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भारतीय ग्राहकों में वित्तीय योजना निर्माण और साक्षरता के लिहाज से दिलचस्प

वित्तीय साक्षरता और जागरूकता को बढ़ावा देने की कोशिश

फिन 10 स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड है जो व्यक्तिगत वित्त संबंधी अनेक विषयों पर आपको सलाह देती है

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जब सुनयना को बिना बीमा बीमारी के भारी भरकम खर्चे से जूझना पड़ा और परिणामस्वरुप उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया तो उनके मन में विचार आया, "अपनी वित्तीय स्थिति का बेतहर प्रबंधन कैसे करूं?" उन्होंने कुछ शोधकार्य शुरू किया। जब अधिक गहराई से उन्होंने तलाश शुरू की तो उन्हें भारत में वित्तीय लापरवाही का उतना ही अधिक अनुभव हुआ। यह फिंका का आरंभ बिंदु था - वित्तीय साक्षरता और जागरूकता को बढ़ावा देने तथा वित्तीय नियोजन के जरिए लोगों की मदद करने वाली कंपनी का।

फिंका (वित्तीय प्रश्नोत्तर का संक्षिप्त रूप) एक शुल्क आधारित वित्तीय सलाहदाता और समाधानकर्ता कंपनी है। फिन.कॉम एक वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम है जो फिंका के सारे ग्राहकों के लिए बतौर पूरक है।

"हमलोग काम करना शुरू करने वाले नए लोगों (1500 रु. में कर बचाने वाली निवेश योजना) से लेकर संपन्न व्यक्तियों तक - अनेक प्रकार के व्यक्तियों के लिए व्यक्तिगत वित्तीय समाधान उपलब्ध कराते हैं," सह-संस्थापक अभीक प्रसाद कहते हैं।

फिंका अभी अंकुर कपूर और अभीक के नेतृत्व में संचालित हो रही है। अंकुर CFA और CFP वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं और सलाह तथा प्रबंधन का काम देखते हैं। वह दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं और मैक्किंस्की, अमेरीप्राइस और E&Y में उनका 10 वर्षों से भी अधिक का अनुभव रहा है।

अभीक प्रौद्योगिकी और विपणन का काम देखते हैं। वह दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज और लखनऊ IIM के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं और कॉग्निजेंट, लोवे लिंटास और TCS के साथ काम करने का उनका 10 वर्षों से भी अधिक का अनुभव रहा है।

दोनों ने काम की शुरुआत शुद्ध रूप से फाइनांसियल प्लानिंग के लिए की थी लेकिन समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि अधिकांश लोगों के साथ एक बुनियादी समस्या है : "अपने पैसे का मैं कहां निवेश करूं?"

"नवयुवकों-नवयुवतियों की सेवानिवृत्ति या अतिरिक्त योजना निर्माण सेवाओं में भी दिलचस्पी नहीं थी। इसलिए सभी के लिए एक समाधान देने की जगह हमलोगों ने इसे काफी किफायती दर वाले विभिन्न मॉड्यूल में तोड़ दिया ताकि लोग चुन सकें कि उन्हें क्या चाहिए, जैसे कोई मासिक बचत निवेश योजना, आजीवन आयोजन, कर संबंधी प्लानिंग आदि," अंकुर बताते हैं।

कॉर्पोरेट कार्यशालाओं के दौरान उनलोगों ने पाया कि अनेक युवा कर्मचारी वित्तीय मामलों में लगभग ‘असाक्षर’ हैं। वे अपने पैसों का प्रबंधन तो करना चाहते थे लेकिन वे आम तौर अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों के अधकचरे सलाहों पर विश्वास करते थे और इस मामले में कोई अच्छा काम नहीं कर रहे थे। उनके टनों सवाल भी थे।

"पूर्वाग्रहरहित जानकारी उपलब्ध कराने की इस जरूरत को स्पष्ट और आसान तरीके से पूरी करने के लिए हमलोगों ने फिन10.कॉम की शुरुआत की। यह स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड है और व्यक्तिगत वित्त संबंधी अनेक विषयों पर इसमें अनेक आलेख मौजूद हैं," अभीक बताते हैं।

फिन10.कॉम के पीछे का विचार सिर्फ ईमेल के जरिए रोज भेजने जाने वाले पाठों पर सिर्फ 10 मिनट समय रोज देने वाले लोगों को वित्तीय साक्षर बनाना था। इसीलिए इसके fin10.com नाम पर स्वीकृति हुई। .com और .in दोनो डोमेन उपलब्ध थे लेकिन व्यापक रिकॉल के लिहाज से .com ही रखना चुना गया।

भारतीय ग्राहकों में वित्तीय योजना निर्माण और साक्षरता के लिहाज से दिलचस्प समझ

पूरे गत वर्ष के दौरान दोनो को भारतीय ग्राहकों के मन-मिजाज की मूल्यवान जानकारी हासिल हुई। अभीक और अंकुर ने उन्हें इस रूप में लिखा है :

  • भारत में कोई वित्तीय सलाह के लिए भुगतान नहीं किया करता है। लोग हर तरह से इसके मुफ्त होने की आशा करते हैं। शुरू में हमलोगों ने सोचा लोग ‘कंजूस’ हैं लेकिन बाद में महसूस हुआ कि लोग वित्तीय सलाह के लिए भुगतान करने के अभ्यस्त इसलिए नहीं हैं कि उनसे पहले किसी ने ऐसा करने के लिए कहा ही नहीं। पूरा खुदरा वित्तीय उद्योग कमीशन के आधार पर काम करता है और सारे एजेंट उन्हें सलाह देने की आड़ में अपने उत्पाद बेचते हैं।
  • ‘हर कोई ‘संपन्न’ होना चाहता है लेकिन बहुत कम लोगों के सामने इसका ठोस लक्ष्य होता है कि वे इसके लिए क्या करेंगे। (इसके बारे में सोचें। क्या आपको मालूम है कि कल आपको अगर 10 करोड़ डॉलर मिल जाए तो आप क्या करेंगे?)
  • जब वित्तीय फैसले लेने की बात आती है तो लोग बहुत कतरब्योंत करते हैं। सप्ताहांत की छुट्टी पर 20 हजार रुपए खर्च करने पर उन्हें अफसोस नहीं होता लेकिन वित्तीय प्लानिंग के लिए भुगतान करने के पहले लोग लाखों बार सोचते हैं।
  • बहुत सारे लोग इस मानसिकता के हैं कि रकम का निवेश करते समय सोचते हैं कि वे उसे ‘खर्च’ कर रहे हैं। इसीलिए वे उसे सावधिक जमा में रखते हैं।
  • अधिकांश लोग वर्षांत में सक्रिय हो जाते हैं जब उन्हें कर बचाने के मकसद से 1.5 लाख रुपए का निवेश दिखाना होता है। इसकी परिणति जल्दबाजी में कर बचाने के लिए कोई उत्पाद खरीदने में होती है।

"इन सारी जानकारियों को पाकर हमलोगों ने अपने समाधानों का ढांचा तैयार किया ताकि लोग पहले जान सकें कि वे अपनी रकम का निवेश क्यों कर रहे हैं और उसका निवेश कैसे और कहां किया जाएगा। इसके कारण काफी स्पष्टता रहती है और ग्राहकों का अनुभव काफी अच्छा रहता है," अंकुर बताते हैं।

उनलोगों ने फिनप्लान नामक अकेले उत्पाद से अपना काम शुरू किया जो व्यक्तियों के लिए व्यक्तिकृत वित्तीय योजना थी। हालांकि खर्च के ढांचे और लाभों के बारे में कम जागरूकता के कारण इसका परिणाम अच्छा नहीं रहा। महीनों तक माथापच्ची करने के बाद दोनो ने फिनप्लान के कंटेंट को अलग-अगल मॉड्यूल में बांट दिया। अब पूर्ण वित्तीय योजना की जगह लोग अपनी खास जरूरतों के लिहाज से समाधानों के लिए साइन अप कर सकते हैं।

कुछ मॉड्यूल निम्नलिखित हैं :

मासिक बचत निवेश योजना - 1500 रु.; वैसे लोगों के लिए उपयोगी जिनकी मासिक बचत रकम निवेश करने की जगह बैंक में पड़ी रहती है।

कर निवेश बचत योजना - 1500 रु.; वैसे लोगों के लिए उपयोगी जो कर भुगतान के दायरे में आते हैं और उनके लिए हर महीने निवेश की अनुशंसा की जा सकती है।

निवेश सलाह योजना - 4000 रु. या अधिक; वैसे लोगों के लिए उपयोगी जिनके पास एकमुश्त रकम आती है या बोनस मिलता है और उन्हें पता नहीं होता है कि उसका क्या किया जाय।

लाइफ इवेंट्स प्लान - प्रत्येक के लिए 2500 रु.; वैसे लोगों के लिए उपयोगी जो घर खरीदने, उच्च शिक्षा के लिए जाने अंतर्राष्ट्रीय अवकाश पर जाने आदि की याजना बना रहे हैं।

"हमलोग वित्तीय उत्पादों के लिाए ऑनलाइन मार्केटप्लेस बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं जहां लोग अपनी इच्छानुसार कोई वित्तीय उत्पाद खरीद सकें," अभीक कहते हैं।

वे लोग स्टॉक, विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फंड और बांड खरीदने में भी सहयोग देते हैं। इसके अतिरिक्त, दोनो विभिन्न कॉर्पोरेट और शैक्षिक संस्थानों में भौतिक कार्यशालाएं भी चलाते हैं।

फिंका के लिए अभी भी शुरुआती दौर है।

"हमलोगों को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलती दिख रही है। हमलोग बाजार के बड़े हिस्से को लक्ष्य कर रहे हैं जिन्हें कोई मौजूदा प्रतिष्ठान सेवा नहीं देते हैं। और अगर अधिक लोग एक ही प्रकार की सेवाएं देते हैं, तो यह संपूर्ण बाजार के लिए अच्छा होगा क्योंकि इससे ग्राहकों का आधार बड़ा होता जाएगा," वह निष्कर्ष रूप में बतलाते हैं।

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