आप फिटनेस को लेकर जुनूनी हैं...जगह और नए विकल्प देगा 'PlaynLive'

पेटीएम और एयरटेल के साथ काम कर चुके दो युवाओं नकुल कपूर और राहुल वाधवा की है खोजफिलहाल देश के पांच शहरों में फिटनेस और खेलों से जुड़ी 9000 से भी अधिक सुविधाओं के बारे में दे रहे हैं जानकारीउपयोगकर्ता इनके माध्यम से निजी प्रशिक्षक बुक करने के अलावा भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी उठा सकते हैंवीरेंद्र सहवाग एकेडमी और युवराज सिंह एकेडमी आॅफ एक्सीलेंस के साथ सफलतापूर्वक कर रहे हैं काम

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नकुल कपूर एक सक्रिय धावक और साइकिल चालक हैं और कई खेलों में हाथ आजमाने के बाद उन्होंने टेनिस के खेल की बारीकियां सीखने का मन बनाया। लेकिन जरूरत के समय इस खेल से संबंधित सुविधाओं और प्रशिक्षकों के बारे में आॅनलाइन जानकारी खोजने में इनके पसीने छूट गए और आखिरकार इनके हाथ मायूसी ही लगी। इनके एक और मित्र और सहसंस्थापक राहुल वाधवा अपना सप्ताहांत बास्केटबाॅल कोर्ट पर बिताना पसंद करते हैं। जब भी वे काम के सिलसिले में शहर से बाहर होते तो नए शहरों में बास्केटबाॅल कोर्ट और व्यायाम से संबंधित अन्य सुविधाओं को तलाशाना भी एक टेढ़ी खीर साबित होता था। दोनों ने अपनी इन परेशानियों से निबटने के लिये PlaynLive को शुरू किया।

नकुल कपूर और राहुल वाधवा
नकुल कपूर और राहुल वाधवा

PlaynLive है क्या?

PlaynLive एक ऐसा आॅनलाइन मंच है जिसकी सहायता से उपयोगकर्ता खेल, कोचिंग अकादमियों, खेल क्लबों के अलावा जिम और फिटनेस क्लबों जैसे खेल और स्वास्थ्य से संबंधित सुविधाओं की जानकारी लेने के अलावा बुकिंग भी कर सकते हैं। फिलहाल ये भारत के पाँच शहरों में सक्रिय रूप से संचालित हैं और उपयोगकर्ताओं को करीब 9000 सुविधाओं से संबंधित पते, तस्वीरें (अगर उपलब्ध हैं तो), संपर्कसूत्र के अलावा निःशुल्क परीक्षण बुकिंग विकल्पों के रूप में उपलब्ध सेवाओं से संबंधित विवरण उपलब्ध करवा रहे हैं।

ये करीब 25 खेलों और 50 से भी अधिक गतिविधियों को कवर कर रहे हैं और अपने उपयोगकर्ताओं के लिये दिल्ली में 40 गतिविधियों से भरपूर 250 से भी अधिक गतिविधयों तक पहुंच बनाने में मददगार एक ‘पास’ भी उपलब्ध करवा रहे हैं। ये अपने उपयोगकर्ताओं को योग के अलावा स्वास्थ्य, आत्मरक्षा इत्यादि के लिये निजी प्रशिक्षकों को बुक करने के अलावा पोषण और आहार विशेषज्ञों के लिये सत्र बुक करने की अनुमति प्रदान करने के अलावा उन्हें विभिन्न खेलों के लिये मैदान या कोर्ट बुक करवाने की भी अनुमति देता है।

अबतक ये अपनी इस ‘पास’ सेवा के लिये 100 से भी अधिक अनुरोध पा चुके हैं और इन प्रशिक्षकों के एक बीटा नेटवक को संचालित कर रहे हैं। नकुल कहते हैं, ‘‘हमारे इन मासिक पासों के साथ उपयोगकर्ता पांच शहरों के उन विभिन्न जिम का फायदा उठा सकते हैं जिनके साथ हमने करार कर रखा है। सिर्फ एक बंदिश है और वह यह है कि उपयोगकर्ता को अपने लिये सत्र को पूर्व में ही बुक करना पड़ता है।’’

अबतक का सफर

यह स्टार्टअप पूरी तरह से नकुल और राहुल के दिमाग की उपज है। नकुल ने वर्ष 2012 में दिल्ली के इंटरनेश्नल मैनेजमेंट इंस्टीटूट से स्नातक करने के बाद आॅक्सीजन सर्विसेज़ के साथ अपनी उत्पाद प्रबंधन की यात्रा का आगाज़ किया। इससे पहले वे दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल कर चुके थे। राहुल दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज काॅलेज से वाणिज्य में स्नातक करने के बाद भारती एयरटेल के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान इन दोनों ने पाया कि फिटने के प्रति उत्साही और इस क्षेत्र में सेवा प्रदान कर रहे दानों के सामने समान ही चुनौतियां हैं और फिटनेस केंद्रों और खेल सुविधाओं की ‘खोज’ और ‘बुकिंग’ एक बहुत बड़ी समस्या है। ऐसे में खेल और फिटनेस के प्रति प्रेम और जुनून इन दोनों को इस स्टार्टअप की स्थापना के लिये एक साथ ले आया।

नकुल मजाकिया लहजे में कहते हैं, ‘‘मैं PlaynLive का सहसंस्थापक होने के अलावा इसके सीईओ के क्लर्क के रूप में काम कर रहा हूँ। मेरी जिम्मेदारी आफिस के एयर कडीशनर के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ वेबसाइट और मोबाइल पर अपने अगले उत्पाद को लाने तक की है। मैं उपभोक्ता इंटरनेट उत्पादों को अपनाने में आगे रहता हूँ और PlaynLive को एक वैश्विक उपभोक्ता इंटरनेट कंपनी के रूप में स्थापित करना चाहता हूँ।’’
नकुल कपूर
नकुल कपूर

इससे पहले वे पेटीएम वाॅलेट का निर्माण करने वाली पेटीएम की उत्पाद प्रबंधन टीम के एक सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं।

बाजार और व्यापार माॅडल

कुल मिलाकर आछ लोगों की एक टीम द्वारा संचालित PlaynLive का दावा है कि इनके पास 10 हजार से भी अधिक सत्यापित लिस्टिंग है और बीते 3 महीनों के दौरान ये अपने साथ जुड़े व्यापारियों को 5 हजार से भी अधिक सेवाओं का मौका दे चुके हैं। प्रारंभ में इन्होंने सिर्फ वेब आधारित सेवा के रूप में काम करने के इरादे से बाजार में कदम रखा था लेकिन हाल के दिनों में अधिक लोगों तक अपनी पहुंच बनााने और चलते-चलते बुकिंग की सेवा को आसान करने के लिये इन्होंने उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिये एक मोबाइल एप्लीकेशन की भी शुरुआत की है।

फिलहाल इनका यह स्टार्टअप मुंहजुबानी और रेफरल के द्वारा की जाने वाले मार्केटिंग पर ही संचालित हो रहा है। ये अपने साझेदारों की सेवाओं का लाभ उठाने के लिये एक मासिक सदस्यता शुल्क वसूलते हैं और बी2बी माॅडल पर आगे बढ़ रहे हैं। नकुल आगे कहते हैं, ‘‘हमें इस बात का विश्वास है कि खेल और फिटनेस एक दूसरे के पूरक हैं और यही हमारी विशेषता भी है कि हम सिर्फ फिटनेस पर ध्यान न देते हुए खेल और ब्रांड पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मशहूर क्रिकेटर विरेंद्र सहवाग की एकेडमी हमारे सम्मानित उपभोक्ताओं में से एक है और इसके अलावा युवराज सिंह एकेडमी आॅफ एक्सीलेंस के साथ हम करार करने से पहले के परीक्षण काल से गुजर रहे हैं। हम उन्हें लिस्टिंग सेवाओं को प्रदान करने वाली जस्टडायल के मुकाबले अधिक बेहतर सुविधाएं प्रदान देने में सफल रहे और इसलिये उन्होंने हमारा चसन किया।’’

क्षेत्र का ब्यौरा

भारत में स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में समय के साथ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अब जब सरकार भी योग को लोकप्रिय करने के काम में लगी हुई है ऐसे में अधिक से अधिक लोग स्वस्थ और फिट रहने के प्रति जागरुक हो रहे हैं।

वर्ष 2013 में सामने आया क्लासपास अबतक चार दौर के निवेश के माध्यम से 54 मिलियन डाॅलर उठा चुका है। यह फिटनेस स्टूडियो के लिये मासिक सदस्यता प्रदान करता है और उपयोगकर्ताओं को व्यायाम की दिनचर्या तैयार करने में मदद करता है। भारत में फिटनेसपापा, जिमपिक और फिटरनिटी इस क्षेत्र के कुछ जानेमाने नाम हैं। इसके अलावा लोगों को घंटों के आधार पर जिम बुक करवाने की सेवाएं देने वाला जिमर भी इस क्षेत्र में तेजी से उभरता नाम है। इसके अलावा नकुल जस्टडायल जैसे लिस्टिंग मंचों के साथ भी अपनी सीधी प्रतिस्पर्धा मानते हैं।

अबतक सामने आई चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं

प्रारंभिक दौर में इन्हें अपने मंच के लिये लिस्टिंग की पुष्टि करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उस दौर में इन्हें अपने लिये जरूरी प्रत्येक जानकारी को पाने के लिये हर केंद्र सा सेवा के तीन से चार चक्कर काटने पड़े।

नकुल आगे कहते हैं, ‘‘हमें सबसे पहले दरबान फिर रिसेप्शनिस्ट, उसके बाद केयरटेकर और फिर आखिरकार हम लिस्टिंग को पुष्ट करने के लिये मालिक तक पहुंचने में सफल होते। अधिकतर मामलों में संचालक हमें तस्वीरें प्रदान करने में हिचकिचाहट खाते थे और सेवाओं का प्रयोग कर रहे लोगों को परेशान न करने के उद्देश्य से हमें भी तस्वीरें खींचने की इजाजत नहीं मिलती थी।’’

लेकिन इस टीम ने इस अवधारणा को समय के साथ बदलता पाया जब उन्होंने देखा कि उनके साथ जुड़ने वाले संस्थानों को अधिक उपभोक्ता मिलने लगे थे। इसके अलावा इन्हें यह भी महसूस हुआ कि इन्हें अपने मंच को अपटूडेट और प्रासंगिक रखने के लिये समय-समय पर ‘सफाई के चक्र’ का पालन भी करना बहुत जरूरी है।

PlaynLive ने फरवरी के महीने में अपने कुछ दोस्तों और पारिवारिक सदस्यों से प्रारंभिक दौर का निवेश हासिल किया और आने वाले दिनों में ये बड़े निवशकों से कुछ बड़ा निवेश पाने की उम्मीद लगाये हुए हैं। इसके अलावा आदे वाले दिनों में ये अपनी एक आईओएस एप्लीकेशन लाने की भी योजना बना रहे हैं।

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Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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