आ गया शुगरफ्री अमरूद, डायबिटीज मरीजों की बल्ले बल्ले

0

डायबिटीज के मरीजों के लिए 'थाई' वेरायटी का अमरूद वरदान बनकर दिल्ली और मुंबई के बाजारों में पहुंच गया है। यह थोक में लगभग पौने दो सौ और फुटकर में तीन सौ रुपए किलो तक बिक रहा है। वैज्ञानिकों और चिकित्सकों के परीक्षण में यह अमरूद मधुमेह मरीजों के लिए नुकसानदेह नहीं, चाहे जितना भी खाया जा सकता है।

थाई अमरूद
थाई अमरूद
वैज्ञानिकों का दावा है कि यह आजतक का सबसे अच्छी प्रजाति का अमरूद है। एक पेड़ से लगभग अस्सी किलो तक अमरूद मिल जा रहा है। एक-एक अमरूद का औसत वजन एक से सवा किलो तक हो जा रहा है। 

अगर पेड़ से ही कोई ऐसा मीठा फल मिलने लगे, जिसमें शुगर न हो, फिर तो डायबिटिक की बल्ले-बल्ले हो जाए। वैज्ञानिकों ने थाई वेरायटी के अमरूद के पेड़ से ऐसे फल मिलने का दावा किया है। इंदौर (म.प्र.) के एक किसान ने अपने खेत में ऐसे ढाई हजार पेड़ लगाए हैं, जिनसे शुगर फ्री अमरूद मिलेंगे। वैसे तो मधुमेह, डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को ज्यादातर मीठे फलों से परहेज करना होता है, डॉक्टर इनसे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का खतरा बताते हैं मगर कई फल ऐसे होते हैं, जिनमें ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाले तत्व जैसे विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर मौजूद होते हैं। इन फलों में पॉलीफेनोल नामक तत्व भी होता है, जो बल्ड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है।

विटामिन ए, कैल्शियम और आयरन से भरपूर सेब डायबिटिक में कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कम करता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। ऐसे लोगों के लिए ब्लूबेरी, रस बेरी और क्रैनबेरी, एवोकैडो आदि फल कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने के साथ ही हार्ट की प्रॉबल्म से बचाते हैं। खरबूजा डायबिटीज से संबंधित रेटिनोपैथी को मेंटेन रखता है। रेड ग्रेपफ्रूट कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स यानी हृदय रोग का खतरा कम कर देता है। टमाटर डायबिटिक के लिए में काफी फायदेमंद होता है। इसमें न केवल विटामिन सी और ए, बल्कि पोटैशियम और हार्ट-हैल्दी एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। कीवी खाने से ब्‍लड शुगर लेवल कम होता है। काली जामुन बहुत ही लाभकारी है। डॉक्‍टर से पूछकर अमरख भी खा सकते हैं। इसके अलावा अधपके अमरूद चैरी, आड़ू, अनानास, नाशपाती, अंजीर, संतरा, अंगूर, अनार का सेवन भी शुगर के पेशेंट कर सकते हैं लेकिन डॉक्टर से पूछ कर।

इंदौर (म.प्र.) के एक किसान के यहां शुगर फ्री अमरूद होने की खबर ने तो मधुमेह के रोगियों के चेहरे में अनकही मुस्कान बिखेर दी है। इस शुगर फ्री अमरूद के उत्पादन से साइंटिस्ट भी पूरी तरह से आश्वत हैं। शुगर के मरीजों को यह अमरूद खिलाकर इसका परीक्षण भी कराया जा चुका है। इसके स्वाद में भी कोई फर्क नहीं है। यह थाई नस्ल का अमरूद है जो वजन और आकार में सामान्य किस्म के अन्य अमरूदों से बड़ा होगा। वैज्ञानिकों का दावा है कि एक ही पेड़ पर शुगर फ्री और मीठे, दोनों तरह के अमरूद लगाए जा सकते हैं। जिले के जागरूक कृषक राजेश बग्गड़ ने अपने खेत में ऐसे अमरूद के लगभग ढाई हजार पौधे रोप कर बाकायदा इसका उत्पादन शुरू कर दिया है। यह अमरूद बाजार में पहुंच चुका है।

वैज्ञानिकों का दावा है कि यह आजतक का सबसे अच्छी प्रजाति का अमरूद है। एक पेड़ से लगभग अस्सी किलो तक अमरूद मिल जा रहा है। एक-एक अमरूद का औसत वजन एक से सवा किलो तक हो जा रहा है। इसकी एक फसल पांच-छह महीने में तैयार हो जाती है। यह अमरूद पेड़ से तोड़ने के बाद लगभग तीन सप्ताह तक ताजा बना रहता है। इस समय इसकी राजधानी दिल्ली और मुंबई महानगरों में थोक कीमत 185 रुपए और फुटकर में तीन सौ रुपए किलो तक है। कैंसररोधी इस प्रजाति के अमरूद में लाइकोपीन, क्वेरसेटिन, विटामिन सी और अन्य तत्व पाए जाते हैं, जिससे कैंसर का भी खतरा कम हो जाता है। यह अमरूद प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करता है और स्तन कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोक देता है।

इंदौर के किसान राजेश बग्गड़ बताते हैं कि एक पेड़ पर शुगर फ्री व मीठे, दोनों प्रकार के अमरूद लगाने के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है। जिन अमरूदों को शुगर फ्री बनाना होता है, उन्हें सूर्य की किरणों से बचाकर रखना होता है। इसके लिए वह सबसे पहले फोम का कवर लगाते हैं। दूसरी चरण में पॉलीथिन लगाते हैं, जिसका मुंह नीचे से कटा होता है। अंत में कागज या कागज के लिफाफे से ढंक देते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में एक से डेढ़ माह का समय लगता है। जब ये पक जाते हैं तो इन्हें तोड़कर अलग से रख लेते हैं। इस पर किसी प्रकार का दाग या धब्बा भी नहीं होता है। देखने में ये सामान्य अमरूद से सुंदर होते हैं, साथ ही इन पर किसी प्रकार के रसायन का प्रयोग भी नहीं किया जाता है। गौरतलब है कि डायबिटीज के मरीजों को अपने ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने के लिए अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखना होता है। इसके लिए सभी पोषक तत्व से युक्त समतोल आहार की उन्हें जरूरत होती है। डॉक्टर्स कह रहे हैं कि डायबिटीज के रोगी इस प्रजाति का अमरूद खूब खा सकते हैं, जबकि जामुन को छोड़कर अन्य तरह के फलों में मात्रा की पाबंदी होती है।

यह भी पढ़ें: साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये का बिजनेस एंपायर संभाल रहीं भारतीय मूल की निशिता शाह

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...

पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

Related Stories

Stories by जय प्रकाश जय