“शुभपूजा”, कार्य-पूजा के लिए सबकुछ उपलब्ध कराना, ध्यान-30 बिलियन डॉलर पर

पूजा और धार्मिक अनुष्ठान का करता है इंतजाम दिल्ली, एनसीआर में 100 से ज्यादा ग्राहकज्योतिष और वास्तु शास्त्र की वर्कशॉप आयोजित करता है “शुभपूजा”

0

भारतीय दो चीजों में दिल खोलकर पैसा खर्च करते हैं। पहला शादी और दूसरा धर्म पर। अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना। भारतीय कभी भी अपनी जिंदगी में इन दोनों चीजों पर पैसा खर्च करने पर संकोच नहीं करते। भारतीयों की इसी आदत को एक बड़े उद्यम तौर पर देखा सौम्या वर्धन ने। देश में शादी का बाजार पहले से ही काफी फलफूल रहा है तो दूसरी ओर लोगों के बीच फैली आध्यात्मिकता भी तेजी से एक आकर्षक बाजार बनते जा रही है।

दिल्ली की रहने वाली सौम्या वर्धन ने की कोशिशों का नतीजा है “शुभपूजा”। ये पोर्टल लोगों को एक धार्मिक मंच प्रदान करता है। इस माध्यम से विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोग विभिन्न मौको पर पूजा और धार्मिक अनुष्ठान करा सकते हैं। “शुभपूजा” की शुरूआत से पहले सौम्या केपीएमजी और लंदन में Ernst & Young कंपनी में संचालन और प्रौद्योगिकी सलाहकार के तौर पर काम कर रही थी। उन्होने इंग्लैंड के इंपिरियल कॉलेज से एमबीए किया। थोड़े वक्त तक यहां पर काम करने के बाद वो चाहती थी कि अपनी मिट्टी से जुड़ा जाए और अपनी कोशिशों से समाज को कुछ नया दिया जाए। सौम्या को “शुभपूजा” का ख्याल तब आया जब वो अपने एक दोस्त के गम में शरीक होने के लिए भारत आईं थीं। तब उनके दोस्त के पिता की मौत हो गई थी और उसको धार्मिक अनुष्ठान कराने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। सौम्या के मुताबिक यहां पर ऐसी कोई जगह नहीं थी जहां पर धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ी जानकारी मिल सके।

सौम्या वर्धन
सौम्या वर्धन

सौम्या की मेहनत और उनकी सोच ने जमीनी तौर पर काम करना शुरू किया और दिसंबर, 2013 में “शुभपूजा” की शुरूआत हो गई। अब तक इनके 100 से ज्यादा ग्राहक बन चुके हैं। कंपनी के पास 90 से ज्यादा पंड़ित, ज्योतिष, वास्तु सलाहकार दिल्ली और एनसीआर इलाके में हैं। अगर कोई ग्राहक किसी भी धार्मिक कार्य के लिए पंडित या वास्तु सलाहकार से आमने सामने बैठकर बात करना चाहे तो “शुभपूजा” उसका भी प्रबंध अपने ऑफिस या ग्राहक की बताई किसी जगह पर करता है। इसके अलावा विभिन्न प्रदर्शिनियों, छुट्टियों में होने वाले कार्निवल, दिवाली, नये साल आदि मौकों पर लोगों को अपने काम की जानकारी देते हैं। तो दूसरी ओर “शुभपूजा” ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र की वर्कशॉप भी आयोजित करते हैं। जिसमें आम लोगों के अलावा कई कॉरपोरेट से जुड़े लोग शामिल होते हैं।

“शुभपूजा” की टीम में 6 लोग हैं जो पोर्टल से जुड़ा सारा काम संभालते हैं। अब इनकी योजना अगले तीन से चार महिनों के दौरान अपने नेटवर्क दोगुना करने की है। भारत का आध्यात्मिक और धार्मिक बाजार करीब 30 बिलियन डॉलर से ज्यादा का है। फिलहाल बाजार में कई सफल उपक्रम काम कर रहे हैं जैसे ऑनलाइन प्रसाद और Proud Ummah जो इस्लाम से जुड़ा है। बावजूद इसके इस बाजार में दूसरों के लिए काफी गुंजाइश है बस जरूरत है आध्यात्मिक क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने की।