ट्रेन में सफर कर रहे लोगों की सेहत का ख्याल सिर्फ 1 रुपए में

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ट्रेन में सफर करना अब और अधिक सुविधा जनक होने वाला है। सेंट्रल रेलवे और 'मैजिक दिल' नाम की संस्था एक साथ मिलकर यात्रियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे। दोनों के संयुक्त प्रयासों से महाराष्ट्र के घाटकोपर रेलवे स्टेशन पर '1 रुपया क्लिनिक' की शुरुआत की गई है।

फोटो साभार: indiatoday
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1 रुपए में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने पर सहमति दे दी गई है और साथ ही भविष्य में इस तरह के 19 क्लिनिक खोलने का निर्णय लिया गया है।

1 रुपया क्लिनिक में ब्रांडेड दवाइयों पर 10 से 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा पैथोलॉजिकल टेस्ट 20 से 25 प्रतिशत तक की छूट के साथ करवा सकेंगे। त्वचा, आंख एवं ह्दय, मधुमेह और स्त्री रोग विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। अधिक सुविधाओं के लिए सरकारी अस्पतालों से बातचीत जारी है।

भारतीय रेलवे का नेटवर्क दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा और एशिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। भारत में रेल आम लोगों के लिए सबसे आसान यातायात का साधन है। रोजाना 80 लाख से अधिक मुसाफिर भारतीय रेलवे में सफर करते हैं और इसकी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। लाखों की संख्या में सफर करने वाले लोग अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी साथ लेकर चलते हैं। ये बीमारियां आसानी से किसी को भी फैल सकती हैं। सर्दी, जुकाम से लेकर टीबी जैसी बीमारियां इसमें शामिल हैं।

लेकिन रेल में सफर करने वाले लोगों के लिए अब एक खुशखबरी है, क्योंकि ट्रेन में सफर करना और अधिक सुविधाजनक होने वाला है। सेंट्रल रेलवे और 'मैजिक दिल' नाम की एक संस्था मिलकर अब यात्रियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे। दोनों के संयुक्त प्रयासों से महाराष्ट्र के घाटकोपर रेलवे स्टेशन पर '1 रुपया क्लिनिक' की शुरुआत की गई है। घाटकोपर रेलवे स्टेशन भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है। साथ ही अच्छी बात ये है, कि 1 रुपए में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने पर सहमति दे दी गई है। भविष्य में इसी तरह के 19 क्लिनिक खोलने का निर्णय भी लिया गया है। रेलवे इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन मुहैया करवाएगा। इससे यातयात करने वाले लाखों यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सेंट्रल रेलवे के पीआरओ नरेंद्र पाटिल ने दैनिक भास्कर (हिन्दी अखबार) को बताया है कि, 'इस क्लीनिक के तहत इमरजेंसी सेवाएं मरीजों को बिलकुल मुफ्त में उपलब्ध कराई जायेंगी। हालांकि ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को एक रुपये का पर्चा बनवाना होगा। मरीजों को दवाइयां क्लिनिक से ही दी जायेंगी। जिसमे जेनेरिक दवाइयां भी शामिल हैं।' 1 रुपया क्लिनिक में ब्रांडेड दवाइयों पर 10 से 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा पैथोलॉजिकल टेस्ट 20 से 25 प्रतिशत तक की छूट के साथ करवा सकेंगे। त्वचा, आंख एवं ह्दय, मधुमेह और स्त्री रोग विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। अधिक सुविधाओं के लिए सरकारी अस्पतालों से बातचीत जारी है।

सेंट्रल रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कि 'कुर्ला, घाटकोपर, मुलुंड, वडाला और दादर में एक-रुपए में इलाज करने वाले क्लिनिक के साथ आपातकालीन चिकित्सा कक्ष बनेंगे। वे 18 अन्य स्टेशनों पर ऐसे ही क्लीनिक कुछ महीनों में स्थापित करेंगे।'

सेंट्रल रेलवे की ये नई पहल सराहनीय है। अब रेल में सफर करते वक्त लोग कम परेशान होंगे। लोगों का विश्वास रेल सेवाओं पर और बढ़ेगा। ये क्लीनिक रेलवे और लोगों के बीच एक संबंध बढ़ाने वाले सेतु के रूप में काम करेगा, साथ ही घर से निकलने वाले लोगों के लिए उनके परिजनों की चिंता कम होगी।

-प्रज्ञा श्रीवास्तव

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