सेहत से नो समझौता, स्वाद भी लाजवाब....'द ग्रीन स्नैक्स'

द ग्रीन स्नैक, ब्रेकफास्ट को बनाए और भी हेल्दियर

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खानपान को लेकर लोगों की जो सबसे बड़ी चिंता होती है वो ये कि आखिर नाश्ते में क्या सेहतमंद खाना खाया जाए। यहां तक कि खाने को लेकर छोटी से छोटी बातों का ख्याल रखने और व्यायाम पर ध्यान रखने के बावजूद दो खानों के बीच में जो भूख लगती है, वो हमेशा ही एक चुनौती होती है। अपने वजन के मुद्दे पर करीब ढाई दशक का वक्त खर्च करने और हर रोज नियम मुताबिक खाना खाने की नाकाम कोशिशों के बाद द ग्रीन स्नैक कंपनी की संस्थापक जैसमीन कौर जान चुकी थीं कि अपनी बेहतरी के लिए उन्हें अपनी जीवनशैली को बदलना ही होगा।

ये जैसमीन की जरुरत ही थी कि उन्हें नाश्ते में स्वादिष्ट और कुरकुरा खाने के साथ-साथ पोषक तत्व भी चाहिए, और इसी जरुरत ने द ग्रीन स्नैक कंपनी को जन्म दिया। वो कहती हैं, “बाजार में ऐसा कोई नाश्ता उपलब्ध नहीं था।” जल्दी ही उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपने उद्यम पर काम करने का फैसला किया। उन्होंने दुनिया भर में मौजूद विभिन्न सेहतमंद नाश्ते की तलाश शुरू की। इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि पत्तेदार गोभी एक शानदार आइटम है।

उन्होंने तय किया कि वो गोभी की सब्जी को कुछ चटपटे ढंग से बनाएंगी। जैसमीन कहती हैं, “जब नाश्ते की बात आती है, तो भारतीय ग्राहकों की सोच और उनके स्वाद को लेकर मैं थोड़ा संशकित हो जाती हूं।”

सेहतमंद नाश्ता तैयार करना

हालांकि, जैसमीन तब काफी हैरान रह गईं जब उनके प्रोडक्ट को ग्राहकों का जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला। वो बताती हैं कि बहुत लोग गोभी के बारे में जानते थे और वे इसे भारत में एक नाश्ते के तौर पर लॉन्च होने का इंतजार कर रहे थे। जैसमीन ने कहा, “यहां तक कि हमलोग सिर्फ नमूने के तौर पर लोगों को गोभी से तैयार नाश्ता दे रहे थे, लेकिन लोग फिर भी इसे दोबारा लेने के लिए वापस स्टॉल पर आ रहे थे। तब मैंने तय किया कि मैं इस क्षेत्र में गंभीरता से काम करूंगी।”

द ग्रीन स्नैक कंपनी की शुरुआत गोभी चिप्स के तीन अलग-अलग स्वाद के साथ हुई थी, जिसे मुंबई के अलग-अलग खाने के स्टॉल्स पर बेचे जाते थे। जैसमीन ने बताया कि इससे खुदरा विक्रेताओं, भोजनालय, ऑनलाइन फूड साइट्स, खाने के समीक्षकों और ब्लॉगर्स का ध्यान आकर्षित हुआ। जैसमीन ने आगे बताया, “हमारे लिए सबसे बड़ा दिन इस प्रोडक्ट के लॉन्च के दो महीने बाद आया। हमें रूचिकर खाना खाने वालों के लिए मक्का कहे जाने वाले फूडहॉल से फोन कॉल आई और हमें हमारे प्रोडक्ट को उनके यहां पेश करने का प्रस्ताव मिला। हमारे कारोबार के लिए ये निर्णायक वक्त था।”

प्रक्रिया

द ग्रीन स्नैक कंपनी और गोभी के चिप्स के साथ टीम ने बिलकुल नए सिरे से शुरू करने का फैसला किया। टीम ने पुनर्विचार किया, विश्लेषण किया और फिर उन सब चीजों को दोबारा तैयार किया जो वो स्वास्थ्य, खाने और पोषण के बारे में जानते थे। जैसमीन ने बताया कि द ग्रीन स्नैक कंपनी को लॉन्च करने के पीछे सोच ये थी कि इसके माध्यम से लोगों को पोषक, स्वास्थ्यपरक और स्वादिष्ट नाश्ता मुहैया कराया जाए जो ऐसी चीजों से बना हो जो आपकी सेहत के लिए वाकई में ठीक हो। इन्हें ताजा और प्राकृतिक चीजों से तैयार किया जाता है, और इनमें अतिरिक्त चीनी, संरक्षकों, योजकों के साथ एमएसजी का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता है।

चिप्स बनाने के लिए उपकरणों को अमेरिका से आयात किया गया है और इसे बनाने के लिए वही प्रक्रिया अपनाई गई है जो आज पूरी दुनिया में अपनाई जाती है। आज कंपनी पांच सदस्यों की टीम है, जबकि जैसमीन ने शुरुआत अकेले ही की थी। वो बताती हैं, “स्टार्टअप के सफर में मेरे पति एक चट्टान की तरह मेरे साथ रहे हैं।” टीम के ज्यादातर सदस्यों के पास दूसरे स्टार्टअप्स में काम करने का अनुभव था और वे एक ऐसा ब्रांड और प्रोडक्ट बनाने के लिए काफी जुनूनी थे जो वाकई देश में एक सेहतमंद नाश्ते की जरुरत को पूरा कर सके।

चुनौतियां

वैसे तो कोई भी स्टार्टअप बिना चुनौतियों के नहीं बनता है। जैसमीन के मुताबिक उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती सही लोगों को साथ लाने की थी। ऐसे लोग जो इस कारोबार के लिए एक ही तरह की सोच और जुनून रखते हों और स्टार्टअप के माहौल में काम करने को तैयार हों, ये भी कम बड़ी चुनौती नहीं थी।

जैसमीन कहती हैं, “एक और बड़ी चुनौती ग्राहकों को समझाना कि दरअसल अब तक वे जिसे सही मानते थे, वो सेहतमंद नहीं है। इस सफर के दौरान हमने देखा कि न सिर्फ ग्राहकों को उनके लिए क्या सही है और क्या गलत, इसे लेकर गलत सूचनाएं दी गई हैं बल्कि वो किसी भी तरह का अनाप-शनाप भोजन ग्रहण करने को तैयार हैं, जो कि असल में लंबे समय में उनके लिए काफी नुकसानदेह भी साबित हो सकता है।”

जैसमीन कौर, द ग्रीन स्नैक की संस्थापक
जैसमीन कौर, द ग्रीन स्नैक की संस्थापक

बाजार

द ग्रीन स्नैक कंपनी ने कुछ महीने पहले गोभी चिप्स को लॉन्च किया है और ये मुंबई, दिल्ली और पुणे के 40 से ज्यादा खुदरा और स्वादिष्ट खाने के स्टोर्स पर उपलब्ध है। इनके अलावा, ये 10 से ज्यादा रुचिकर खाने की वेबसाइट्स पर भी मौजूद है और इसने कुछ कैफे और रेस्टोरेंट से भी करार किया है। पिछले तीन महीने में इनकी बिक्री में तीन गुणा का इजाफा हुआ है और टीम हर महीने 15 पीओएस जोड़ रही है।

आज ग्राहक आमतौर पर सेहत को लेकर काफी सचेत हो गए हैं। आज बाजार में योगा बार्स और वालेंसिया ड्रिंक्स सरीखे कई तरह के स्वास्थ्यपरक नाश्ता और सेहतमंद पेय मौजूद हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि स्वस्थ खाने का बाजार करीब 22,500 करोड़ रुपये का है और इसका सीएजीआर 20% का है। जैसमीन बताती हैं, “अभी जो एक चलन देखा जा सकता है वो सेहत और जीवनसैली की चिंताओं के प्रति सुरक्षात्मक बनाम निवारक जैसा है। इसकी वजह से उम्मीद है कि बाजार में क्रियात्मक, पोषक और वैल्यू-एडेड खाने की मांग बढ़ेगी।” हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेहतमंद नाश्ते का बाजार ज्यादा विकसित है और वहां विकल्प और ब्रांड भी ज्यादा हैं।

द ग्रीन स्नैक कंपनी भारत में सेहतमंद नाश्ते को मुख्यधारा में शामिल करना चाहती है। टीम की योजना स्वादिष्ट और सेहतमंद नाश्ते के विकल्पों को बाजार में पेश करने की है। इसके साथ ही ये भविष्य में अपने प्रोडक्ट को मेट्रो और छोटे मेट्रो शहरों के सभी खाना बेचने वाले प्रमुख खुदरा विक्रेताओं के पास उपलब्ध कराना चाहती है।

जैसमीन ये कहते हुए खत्म करती हैं, “फिलहाल, योजना ये है कि हम एक मजबूत टीम बनाएं और उसे पीछे से अच्छा समर्थन मिले जिससे ब्रांड को दूसरे लक्षित बाजार तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इससे कंपनी को अपना कारोबार बढ़ाने में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही नाश्ते के बाजार में ये कंपनी ऐसे प्रोडक्ट पेश करेगी जो ग्राहकों के लिए सेहतमंद होने के साथ-साथ उनकी भलाई भी करेगा।”