रेस्टोरेंट और शादी पार्टियों से बचे खाने को जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए एनजीओ ने लॉन्च किया ई-व्हीकल

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इस एनजीओ ने हाल ही में दिल्ली में एक ई-व्हीकल लॉन्च किया है जो बड़े-बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स और मैरिज हॉल से बचा हुआ खाना लाकर गरीबों को खिला देता है।

तस्वीर साभार-  फीडिंग इंडिया
तस्वीर साभार-  फीडिंग इंडिया
इसे विश्व भुखमरी दिवस पर लॉन्च किया गया था, जिसका नाम 'दिल्ली की जान' रखा गया है। इसे दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जाने वाले कनॉट प्लेस स्थित शेल्टर बाल सहयोग से रवाना किया गया। इस मौके पर शेल्टर के 130 बच्चों को ब्रेकफास्ट और लन्च खिलाया गया।

भारत विभिन्नताओं का देश जरूर है लेकिन यहां असमानता भी चरम पर है। एक तरफ देश में न जाने कितने गरीब आसानी से दो वक्त की रोटी नहीं जुटा पाते वहीं दूसरी तरफ बड़े-बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में न जाने कितना खाना रोजाना बर्बाद होता है। इस गैरबराबरी को कम करने और भूखों का पेट भरने के लिए ही फीडिंग इंडिया जैसा एनजीओ दिल्ली में काम कर रहा है। इस एनजीओ ने हाल ही में दिल्ली में एक ई-व्हीकल लॉन्च किया है जो बड़े-बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स और मैरिज हॉल से बचा हुआ खाना लाकर गरीबों को खिला देता है।

इसे विश्व भुखमरी दिवस पर लॉन्च किया गया था, जिसका नाम 'दिल्ली की जान' रखा गया है। इसे दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जाने वाले कनॉट प्लेस स्थित शेल्टर बाल सहयोग से रवाना किया गया। इस मौके पर शेल्टर के 130 बच्चों को ब्रेकफास्ट और लन्च खिलाया गया। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए फीडिंग इंडिया की कॉ-फाउंडर सृष्टि जैन ने ऐसे शेल्टर्स में खाना पहुंचाने के पीछे चैलेंज के बारे में बताया। उन्होंने कहा, 'आमतौर पर बचे हुए खाने को कैब या निजी वाहन से ले जाया जाता है। लेकिन कई बार खाना इतना ज्यादा होता है कि उसे लाना मुश्किल हो जाता है। शादी के दिनों में अक्सर ऐसा होता है।'

फीडिंग इंडिया की शुरुआत 2012 में हुई थी। आज इस संगठन से 300 से भी ज्यादा लोग जुड़ गए हैं जो कि होटल और वेडिंग हॉल्स से शेल्टर तक खाना पहुंचाने में मदद करते हैं। शेल्टर्स में अधिकतर लोग बेसहारा, गरीब, विकलांग और बच्चे होते हैं। इस ई-व्हीकल को एलानप्रो ने डोनेट किया है। इसमें 9,000 लीटर का फ्रिज वाला स्टोरेज बॉक्स लगा हुआ है। इस वजह से अब खाना लाने में काफी आसानी होगी। फीडिंग इंडिया का लक्ष्य है कि रोजाना कम से कम 800 भूखे लोगों का पेट भरा जा सके।

हालांकि अभी ये सिर्फ दक्षिणी दिल्ली में ही उपलब्ध रहेगा, लेकिन फीडिंग इंडिया का लक्ष्य इसे और भी इलाकों तक ले जाना है। खाने से जुड़े बिजनेस को कवर करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हंग्री फॉरएवर के मुताबिक बहुत जल्द ही यह वाहन एनसीआर के कई अन्य इलाकों में भी उपलब्ध रहेगा। एक इंटरव्यू में फीडिंग इंडिया के को- फाउंडर अंकित कावत्रा ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह पहल सुनिश्चित करेगी कि राजधानी में कोई गरीब भूखे न सोए। अंकित को उनके काम के लिए 2017 में यंग लीडर्स अवॉर्ड मिल चुका है।

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