विश्व के सबसे बड़े ओपन इनोवेशन मॉडल ‘स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2019’ का शुभारंभ

0

एसआईएच-2019 हमारे जीवन में आने वाली कुछ गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों को एक मंच मुहैया करवाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल है। इससे नवाचार की संस्कृति तथा समस्या समाधान की मानसिकता विकसित होती है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2017 ने भारत के 29 केंद्रीय मंत्रालयों से प्राप्त समस्या विवरणियों का अवलोकन किया। 20 परियोजनाओं को परामर्श दिया गया और उन्हें सृजनात्मक रूप से तैयार किया गया। वे अब संबंधित मंत्रालयों को सौंपे जाने तथा नियोजित किये जाने के लिए तैयार हैं।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने बुधवार को नई दिल्ली में विश्व के सबसे बड़े ओपन इनोवेशन मॉडल के तृतीय संस्करण– ‘स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2019’ का शुभारंभ किया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, एआईसीटीई, परसिस्टेंट सिस्टमस तथा आई4सी अपनी अत्यधिक लोकप्रिय एवं नवीन ‘स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन’ पहल (एसआईएच) के साथ हैट्रिक बनाने के लिए एकजुट हुए हैं। एसआईएच-2019 हमारे जीवन में आने वाली कुछ गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों को एक मंच मुहैया करवाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल है। इससे नवाचार की संस्कृति तथा समस्या समाधान की मानसिकता विकसित होती है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि एसआईएच-2019 के इस नए संस्करण में लगभग 3000 संस्थानों से एक लाख से भी अधिक छात्रों को सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों तथा केंद्रीय मंत्रालयों के आड़े आने वाली चुनौतियों पर काम करने का अवसर मिलेगा। इसमें पहली बार उद्योगों एवं गैर सरकारी संगठनों के समस्या-विवरण भी शामिल किये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि जहां विद्यार्थियों को विश्व के कुछ शीर्ष संगठनों के लिए विश्वस्तरीय समाधान निकालने का अवसर प्राप्त होगा वहीं संगठनों को प्रतिभाशाली मस्तिष्कों से संपर्क करने तथा इनके नियोजन के लिए ब्रांड बनाने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि आईआईएसीज, आईआईटीज, एनआईटीज और एआईसीटीई/यूजीसी से अनुमोदन प्राप्त संस्थानों के विद्यार्थियों को समस्या समाधान की सृजनात्मक प्रतिस्पर्धा में बैठने तथा तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

मंत्री महोदय ने यह भी बताया कि अपनी पूर्व कड़ी की तरह ही स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन-2019 के दो उप संस्करण – सॉफ्टवेयर संस्करण (36 घंटे का सॉफ्टवेयर उत्पाद विकास प्रतिस्पर्धा) तथा हार्डवेयर संस्करण (5 दिन की लंबी अवधि की हार्डवेयर उत्पाद विकास प्रतिस्पर्धा) होंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के संगठन तथा गैर सरकारी संगठन भी कम लागत पर अपनी समस्याओं के नवीन समाधानों के लिए एसआईएच-2019 में शामिल हो सकते हैं।

एसआईएच में शामिल होने के कुछ अन्य लाभ निम्न हैं:

अपने संगठन को राष्ट्रीय ब्रांड का बनाने के अवसर

भारत में सभी तकनीकी संस्थानों में संगठन की मान्यता और दृश्यता

पूरे भारत वर्ष के युवा तकनीशियन द्वारा आपकी समस्याओं के अभिनव समाधान

विश्व के सबसे बड़े खुले नवाचार आंदोलन में भागीदारी

देश की कुछ सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं के साथ काम करने का अवसर

पूरे भारत में प्रौद्योगिकी छात्रों द्वारा सृजनात्मक रूप से समस्याओं के समाधान हेतु प्रतिस्पर्धा और तकनीकी समाधान प्रस्तुत करना।

आईआईएसीज, आईआईटीज, एनआईटीज और एआईसीटीई/यूजीसी से अनुमोदन-प्राप्त संस्थानों के लाखों विद्यार्थियों का विशेषज्ञता दोहन

डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे, अध्यक्ष अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद तथा अध्यक्ष, स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन-2019 ने कहा, ‘एसआईएच ट्रेंड स्थापित करती रही है। एसआईएच-2017 तथा एसआईच-2018 की सफलता के उपरांत हमें इसके तृतीय संस्करण – स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन-2019 की शुरूआत करने में अत्यधिक प्रसन्नता हो रही है। पिछले दो वर्ष में विद्यार्थियों को सरकारी विभागों की समस्यों को हल करने का अवसर मिला, इस बार उन्हें निजी संगठनों से भी समस्या विवरणियां मिल रही हैं। इससे उन्हें नियोजन तथा उद्यमिता के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।’

मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सचिव श्री आर. सुब्रहमण्यम ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि विश्व का सबसे बड़ा ओपन इनोवेशन मॉडल – स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2019 निजी क्षेत्र के संगठनों के साथ अपना विजयी अभियान चलाएगा। आशा है कि सभी तकनीकी छात्र इस अद्भुत अवसर का लाभ उठायेंगे और एसआईएच-2019 को पूरी तरह से सफल बनायेंगे।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सीआईओ, डॉ. अभय जेरे ने कहा, ‘स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2019 से हम पहली बार सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र के संगठनों और गैर सरकारी संगठनों से उनकी समस्या विवरणियों में हाथ बंटाने के लिए संपर्क कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि पूरे भारत से अत्यधिक अभिनव समाधान प्राप्त करने के लिए लगभग 200 से अधिक ऐसे संगठन हमारे साथ आयेंगे, जो युवा प्रतिभागियों के समक्ष चुनौती प्रस्तुत करेंगे।’ इससे पूर्व इस अभिनव के 2 संस्करण अत्यधिक सफल रहे थे। स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2017 तथा स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2018 की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं नीचे दी गई हैं:

स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2017 ने भारत के 29 केंद्रीय मंत्रालयों से प्राप्त समस्या विवरणियों का अवलोकन किया। 20 परियोजनाओं को परामर्श दिया गया और उन्हें सृजनात्मक रूप से तैयार किया गया। वे अब संबंधित मंत्रालयों को सौंपे जाने तथा नियोजित किये जाने के लिए तैयार हैं।

स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन -2018 स्मार्ट इंडिया ने 27 केंद्रीय मंत्रालयों और 17 राज्य सरकारों को जोड़ा। पहली बार विशेष हार्डवेयर संस्करण की शुरूआत की। मंत्रालय अब 2000 से भी अधिक विजयी टीमों (सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों संस्करणों के अंतर्गत) के कुछ सर्वश्रेष्ठ विचारों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया में हैं तथा परामर्श एवं समग्र समाधान तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। ये स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन 2018 की संक्षिप्त झलक है।

यह भी पढ़ें: ड्यूटी के वक्त गरीब बच्चों को पढ़ाने वाले देहरादून के एटीएम गार्ड को वीवीएस लक्ष्मण का सलाम

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...

Related Stories

Stories by yourstory हिन्दी