गौतम गंभीर की मदद पर शहीद की बेटी ने कहा, थैंक्यू सर अब डॉक्टर बन पाऊंगी

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दक्षिण कश्मीर के डीआईजी एसपी पाणि ने जोहरा की तस्वीर शेयर करते हुए एक भावुक संदेश लिखा था। यह संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। 

बाएं जोहरा की तस्वीर और दाएं गौतम गंभीर
बाएं जोहरा की तस्वीर और दाएं गौतम गंभीर
28 अगस्त की शाम असिस्टैंट सब इंसपेक्टर अब्दुल राशिद अपनी ड्यूटी पूरी करके वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अनंतनाग के के पास घात लगाकर बैठे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। इस हादसे में राशिद शहीद हो गए थे।

जोहरा ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती है और उसके इस सपने को साकार करने की जिम्मेदारी अब गौतम गंभीर निभाएंगे। इससे वह काफी खुश है।

भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले में शहीद ASI अब्दुल राशिद की बेटी जोहरा की पढ़ाई का खर्च उठाने का जिम्मा लिया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। अपने ट्वीट में गौतम ने कहा, 'जोहरा प्लीज इन आंसुओं को जमीन पर ना गिरने दो, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि धरती मां भी इस दर्द का बोझ उठा सकती है, तुम्हारे शहीद पिता एएसआई अब्दुल राशिद को सलाम।' गंभीर की इस घोषणा के बाद ज़ोहरा ने उनका शुक्रिया अदा किया है और कहा है कि इससे उसका डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो सकेगा।

पिछले माह 28 अगस्त की शाम असिस्टैंट सब इंसपेक्टर अब्दुल राशिद अपनी ड्यूटी पूरी करके वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अनंतनाग के मेंहदी कदाल के पास घात लगाकर बैठे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। इस हादसे में राशिद शहीद हो गए थे। इसके बाद राशिद के अंतिम संस्कार के वक्त की एक तस्वीर वायरल हुई थी जिसमें जोहरा के रोते हुए चेहरे ने सबको झकझोर कर रख दिया था। सोशल मीडिया पर लोग बच्ची ज़ोहरा के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे थे।

दक्षिण कश्मीर के डीआईजी एसपी पाणि ने जोहरा की तस्वीर शेयर करते हुए एक भावुक संदेश लिखा था। यह संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। बच्ची के नाम संदेश जारी करते हुए डीआईजी ने लिखा था, ‘मेरी प्रिय ज़ोहरा, आपके आंसुओं ने हमारे दिलों को झकझोर दिया है। आपके पिता के द्वारा दिया गया बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। आप इसे समझने के लिए भी बहुत छोटी हैं कि ऐसा क्यों हुआ। इस तरह की हिंसा के लिए जिम्मेदार लोग जिन्होंने राज्य के प्रतीकों पर अटैक किया है, वे पागल हैं और इंसानियत के दुश्मन हैं।’

जोहरा ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती है और उसके इस सपने को साकार करने की जिम्मेदारी अब गौतम गंभीर निभाएंगे। गौतम के ट्वीट के बाद जोहरा ने कहा, 'मैं गौतम सर का मदद के लिए शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।' पांच साल की जोहरा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं और मेरा परिवार गौतम सर की मदद का भरोसा पाकर बेहद खुश हैं। मैं पढ़ना चाहती हूं और एक दिन डॉक्टर भी बनना चाहती हूं।'

इसके पहले गौतम गंभीर ने सुकमा नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के परिवारों की मदद की घोषणा की थी। उन्होंने शहीद 25 जवानों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने का ऐलान भी किया था। गौतम गंभीर एक फाउंडेशन चलाते हैं। जिसके जरिए वह समय-समय पर समाजसेवा के काम भी करते रहते हैं। उन्होंने कहा था कि गौतम गंभीर फाउंडेशन हमले में शहीद सभी सैनिकों के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करेगा।

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