आपकी खूबसूरती को निखारने में लगी हैं डॉक्टर त्रसी

स्किन स्पेशलिस्ट हैं डॉक्टर त्रसी25 सालों का है अनुभवमुंबई में डॉक्टर त्रसी के 3 क्लिनिक

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लोग आजकल इस बात को लेकर सतर्क रहने लगे हैं कि वो कैसे ज्यादा सुंदर दिख सकते हैं। सुंदर दिखने के लिए बाजार में कई तरह के विकल्प मौजूद हैं। सर्जिकल से सुधार का जरिया भले ही हर किसी की पहुंच में ना हो बावजूद लोगों के पास ये एक अच्छा विकल्प है। खासतौर से उन लोगों के लिए जो ये सोचते हैं कि सुंदर दिखने के लिए उनके पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं है। सपनों के शहर मुंबई में ऐसे कई विशेषज्ञ मिल जाएंगे। जो अपने यहां आने वाले हर किसी को सुंदर बनने में मदद करते हैं।

डॉक्टर श्रीलता सुरेश त्रसी मुंबई की जानी मानी स्किन स्पेशलिस्ट हैं। जो पिछले 25 सालों से कई हस्तियों, राजनेताओं और जानेमाने लोगों को और सुंदर बनाने का काम कर रही हैं। बावजूद बहुत से लोग उनकी उद्यमशीलता की भावना से परिचित नहीं हैं। डॉक्टर श्रीलता त्रसी मुंबई के विभिन्न कॉलेजों जैसे नायर अस्पताल और राजावाड़ी अस्पताल में प्रोफेसर भी रह चुकी हैं। लेकिन 23 साल की उम्र में एक डेंटिस्ट से शादी होने के बाद उनकी जिंदगी में कई बदलाव आए।

डॉक्टर त्रसी के ससुर सम्मानित स्किन स्पेशलिस्ट थे और वो जाने माने लोगों को सलाह देने का काम करते थे। ये उस वक्त की बात है जब प्लॉस्टिक सर्जरी और बोटॉक्स के बारे में लोगों को कम जानकारी थी। शादी के बाद डॉक्टर त्रसी अक्सर अपने ससुर के क्लिनिक में जाया करती थी और एक इंटर्न के तौर पर वहां पर काम करती थी। इसके बाद एक कड़ी दूसरी कड़ी से जुड़ती गई और डॉक्टर त्रसी ने देखा कि उनका दिन ब दिन स्किन को लेकर रूझान बढ़ रहा है। डॉक्टर त्रसी का कहना है कि कॉलेज के दिनों में सिद्धांत और बुनियादी बातें अच्छी तरह याद रहती हैं लेकिन तब व्यावहारिक अनुभव की कमी होती है और वो इस अनुभव को जल्द से जल्द हासिल करना चाहती थीं। इसी दौरान उनको इस क्षेत्र से जुड़ा अपना कुछ नया काम करने का विचार आया।

डॉ शेफाली नेरुरकर और डॉक्टर श्रीलता सुरेश त्रसी (फोटो- नलिन सोलंकी )
डॉ शेफाली नेरुरकर और डॉक्टर श्रीलता सुरेश त्रसी (फोटो- नलिन सोलंकी )

डॉक्टर त्रसी ने अपनी इंटर्नशिप के दौरान 1982 में पेंसिल्वेनिया का दौरा किया और वहां जाकर सौंदर्य और उससे जुड़ी चीजों का अध्ययन किया। जब वो वापस आईं तो उन्होने नायर अस्पताल में त्वाचा की सर्जरी का काम शुरू किया। उनका दावा है कि उन्होने ही देश में सबसे पहले बोटॉक्स तकनीक का इस्तेमाल किया। अब तक अपने ससुर के साथ काम कर रही डॉक्टर त्रसी ने साल 1988 में अकेले ही अपना काम शुरू करने का फैसला लिया। उन्होने विभिन्न तरह की सर्जरी, मुंहासों से छुटकारा पाने की तकनीक का इस्तेमाल अपने क्लिनिक में शुरू किया।

विभिन्न तकनीक और उनके काम की सफाई की चर्चा जल्द ही शहर के दूसरे कोनों में भी होनी शुरू हो गई। यही कारण है कि आज मुंबई जैसे शहर में उनके 3 क्लिनिक चल रहे हैं। इसके अलावा वो रामकृष्म मिशन के अस्पताल और आशा पारेख के अस्पताल में नियमित रूप से जाती हैं। डॉक्टर त्रसी इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया जैसे संगठनों से भी जुड़ी हुई हैं। आज के दौर में सुंदरता का कारोबार काफी आकर्षक हो गया है। यही वजह है कि काफी सारे लोग इस क्षेत्र में आने का मौका तलाश रहे हैं ताकि वो जल्द से जल्द पैसा बना सकें। डॉक्टर त्रसी का कहना है कि बहुत सारे लोग बिना योग्यता के अपने आपको स्किन स्पेशलिस्ट बताते हैं। ऐसे में जब ग्राहक डॉक्टर त्रसी को बोलते हैं कि उनकी सेवाएं बहुत महंगी हैं तो उनका जवाब होता है कि वो दूसरों के पास जा सकती हैं और अगर कुछ गलत होता है तो उनके पास लौट सकती हैं। डॉक्टर त्रसी का कहना है कि उनके लिये सबसे बड़ी चुनौती ही यही है कि दूसरों की पैदा की समस्याएं उनको दूर करनी पड़ती हैं।

डॉक्टर त्रसी की मदद फिलहाल उनकी बेटी डॉ शेफाली नेरुरकर करती हैं जिन्होने स्किन के क्षेत्र में एमडी की पढ़ाई पूरी की है। डॉ शेफाली अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी की स्किन डॉक्टर हैं। हालांकि डॉ शेफाली नेरुरकर स्त्री रोग विशेषज्ञ या दंत चिकित्सक भी बन सकती थी क्योंकि इस क्षेत्र में उनके परिवार के सदस्यों को विशेषज्ञता हासिल हैं लेकिन शेफाली ने त्वचा के क्षेत्र में अपने करियर को सवांरने का फैसला लिया क्योंकि उनका मानना है कि ये काफी चुनौतीपूर्ण काम है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में लगातार नई तकनीक सामने आ रही है जो इस क्षेत्र को और ज्यादा मजेदार बनाता है। डॉक्टर त्रसी को अपनी बेटी पर काफी फक्र है। जिसने दूसरे विकल्पों की जगह त्वचा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सोचा। उनका कहना है कि शेफाली बचपन से ही काफी आज्ञाकारी बेटी रही है।

अपने बचपन की यादों का जिक्र करते हुए डॉक्टर शैफाली बताती है कि वो अपनी मां को हर वक्त काम में व्यस्त देखती थी। कई बार शैफाली को उनकी गैरमौजूदगी काफी खलती थी खासतौर से स्कूल के वार्षिक उत्सव के दौरान लेकिन वो अपने दिल को ये कहकर मना लेती थी कि उनकी मां काफी महत्वपूर्ण काम कर रही हैं। डॉक्टर शैफाली ‘डॉक्टर त्रसी’ को एक कॉरपोरेटर ब्रांड बनाना चाहती हैं। उनका मानना है कि ऐसा कर वो ज्यादा से ज्यादा मरीजों की सेवा कर सकती है।

हालांकि एक चीज जिसे मां और बेटी हमेशा दूर रहते हैं और वो हैं कॉस्मेटिक या ब्यूटी ब्रांडों के साथ गठजोड़। डॉक्टर त्रसी का मानना है कि डॉक्टरों के लिए ऐसा करना ठीक नहीं है कि वो किसी खास उत्पाद को सही बताये। बाजार में कई तरह के कॉस्मेटिक सामान हैं जिनको वो जरूरत पड़ने पर अपने मरीजों को इस्तेमाल करने की सलाह भी देती हैं। लेकिन वो कभी ये नहीं कहती कि फलां उत्पाद दूसरे से ज्यादा बेहतर है। डॉक्टर त्रसी का मानना है कि नैतिकता और सिद्धांत किसी के भी पेशे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर त्रसी और उनकी बेटी डॉक्टर शैफाली इन चीजों का हर वक्त पालन करते हैं।

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