AxisRooms ऑनलाइन होटलों को जोड़े, उनकी कमाई के रिकॉर्ड तोड़े

ऑफलाइन में भी है AxisRooms का दखल1.8 करोड़ रुपये से हुई थी AxisRooms की स्थापनासितंबर, 2013 में मिला 1 मिलियन डॉलर का निवेश

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उचित वितरण प्रणाली हास्पिटैलिटी उद्योग में एक असली चुनौती है। यही वजह है कि ये क्षेत्र ऑनलाइन और ऑफलाइन के विभिन्न माध्यमों से समझौता कर रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर अंतिम व्यक्ति तक उसकी सेवाएं पहुंच सके। हालांकि ये प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है और कई बार वितरण का सही माध्यम ना मिलने से, इंवेंटरी का इस्तेमाल नहीं हो पता इसमें नुकसान होटल मालिक का होता है।

AxisRooms ये तकनीक पर आधारित प्रबंधन प्रणाली का एक माध्यम है जो होटल उद्योग में वितरण प्रणाली को दूर करता है। ये इंवेंटरी का प्रबंधन करने के साथ सभी ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टलों के लिए मूल्य निर्धारण का काम करता है। ये इस बात का ध्यान रखता है कि होटल के बारे में ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन विवरण मिले। इस प्रणाली के इस्तेमाल से ना सिर्फ राजस्व में वृद्धि बल्कि समय की बचत का दावा किया जाता है। इनकी वितरण प्रणाली पूरी तरह से स्वचालित है ताकि होटलों की इंवेंटरी को बढ़ाया जा सके ताकि उनको मूल्य और संतुष्टि एक ही जगह पर मिले इसके लिए उनको अलग अलग जगह खाक छानने की जरूरत नहीं है।

AxisRooms के सह-संस्थापक और सीओओ रवि तनेजा के मुताबिक इस प्रक्रिया से कोई भी होटल मालिक बारहमासी वितरण की चुनौतियों का सामना कर सकता है। उनके पास डिमांड की पूरी जानकारी होती है और वो ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दे सकते हैं जिससे ग्राहकों पर उनका बढ़िया प्रभाव पड़ता है। इनके ग्राहक होटल, ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियां, ऑफलाइन माध्यम जैसे टूर ऑपरेटर और छोटे और मध्यम संस्थान हैं। इन लोगों का दावा है कि ग्राहकों की मिलने वाली प्रतिक्रिया अद्भुत है। AxisRooms लेनदेन में शुल्क मॉडल का अनुसरण करता है। ये शुल्क होटल से लिया जाता है।

एक होटल मालिक के रूप में रवि के पास अच्छा अनुभव है। एक ऑनलाइन वितरण कंपनी और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के काम ने उनको चुनौतियों का सामना करना सिखाया। इस अनुभव ने परेशानियों को समझने में उनकी मदद की फिर चाहे वो आपूर्तिकर्ताओं और खरीददारों की हो। रवि चाहते हैं कि AxisRooms इंवेंटरी वितरण की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र से जुड़े सभी खिलाड़ियों के लिए शानदार जगह बने।

AxisRooms का दावा है कि वो प्रबंधन प्रणाली के लिए एक प्रगतिशील प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है। इसके अलावा इसका कहना है कि इस क्षेत्र में कोई भी दूसरी कंपनी इसके आसपास नहीं ठहरती। ये एक स्व-वित्त पोषित संगठन है। जिस पर शुरूआत में 1.8 करोड़ रुपये इसकी स्थापना पर खर्च किये गये थे। इस पैसे का इस्तेमाल टीम को तैयार करने, उत्पाद को लांच करने और लेनदेन के लिये प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए किया गया। सितंबर, 2013 में इसे 1 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ। जिसका इस्तेमाल उत्पाद के विस्तार और बाजार में इसको बढ़ावा देने के लिए किया गया। कमरों के वितरण का काम में ना सिर्फ ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों बल्कि ऑफलाइन माध्यम का भी इसमें इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस क्षेत्र में दूसरे और भी खिलाड़ी है जो इसी तरह के ऑनलाइन वितरण मॉडल पर काम कर रहे हैं जैसे Maximojo, Rategain, Ratetiger और Siteminder लेकिन ये सब वितरण के लिए सिर्फ ऑनलाइन माध्यम पर निर्भर हैं। ऑफलाइन वितरण के क्षेत्र में वैश्विक वितरण प्रणाली मौजूद है जैसे Amadeus और Galileo लेकिन ये बहुत जटिल हैं बड़े बाजार के लिए। जाहिर है ऐसे में इनकी वितरण प्रणाली में लागत काफी ज्यादा होगी। इस प्रकार AxisRooms अकेले खिलाड़ी के रूप में खुद की स्थिति का दावा करता है जो होटलों को वितरण के क्षेत्र में उनके समर्थ के मुताबिक सब कुछ प्रदान करता है। रवि के मुताबिक "आज के दिन हम भारतीय बाजार की अगुवाई कर रहे हैं, प्रतियोगिता का सामना हमको भी करना पड़ता है लेकिन कोई भी मध्यम और छोटे होटलों के क्षेत्र में हमारी तरह सेवा करने में सक्षम नहीं है। क्योंकि हमारी टीम उनकी जरूरतों को समझती है। हम उनको सही दाम पर हर वो चीज देते हैं जो उनकी जरूरत की होती है।"

इस सेगमेंट में प्रमुख चुनौती ये है कि छोटे होटलों को सिस्टम के साथ तालमेल बैठाने के लिए काफी तैयार करना पड़ता है। बावजूद AxisRooms पिछले कुछ सालों से इस चुनौती को बखूबी अंजाम दे रहा है। इन लोगों का विश्वास है कि इनका उत्पाद किसी भी तरह की समस्या का हल कर सकता है ना कि वो लोग जो सिस्टम को सुधारने में लगे हुए हैं। ये उद्यम पिछले दो सालों के दौरान महीने दर महीने 7 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रहा है और आगे भी इसके यूं ही बढ़ने की उम्मीद है। अगले दो सालों के दौरान ये लोग अपने आप को 7000 हजार से ज्यादा होटल के साथ जुड़ने के तमन्ना रखते हैं इन लोगों को उम्मीद है कि इसके लिए इन लोगों को अपनी टीम के लिए 150 लोगों की जरूरत होगी।