए कहा, कि आप सभी मुख्यमंत्री के ऑफिस से लिखवाकर लाइए कि बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों का चालान काटना गलत है, तो हम चालान नहीं काटेंगे। श्रेष्ठा के इतना कहने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिए। इसके बाद महिला अफसर ने निडरता और बेबाकी से कहा कि 'यहां 50 की जगह 100 लोग भी ले आइए तो भी मैं डरने वाली नहीं हूं।'

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बीजेपी कार्यकर्ता के समर्थन में स्याना के विधायक देवेंद्र लोधी भी पहुंच गए। कचहरी में ही वह लेडी अफसर से भिड़ते हुए बोले कि आपने चालान क्यों काटा? महिला अफसर ने कहा कि देखो पहले तो ऑफिस में करने वाली बात मैं कचहरी में करने वाली नहीं हूं और जितने लोग हों सबके खिलाफ मुकदमा करेंगे। साथ ही वे ये भी बोलीं, कि आप सीएम साहब से लिखा लाओ कि पुलिस को गाड़ियों की चेकिंग करने का अधिकार नहीं है, हम रोड पर खड़े होना बंद कर देंगे। इतने पर बीजेपी विधायक बिफर पड़े, उन्होंने कहा, कि हम सभी को जेल में डाल दीजिए तो महिला पुलिस अफसर ने कहा कि आप लोग अगर वैसा काम करेंगे तो जेल भी चले जाएंगे। 

ये यूपी में महिला पुलिस के साथ नेताओं की अभद्रता का पहला मामला नहीं है। इसके पहले अभी हाल ही में गोरखपुर में महिला आईपीएस ऑफिसर चारू निगम से भी बीजेपी के ही विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने अभद्रता पूर्वक बात की थी।

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