भारत की यह कंपनी बनाती है इस्राइल पुलिस की वर्दी, फिलिपीन्स आर्मी का भी मिला काम

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पुलिस अधिकारियों को मैरियन के कपड़े इतने पसंद आए कि उन्होंने सीधे उन्हें ड्रेस बनाने का ऑर्डर दे दिया। अब यह भारतीय अपैरल मैन्यूफैक्चरर इस्राइल पुलिस के लिए सालाना एक लाख शर्ट्स तैयार करता है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
 इसके पहले मैरियन इज्राइल पुलिस के लिए शर्ट्स और ट्राउजर्स दोनों बनाती थी, लेकिन इस बार एक चाइनीज कंपनी को यह ठेका मिल गया। इसलिए अब मैरियन को सिर्फ बनाने की जिम्मेदारी मिली है।

करीब साढ़े तीन साल पहले की बात है, इज्राइल पुलिस का एक कमांडर और लेजी ऑफिसर उत्तरी केरल के कपड़ों की मार्केट में घूम रहे थे। दरअसल उन्हें अपने सैनिकों के लिए वर्दी चाहिए थी जो मजबूत, आरामदायक और टिकाऊ भी हो। वे मैरियन अपैरल के ऑफिस जा पहुंचे जो कि पहले से ही वर्दी बनाने के लिए मशहूर है। दोनों पुलिस अधिकारियों को मैरियन के कपड़े इतने पसंद आए कि उन्होंने सीधे उन्हें ड्रेस बनाने का ऑर्डर दे दिया। अब यह भारतीय अपैरल मैन्यूफैक्चरर इस्राइल पुलिस के लिए सालाना एक लाख शर्ट्स तैयार करता है।

उत्तरी केरल के कन्नूर जिले में स्थित मैरियन अपैरल के एमडी थॉमस ऑलिकल कहते हैं, 'इज्राइल पुलिस टीम के अधिकारी पांच दिन तक यहां रहे और उन्होंने कपड़ों को काफी बारीकी से देखा। कुछ हफ्ते बाद उन्होंने हमें वर्दी बनाने की मजूरी दे दी।' इसके पहले मैरियन इज्राइल पुलिस के लिए शर्ट्स और ट्राउजर्स दोनों बनाती थी, लेकिन इस बार एक चाइनीज कंपनी को यह ठेका मिल गया। इसलिए अब मैरियन को सिर्फ बनाने की जिम्मेदारी मिली है।

इतना ही नहीं मैरियन कुवैत के नेशनल गार्ड और फायर सर्विस के कर्मचारियों के लिए भी ड्रेस तैयार करती है।। मैरियन कंपनी में लगभग 900 कर्मचारी काम करते हैं। थॉमस ने बताया, 'डेढ़ महीने पहले हमने कुवैत फायर सर्विस के लिए वर्दियां तैयार करने का काम कर दिया है और हमने एक कंटेनर माल भेज भी दिया है। वहीं नेशनल गार्ड के लिए वर्दी बनाने का काम नवंबर में शुरू होगा।' इतना ही नहीं मैरियन को फिलीपीन्स की सेना के लिए भी वर्दी बनाने का काम मिला है। यह काम अगले महीने से शुरू होगा।

वर्दी के अलावा थॉमस की फर्म मैरियन यूके, जर्मनी, कतर और सऊदी अरब के हेल्थ वर्कर्स के लिए भी ड्रेस बनाने का काम करती है। थॉमस कहते हैं, 'दोहा में हमाद मेडिकल कॉर्पोरेशन और तीन अन्य अस्पतालों के कर्मचारी हमारी बनी हुई वर्दी पहनते हैं। इन अस्पताल में किंग फैसल अस्पताल, रियाद भी शामिल है।' दुनियाभर में इन दिनों वर्दी में सूती की जगह पॉलिस्टर रेशे से बने कपड़ों का चलन बढ़ा है। कुवैत की फायर सर्विस के कर्मचारी पॉली वूल से बने कपड़े पहनते हैं, जो कि पॉलिस्टर और ऊन का मिश्रण होता है। वहीं इस्राइल पुलिस के लिए जो वर्दी बनती है उसमें इस्तेमाल होने वाला कपड़ा, अमेरिका से आयात होता है।

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