ओडिशा में शिशु मृत्युदर में आई कमी, जागरुकता फैलाने का काम जारी...

ओडिशा के कोरापुट में शिशु मृत्युदर में कमी2015 में प्रति 1000 में से सिर्फ 48 शिशुओं की मौत2009 में प्रति 1000 में से 65 शिशुओं की मौत हुई थी

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पीटीआई


राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन लागू होने के बाद से आदिवासी बहुल कोरापुट जिले में शिशु मृत्युदर :आईएमआर: में कमी दर्ज की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि जिला कल्याण विभाग :डीएसडब्ल्यू: को ग्रामीण इलाकों में गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सामान मुहैया कराने और उनमें जागरूकता फैलाने का काम सौंपा गया था।

जिला चिकित्सकीय अधिकारियों के पास उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में 2015 में प्रति 1000 में से 48 शिशुओं की मौत हुई जबकि 2009 में प्रति 1000 में से 65 शिशुओं की मौत हुई थी।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार आईएमआर को नीचे लाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत बड़ी राशि खर्च करती है। स्वास्थ्य केंद्रों में कम संख्या में प्रसव और सुरक्षित मातृत्व को लेकर गर्भवती महिलाओं के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए जमीनी स्तर के कर्मियों की उदासीनता आईएमआर का मुख्य कारण है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘ हालांकि एमआईआर में कमी आई है लेकिन उत्साहित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह केवल सरकारी आंकड़ा है क्योंकि मरीजों की जन्म एवं मृत्यु दर को उचित तरीके से दर्ज नहीं किए जाने के कारण सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं है।

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