अंगूठा बना बैंक! मोदी ने लॉन्च किया भीम एप... 

'भीम' एक सरल एप है, जिसका इस्तेमाल स्मार्टफोन या फीचर फोन के जरिए भुगतान के लेनदेन में किया जायेगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आधार कार्ड आधारित मोबाइल पेमेंट एप भीम (भारत इंटरफेस फॉर मनी) लॉन्च किया कर दिया है और देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा, कि अब आपका अंगूठा ही आपका बैंक है। मोदी ने देश की जनता से नये साल से डिजिटल मुद्रा अपनाने का आह्वान करते हुए घोषणा की है, कि बायोमीट्रिक पहचान (अंगूठा निशानी) के जरिए धन के भुगतान की सुविधा सप्ताह में शुरू कर दी जाएगी जिसको आधार प्रणाली के जरिए लागू किया जाएगा। मोदी ने देश में डिजिटल मुद्रा को बढावा देने के लिए आयोजित डिजिधन मेले में कहा कि डेबिट व क्रेडिट कार्ड तथा ई-वालेट के जरिए भुगतान के बाद प्रस्तावित नयी प्रणाली में केवल अंगूठे के निशान से ही भुगतान या लेन देने किया जा सकेगा। इसके लिए उपयोक्ताओं के बैंक खाते को आधार गेटवे से जोड़ा जाएगा।

भीम एप का नाम भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पी भीम राव अंबेडकर के नाम पर रखा गया है। 

मोदी इस मौके पर नोटबंदी का विरोध कर रहे अपने राजनीतिक विरोधियों की चुटकी लेने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश की संपत्ति को खाने वाले ‘चूहों’ को पकड़ना था। प्रधानमंत्री ने हालांकि अपने संबोधन में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन यह स्पष्ट रूप से नोटबंदी का विरोध कर रहे विपक्ष पर केंद्रित था। मोदी ने कहा कि एक नये स्वदेशी भुगतान एप ‘भीम‘ का नाम भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पी भीम राव अंबेडकर के नाम पर रखा गया है।

भीम एप की मदद से इंटरनेट के बिना भी पमेंट किया जा सकेगा। लेनदेन का रिकॉर्ड मोबाइल में होगा, जिसे दिखाकर बैंकों से तुरंत लोन लिया जा सकेगा।

भारत इंटरफेस फोर मनी (भीम) एप का खुलासा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सरल एप है जिसका इस्तेमाल स्मार्टफोन या फीचर फोन के जरिए भुगतान के लेनदेन में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसका ‘भीम’ नाम समाज के वंचितों, शोषितोंपिछड़े तबके के उत्थान के लिए बाबा भीम राव अंबेडकर के योगदान को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री ने डॉ. अंबेडकर की अर्थव्यवस्था की समझ को याद करते हुए कहा कि इस एप के जरिए भारत रत्न भीम राव अंबेडकर का नाम भारत की अर्थव्यवस्था के केंद्र में आ जाएगा। वह दिन दूर नहीं जबकि लोग अपना सारा कारोबार इस एप के जरिए कर रहे होंगे। अंगूठे के निशान पर आधारित और आधार से जुड़ी भुगतान प्रणाली के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार इसके सुरक्षा पहलुओं पर काम कर रही है और इसे दो सप्ताह में पेश कर दिया जाएगा।

भीम एप को स्मार्ट फोन पर डाइनलोड करना होगा। यह एक बायोमेट्रिक रीडर से जुड़ा होगा, जो 2000 रुपये का है। ग्राहक एप में अपना आधार नंबर और बैंक का नाम डालेंगे और इसके बाद बायोमेट्रिक स्कैन का पासवर्ड के रूप में इस्तेमाल करके उपभोक्ता भुगतान कर सकेंगे। 

मोदी ने कहा एक जमाना था जब अनपढ़ को अंगूठा छाप कहा जाता था लेकिन अब वक्त बदल चुका है जबकि प्रौद्योगिकी के बल पर उपयोक्ता का अंगूठा ही उसका बैंक, उसका कारोबार, उसकी पहचान बन जाएगा। देश के 100 करोड़ से अधिक लोगों को आधार मिल चुका है। देश में 100 करोड़ से अधिक मोबाइल हैं और जब यह देश डिजिटल हो जाएगा तो इतिहास रच देगा

प्रौद्योगिकी समाज के सबसे गरीब तबकों, छोटे व्यापारियों व सीमांत किसानों को सक्षम व ताकवर बनाती है : नरेंद्र मोदी

कांग्रेस पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नोटबंदी के बाद चर्चा इस बात की हो रही है कि व्यवस्था में कितने पैसे वापस आए जबकि पहले इस बात की चर्चा होती थी कि कोयला और 2जी घोटालों से कितने का नुकसान हुआ। ‘डिजिधन मेला’ पर एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की इस टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा कि नोटबंदी से काले धन के मामले में पहाड़ को खोदने पर सिर्फ चुहिया निकली। मोदी ने कहा कि चूहा निकालना जरूरी है, क्योंकि यह गरीबों की संपत्ति हजम करता है। तीन साल पहले खबरों में चर्चा यह होती थी कि घोटालों में कितने पैसे गए । अब बात इस पर होती है कि कितने वापस आए। यही अंतर है। लोग और देश वही हैं, लेकिन अब वे यह बात करते हैं कि कितना आया।’ गौरतलब है कि यूपीए का शासन काल कोयला ब्लॉक आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम की बिक्री जैसे घोटालों, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ, के कारण विवाद में रहा था। मोदी ने कहा कि एक नेता ने नोटबंदी अभियान को खोदा पहाड़ निकली चुहिया करार दिया था। मैं उस चूहे को निकालना चाहता हूं क्योंकि वह गरीबों की संपत्ति ही तो हजम कर रहा है और हम उस पर तेज गति से काम कर रहे हैं। 

उधर दूसरी तरफ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसे दलित विचारक भीमराव अंबेडकर को ‘सच्ची श्रद्धांजलि’ बताते हुये कहा, कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज शुरू किया गया स्वदेशी डिजिटल भुगतान एप्लीकेशन ‘भीम’ से किसान, छोटे व्यापारी और गरीब सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि एप्लीकेशन से लोगों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और 2017 में यह देश को एक उपहार होगा जिससे लोग बिना इंटरनेट के भी भुगतान करने में सक्षम होंगे। इस एप्लीकेशन से छोटे व्यापारी, किसान, गरीब और आदिवासी सशक्त होंगे। आगामी वर्ष 2017 में यह देश को एक तोहफा है। यह बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को एक सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने अपना जीवन दलित और दबे-कुचले लोगों को आगे बढ़ाने के लिए अर्पित कर दिया। इस तकनीक से बिना इंटरनेट के भी भुगतान किया जा सकेगा।'

साथ ही शाह ने दोहरे कराधान से बचाव की संधि (डीटीएए) में संशोधन के लिये सिंगापुर के साथ भारत द्वारा किये गए समझौते की आज प्रशंसा की और कहा कि देश में कालेधन पर नियंत्रण के लिए नोटबंदी जैसे कदम के बाद यह विदेश में कालेधन पर अंकुश की खातिर मोदी सरकार के प्रयास को रेखांकित करता है। ऐसे में जब 2016 समाप्त होने को है, यह वर्ष कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के मामले में कई तरह से ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने डीटीएए संशोधित करने के लिए मॉरिशस और साइप्रस के साथ किये गए ऐसे ही समझौतों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘स्विस बैंकों में रखे कालेधन के बारे में सूचना साझा करने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने स्विट्जरलैंड के साथ संशोधित डीटीएए लागू करने का प्रयास किया और कई देशों के साथ ऐसे समझौते किये। ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरूण जेटली के अथक प्रयासों के चलते हुआ है, कि भारत को भारतीयों और भारतीय संस्थानों द्वारा किये गए निवेशों के बारे में वास्तविक समय पर सूचना 2019 से मिलनी शुरू हो जाएगी।