देशभर के 54,000 पेट्रोल पंपों की हड़ताल, 13 अक्टूबर को रहेंगे बंद

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पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने 13 अक्टूबर को पेट्रोल पंप के बंद होने का ऐलान करे हुए पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने और बेहतर मार्जिन दिये जाने की मांग की है। 

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाए जाने की मांग भी की गई है। क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमत में हर दिन बढ़ोत्तरी वाले सिस्टम से आम लोग ही नहीं पेट्रोल पंप मालिकों को भी मुश्किल हो रही है। 

देश के सबसे बड़े फ्यूल रीटेलर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा है कि वह रोज बदलने वाले दामों को पेट्रोल पंप पर एलईडी के माध्यम से दिखाएगा। इसके अलावा टोल फ्री नंबर, सोशल मीडिया, ऐप और एसएमएस के जरिए भी इसकी जानकारी मिलेगी।

अगर आपके पास गाड़ी है तो पहले से ही उसमें तेल भरवाकर रख लीजीए। नहीं तो 13 अक्टूबर को देशभर के 54,000 पेट्रोल पंप 24 घंटे के लिए हड़ताल पर बंद रहेंगे। अपनी कई मांगों को लेकर सभी पेट्रोल पंप मालिक हड़ताल पर रहेंगे। इससे पहले जून में पेट्रोल पंप मालिकों ने डाइनैमिक प्राइसिंग से जुड़े मुद्दों को लेकर बंद का आह्वान किया था जिसके बाद सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आधी रात की बजाय सुबह 6 बजे बदलाव करने का फैसला किया था। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों वाले पेट्रोल पंप के अलावा प्राइवेट पेट्रोल पंप के मालिकों को भी हड़ताल पर जाने के लिए कहा गया था।

पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने 13 अक्टूबर को पेट्रोल पंप के बंदो होने का ऐलान करे हुए पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने और बेहतर मार्जिन दिये जाने की मांग की है। फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट उदय लोध ने कहा कि यह फैसला यूनाइटेड पेट्रोलियम फ्रंट की पहली मीटिंग में लिया गया। यह फ्रंट देशभर में पेट्रोल डीलर्स के तीन बड़े संगठनों को मिलाकर बनाया गया है। इनकी मांगों में ऑइल मार्केटिंग कंपनियों के साथ 4 नवंबर 2016 को हुए अग्रीमेंट को लागू कराना भी शामिल है। इसके अलावा संगठन मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस के तहत लगाए जा रहे गैरजरूरी जुर्माने को भी हटाने की मांग की जा रही है।   

वहीं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसमें दखल देने से इनकार कर दिया था। अगर पेट्रोल पंप मालिकों की मांगें मान ली जाएं तो ऐसे में 12 रुपये की राहत मिल जाएगी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेलों की कीमत में कमी के बावजूद पेट्रोल-डीजल के महंगे होने पर कांग्रेस भी सरकार की आलोचना कर चुकी है। पेट्रोल और डीजलों की कीमत में लगातार बढ़ोतत्तरी हो रही है जिससे इनके दाम उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं। उदय ने बताया कि यूनाइटेड फ्रंट ने रोज बदल रही कीमतों से उपभोक्ताओं और डीलर्स, दोनों को हो रहे नुकसान पर चिंता जाहिर की है। देश के सबसे बड़े फ्यूल रीटेलर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा है कि वह रोज बदलने वाले दामों को पेट्रोल पंप पर एलईडी के माध्यम से दिखाएगा। इसके अलावा टोल फ्री नंबर, सोशल मीडिया, ऐप और एसएमएस के जरिए भी इसकी जानकारी मिलेगी।

इसके अलावा पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी के तहत लाए जाने की मांग भी की गई है। क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमत में हर दिन बढ़ोत्तरी और रोज प्राइज सेटिंग के सिस्टम से आम लोग ही नहीं पेट्रोल पंप मालिकों को भी मुश्किल हो रही है। उदय ने कहा कि पहले 13 अक्टूबर को देशभर के पेट्रोल/डीजल पंपों पर खरीद-बिक्री नहीं होगी। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार उनकी मांग को ठुकरा देगी तो 27 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल की जाएगी। जिसका सीधा असर देश के आम आदमी पर होगा।

आपको बता दें कि इस साल 16 जून से पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम में डेली डाइनैमिक प्राइसिंग लागू कर दी गई है। यानी पेट्रोल के दाम वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के हिसाब से रोज घटते बढ़ते हैं। तब से फ्यूल के दाम में उतार-चढ़ाव के बाद 13 सितंबर 2017 को दिल्ली में पेट्रोल 70.38 रुपये और डीजल 58.72 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए। वहीं जीएसटी लागू होने के बाद पेट्रोल-डीजल इस सिस्टम से बाहर हैं। इन पर केंद्र और राज्यों के अलग-अलग टैक्स अब भी लग रहे हैं। वहीं केंद्र में एनडीए की सरकार के आने के बाद से डीजल पर लागू एक्साइज ड्यूटी में 380% और पेट्रोल पर 120% की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। इन्हीं सब मांगों को लेकर पेट्रोल पंप मालिक हड़ताल करने जा रहे हैं।

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