'टीम ऐसी हो जिसके साथ पूरी जिंदगी काम कर सकें'

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‘यदि आपकी जिंदगी के सिर्फ 10 दिन शेष हैं तो ऐसे में क्या आप इन दिनों को उन लोगों के साथ बिताना चाहेंगे जिनका साथ आपको अच्छा नहीं लगता।’ यह कहना है फ्लिपकार्ट के चीफ स्टाफर निकेत देसाई का। 

औसत भारतीय की उम्र 24,564.5 दिन होती है, जिसमें से वह 10,000 दिन काम करते हुए बिताता है। निकेत कहते हैं कि ‘आप क्या काम करते हो और किसके साथ करते हो यह बहुत महत्वपूर्ण बातें हैं। आपके पास 10,000 दिन हैं और इन दिनों में क्या करना है इसका निर्णय आपको ही करना है।’

विविधता कुंजी है

निकेत ने अपने स्टार्टअप पंच्‍ड का उदाहरण दिया। उन्होंंने बताया कि वर्ष 2008-2009 में सिलिकन वैली से शुरू किए इस स्टार्टअप में वि‍विध प्रकार के लोग एक साथ काम कर रहे थे। वह कहते हैं कि ‘एक बेहतरीन टीम वह होती है जिसके सदस्य एक दूसरे के कौशल के पूरक होते हैं। पंच्‍ड में हम तीन संस्थापक थे, जिनमें हरेक के पास अद्वितीय क्षमता थी जिसका उपयोग स्टार्टअप में किया गया।’ पंच्‍ड को बाद में गूगल ने अधिग्रहित कर लिया, जब गूगल का वॉलेट प्रोजेक्ट चल रहा था। वर्ष 2013 में पंच्‍ड ने काम करना बंद कर दिया, लेकिन निकेत को इसका बिलकुल भी दुख नहीं है क्योंकि इस स्टार्टअप से उन्हें एक ऐसी टीम मिली जिसकी दोस्ती आज भी जारी है।

विशिष्ट टीम बनाएँ

निकेत कहते हैं, ‘हमें एक विशिष्ट टीम बनानी चाहिए। ये टीम चाहे दुनिया न बदल सके, लेकिन उसके बारे में अंदाजा ज़रूर लगा सकती है।’ उन्होंने संस्थापकों के बीच मजबूत टीम क्षमता की जरूरत पर ज़ोर दिया। उनका विश्वास है कि किसी भी टीम को बनाने से पहले यह महत्‍वपूर्ण सवाल किया जाना जरूरी है, ‘चाहे जो हो जाए क्या आप इन लोगों के साथ 10,000 दिन काम कर सकोगे?’ निकेत बेहतरीन टीम के उदाहरण के लिए गूगल का नाम लेते हैं। इस कंपनी को शुरू करने वाली टीम 17 वर्षों से एक साथ है।

साधारण से असाधारण

निकेत बताते हैं कि ‘ऐसे लोगों को चुनो जिनके बारे में आप जानते हो कि वे महान कार्य कर सकते हैं, क्योंकि हर कोई आम व्यक्ति की तरह ही शुरुआत करता है लेकिन अनुभव उसे असाधारण व्यक्ति बनाता है।’ उन्होंने अपना भाषण संस्थापकों से यह कहते हुए खत्म किया कि उन्हें जल्दी से तय करना चाहिए कि उन्हेंं 10,000 दिन किस के साथ बिताने हैं।

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