वैश्विक नवोन्मेष सूचकांक में सुधार के लिए बनेगा पैनल

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भारत ने आज वैश्विक नवोन्मेष सूचकांक (जीआईआई) की गणना की प्रणाली में संशोधन की वकालत की ताकि यह विकासशील देशों के हालात को परिलक्षित करने वाला हो।

वाणिज्य व उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण की यहां विश्व बौद्धिक संपदा संगठन :विपो: के महानिदेशक फ्रांसिस गुरी के साथ बैठक में यह मुद्दा उठा। बैठक में कई और मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्रालय के बयान में कहा है,‘ यह चर्चा हुई कि जीआईआर्ठ की गणना की प्रणाली के भी अध्ययन और इसमें उचित बदलाव की जरूरत है। इसके मानक विकासशील देशों की जरूरतों व हालात को परिलक्षित करने वाले होने चाहिए।’ उल्लेखनीय है कि जीआईआई 2016 की रपट में भारत की रैंकिंग 15 पायदान सुधरकर 66 रही थी। यह पिछले साल 81 थी।

भारत सरकार ने जीआईआई में सुधार के लिए एक पैनल के गठन का निर्णय लिया है। इस सूचकांक में भारत का स्थान वर्ष 2011 में  62 था।  2013 में यह 66 वें स्थान पर था, जबकि 2014 में 10 पायदान नीचे हो गया था। अब इस वर्ष इसकी स्थिति में सुधार हुआ है। 

 निर्मला सीतारामन ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि अगले वर्ष इसमें सुधार के लिए कुछ  महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिएँ। इसकी चुनौतियों की पहचान करने के लिए एक टीम की ज़रूरत है, ताकि वह सरकार को सही दिशा में काम करने के लिए सुझाव दे सके। -- पीटीआई


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